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आदरणीय अर्चित सर,दैनिक जागरण में "पौधारोपण: आधी हकीकत, आधा फसाना" विषय पर आपके विशेषज्ञ विचार प्रकाशित होना हम सभी के लि...
31/07/2026

आदरणीय अर्चित सर,

दैनिक जागरण में "पौधारोपण: आधी हकीकत, आधा फसाना" विषय पर आपके विशेषज्ञ विचार प्रकाशित होना हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।

आपने जिस स्पष्टता और तथ्यात्मक दृष्टिकोण से पौधारोपण की वास्तविक स्थिति, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा पर्यावरणीय संतुलन की आवश्यकता को सामने रखा है, वह समाज और नीति-निर्माताओं दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है।

आपके विचार न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि हम जैसे लोगों को भी अपने कार्यों को अधिक जिम्मेदारी और समर्पण के साथ करने की प्रेरणा देते हैं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि आप इसी प्रकार अपने ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन से समाज एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते रहें।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ, सर।

सादर,
टीम पेट्सी

आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देती हूँ।हमारा पर्यावरण ही हमारे जीवन का आधार है। स्व...
07/06/2026

आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देती हूँ।

हमारा पर्यावरण ही हमारे जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, निर्मल जल, हरे-भरे वृक्ष और प्राकृतिक संसाधन हमें स्वस्थ एवं सुखी जीवन प्रदान करते हैं। किंतु बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसका प्रभाव जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में हमारे सामने दिखाई दे रहा है।

हम सभी का दायित्व है कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाए, जल का संरक्षण करे, प्लास्टिक का उपयोग कम करे तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक रहे, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि प्रकृति की रक्षा करेंगे, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक बनाएंगे।

"पेड़ लगाएँ, पर्यावरण बचाएँ;
प्रकृति को अपनाएँ, भविष्य को सजाएँ।"

धन्यवाद।

– दीदी बरखा
(पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता संदेश)

🌟 सचिव सर की दिवाली – “खुशियों की सच्ची रौशनी”दिवाली का त्योहार नज़दीक था। पूरे दफ्तर में रंगोली, लाइट और मिठाइयों की खु...
19/10/2025

🌟 सचिव सर की दिवाली – “खुशियों की सच्ची रौशनी”

दिवाली का त्योहार नज़दीक था। पूरे दफ्तर में रंगोