सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी रीवा / ASCO Rewa

  • Home
  • India
  • Rewa
  • सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी रीवा / ASCO Rewa

सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी रीवा / ASCO Rewa It's a MP government's office of formers welfare and agriculture department. कार्यालय सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी (सामान्य) उप संभाग रीवा मध्य प्रदेश

23/03/2022

स्वर्णिम दो साल, किसान मालामाल

🖊- श्री Kamal Patel मंत्री, किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास
---
#सुशासन की आठ प्रमुख विशेषताएँ हैं। यह आम सहमति, जवाबदेही, भागीदारी, पारदर्शी, उत्तरदायी, प्रभावी एवं कुशल, न्यायसंगत और समावेशी होने के साथ-साथ कानून के शासन का अनुसरण करता है। हमारा मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री Narendra Modi जी की सुशासित लोक-कल्याणकारी प्रबंधकीय अवधारणा को न केवल साकार करने के लिए कृत-संकल्पित है बल्कि विगत 2 वर्ष में फसल #उपार्जन, PMFBY, फसल हानि राहत, बिजली सब्सिडी आदि किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों के खातों में 1 लाख 72 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की गई। #मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan के मार्गदर्शन में #मध्यप्रदेश खुशहाल अन्नदाता के सपनों को भी बखूबी साकार कर रहा है।

ग्रामीण और कृषि अर्थ-व्यवस्था की मजबूत पहचान के साथ आगे बढ़ते मध्यप्रदेश में अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा कर स्वर्णिम इतिहास रच दिया गया है। कृषक समाज की खुशहाली के लिए बीते दो सालों में अभूतपूर्व कार्य और इंतजाम किए गए हैं। मध्यप्रदेश किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अंतर्गत किसानों से संबंधित केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के साथ राज्य की योजनाएँ जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू होने से अन्नदाताओं में हर्ष है।

केन्द्र प्रवर्तित योजनाएँ जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तिलहन, नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सबमिशन ऑन एग्रोफोरेस्ट्री, समर्थन मूल्य में फसल का उपार्जन का लाभ हमारे किसानों को भरपूर मिल रहा है। यही कारण है तिलहन, दलहन और धान की उपज और बिक्री में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की हैं।

मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के सर्वांगीण विकास और खुशहाली के लिए राज्य की योजनाएँ भी भलीभांति फलीभूत हो रही है। नलकूप खनन योजना, राष्ट्रीय बायोगैस योजना, कृषि शक्ति योजना, कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना, अन्नपूर्णा योजना, मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना बहुत ही प्रभावकारी साबित हुई है।

विगत दो साल में किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं से किसानों के खातों में एक लाख बहत्तर हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। फसल बीमा योजना में शामिल किसानों की संख्या साल 2002 की स्थिति में 15.23 लाख थी जो आज बढ़कर 65 लाख से अधिक हो गई है। इस साल 12 फरवरी को बैतूल के किसान महासम्मेलन में 49 लाख 85 किसानों के खातों में 7 हजार 618 करोड़ रूपये की फसल बीमा राशि सिंगल क्लिक से भेजी गई थी,आज तक पूरे देश में इतनी बड़ी राशि फसल बीमा के रूप में किसानों को एक साथ कभी नहीं दी गई। यह एक रिकार्ड है। इसके साथ सरकार संकट के समय किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही है। हमने गाँव-गाँव में सर्वे कराया, छुट्टी के दिन भी ऑफिस खुलवाया, किसानों की फसलों का बीमा कराया और पूरी ताकत लगाकर किसान भाई-बहनों को राहत राशि दिलवाई।

किसानों को 24 घंटे बिजली मिले, यह सुनिश्चित किया गया है, जिससे उन्हें पैदावार बढ़ाने में बड़ी मदद मिली है। हमारी सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए 15 हजार 7 सौ करोड़ रूपये से अधिक की बिजली सब्सिडी प्रतिवर्ष दी है। पिछले दो सालों में शून्य ब्याज दर पर किसानों को 29 हजार करोड़ रूपये से अधिक का ऋण दिया गया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं किसान-कल्याण योजना के माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये की निश्चित सहायता प्राप्त है। इन योजनाओं के अंतर्गत पिछले दो सालों में 76 लाख 53 हजार से अधिक किसानों के खातों में 15 हजार करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गई है।

किसान #आत्मनिर्भर बने इसके लिए उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण, पशुपालन एवं डेरी विकास, मछुआ कल्याण और सहकारिता आदि क्षेत्रों को खूब बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके परिणाम बेहद उत्साहवर्द्धक रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के लिए प्रदेश की 137 उद्यानिकी नर्सरियों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया। इसी तरह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत इस साल 75 करोड़ रूपये का व्यय कर उद्यानिकी फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने का काम किया गया है।

पशुपालन और डेरी विकास की कल्याणकारी योजनाओं से अन्नदाता बड़ी संख्या में लाभान्वित हो रहे हैं। गौ-शालाओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। गौ-शालाओं में रोजगारपरक कार्यक्रम बड़ी संख्या में संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें गौ-काष्ठ निर्माण, गौ- फिनाइल, जैविक खाद निर्माण, गौ-मूत्र औषधियाँ एवं गौ-शिल्प को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। इसी प्रकार मछुआ कल्याण के लिए संचालित की गई योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं और इससे अन्नदाताओं की आत्मनिर्भरता में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।

बहरहाल #आत्मनिर्भर_भारत, #मजबूत_भारत और #विश्वगुरु_भारत का सपना साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी संकल्पित हैं और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश नित नये आयाम स्थापित कर रहा है।

15/03/2022

किसानों की समृद्धि के लिये हरसंभव करेंगे मदद : कृषि मंत्री श्री पटेल
---
कृषि विभाग ने WRI India के साथ किये दो एमओयू साइन
---
किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री Kamal Patel ने किसानों को समृद्ध बनाने संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिये कृषि विभाग और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीटयूट-इंडिया और फूड एंड लैण्ड यूज-इंडिया के साथ एमओयू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि किसानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये सभी आवश्यक मदद की जायेगी। अपर मुख्य सचिव कृषि श्री अजीत केसरी की मौजूदगी में संचालक कृषि श्रीमती प्रीति मैथिल नायक और डब्ल्यूआरआई के प्रतिनिधियों ने एमओयू पर साइन किये।


CM Madhya Pradesh

09/01/2022

पिछले चौबीस घंटों में रीवा जिले की सभी तहसीलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई है। जिले में 8 जनवरी की रात से वर्षा का क्रम शुरू हुआ जो रुक-रुक कर जारी है। यह वर्षा फसलों के लिए अमृत समान है। इस संबंध में उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि जिले में धीरे-धीरे वर्षा हो रही है। इससे अधिक से अधिक पानी जमीन के अंदर जा रहा है। यह वर्षा गेंहू की फसल के लिए बहुत लाभदायक है। चने की फसल के लिए भी यह मददगार होगी। अब एक माह तक किसानों को सिंचाई जरूरत नहीं होगी। मौसम खुलने पर तापमान में गिरावट आएगी। इससे फसलों में कीट-व्याधि का प्रकोप नहीं होगा।

इस वर्षा से सरसों, अलसी और मसूर की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यदि शीघ्र धूप खिल जाएगी तो इन फसलों पर भी कम दुष्प्रभाव होगा। किसान गेंहू में यूरिया खाद का संतुलित उपयोग करें। फसलों को पाले से बचाव के भी उपाय करें।

26/12/2021
18/12/2021
10/11/2021

रीवा जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व अमला व कृषि विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए उड़नदस्ता का गठन करें तथा खाद की कालाबाजारी की सूचना मिलते ही स्थल पर पहुंचकर जांच किया जाना सुनिश्चित करें।

खाद की कमी अथवा किसानों की भीड़ की सूचना मिलने पर कार्य पालिक मजिस्ट्रेट भेजकर खाद की उपलब्धता संबंधी समझाइश देकर समस्या का निराकरण करायें। जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसा संभव है कि कुछ स्थानों में एक दो दिन के लिये स्टाक न रहे। अत: किसी भी हालत में खाद की कालाबाजारी न हो तथा किसानों को खाद के लिये परेशान न होना पड़े। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

12/10/2021

किसानों को खाद आसानी से मिले, वितरण भी व्यवस्थित हो : मुख्यमंत्री श्री चौहान
----
प्रदेश में नहीं है खाद उर्वरक की कमी, किसान वैकल्पिक उर्वरक भी अपना रहे
----
मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सुव्यवस्थित वितरण भी आवश्यक है। प्रदेश में खाद, उर्वरक की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद आगामी व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इस संबंध में केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद एवं उर्वरक आपूर्ति का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज निवास पर रबी 2021-22 के लिए उर्वरक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को खाद एवं उर्वरक की कमी नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद और उर्वरक के सभी विकल्पों के बारे में किसानों को जानकारी दे और उपलब्ध स्टॉक की नियमित मानीटरिंग की जाए। प्रदेश में किसान वैकल्पिक उर्वरक अपना रहे हैं। गत वर्ष के विक्रय के आधार पर भंडारण किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी अनावश्यक राशनिंग न हो, इससे यह भाव उत्पन्न होता है कि कहीं आगे चलकर उर्वरक की दिक्कत न हो जाए। खाद की उपलब्धता का प्रचार भी सोशल मीडिया द्वारा किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खाद की कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जो व्यक्ति कालाबाजारी में लिप्त पाए जाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खाद उर्वरक वितरण से जुड़े कार्यों में संलग्न अमले द्वारा कोरोना से बचाव की सावधानियाँ बरतने एवं वैक्सीन का दूसरा डोज़ लगवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव कृषि एवं सहकारिता श्री अजीत केसरी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेंद्र सिंह और अन्य अधिकारी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

कलेक्टर डैशबोर्ड पर दिखेगा जिले का उर्वरक स्टेट्स

कलेक्टर डैशबोर्ड पर जिले की सभी उर्वरकों की स्थिति दिखाई देगी। इस व्यवस्था के लिए जिलों को मार्गदर्शन दिया गया है। कलेक्टर लॉगिन के लिए ट्रेनिंग माड्यूल समस्त जिलों को भेजा गया है।

टॉप 20 यूरिया क्रेता का सत्यापन

भारत सरकार के उर्वरक विभाग से खरीफ 2021 में टॉप-20 यूरिया क्रेता सत्यापन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में इसके पालन में कार्यवाही की जा रही है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश में की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रमुख निर्देश-

- खाद वितरण कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जाए।

- सभी जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि एनपीके उर्वरक उपयोग करने के लिये प्रचार-प्रसार का अभियान चलाएँ।

- डीएपी के स्थान पर एसएसपी के उपयोग पर भी जोर दिया जाए।

- सभी जिलों में अधिक से अधिक विक्रय केन्द्र चालू करें। कहीं भी भीड़-भाड की स्थिति न बनें।

- मार्कफेड, सहकारी समिति और निजी विक्रेता के स्तर पर उर्वरकों के भौतिक स्टॉक का सतत सत्यापन कराया जाए।

- जिलों में व्यवस्था इस प्रकार हो कि गत अक्टूबर 2020 में सहकारी समितियों, डबल लॉक केन्द्रों से जितना उर्वरक विक्रय हुआ है, उस अनुसार भण्डारण किया जाए।

- पीओएस में स्टॉक पहुँचने की स्वीकृति तुरंत करवाई जाए, जिससे उर्वरक विक्रय से संबंधित कार्य में कठिनाई न हो।

- आवश्यकतानुसार डेस्कटॉप एवं मोबाइल वर्जन का उपयोग किया जाए।

- टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं का सत्यापन कार्य समय-सीमा में कराएँ।

- उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भण्डारण, अवैध परिवहन एवं अवैध निर्माण पर कठौर वैधानिक कार्यवाही की जाए।

- स्टॉक उपलब्धता का सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे कृषकों को जानकारी रहे।


CM Madhya Pradesh
Kamal Patel

12/10/2021

आज रीवा में आयोजित बैठक में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना में चिन्हित गतिविधियों के बैंकों में दर्ज सभी प्रकरण स्वीकृत कराकर ऋण वितरित करायें। रीवा जिले में सुंदरजा आम के क्षेत्र विस्तार के विशेष प्रयास करें। सभी जिलों में फल तथा सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर प्रयास करें।

12/10/2021

किसानों को समय रहते मिले योजनाओं का लाभ
---
कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) श्री शैलेन्द्र सिंह ने दिये निर्देश
---
ग्वालियर-चम्बल संभाग के खरीफ कार्यक्रम और रबी तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा


CM Madhya Pradesh
Kamal Patel
Department of Animal Husbandry, Madhya Pradesh
Department of Horticulture, Madhya Pradesh

12/10/2021

आज रीवा में आयोजित बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, मछलीपालन तथा विपणन संघ की योजनाओं की समीक्षा करते निर्देशित किया कि संभाग में खाद और बीज के वितरण की उचित व्यवस्था करायें। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग समान मात्रा में खाद उपलब्ध है। इसका उचित वितरण करायें। उप संचालक कृषि मैदानी अमले के माध्यम से खाद और बीज वितरण की निगरानी करें।

श्री बृजलाल पटेल जी (सहायक भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी) को सेवा निवृत्ति की बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाई।💐💐
03/09/2021

श्री बृजलाल पटेल जी (सहायक भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी) को सेवा निवृत्ति की बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाई।💐💐

अत्यंत ही दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे कर्तव्यनिष्ठ कार्यकुशल व्यवहारिक और मिलनसार व्यक्तित्व वाले  श्री स...
31/08/2021

अत्यंत ही दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे कर्तव्यनिष्ठ कार्यकुशल व्यवहारिक और मिलनसार व्यक्तित्व वाले श्री सुधीर कुमार तिवारी जी (सहायक ग्रेड 2, त्योंथर) अब हमारे बीच में नहीं हैं।
भगवान दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस हृदय विदारक दुर्घटना में संपूर्ण विभाग अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति उनके शोकाकुल परिवार को प्रदान करें।
।।ॐ शान्ति: ॐ ।।
💐💐🙏🙏
सादर श्रद्धांजलि नमन 🙏

Address

Rewa
486001

Opening Hours

Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी रीवा / ASCO Rewa posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share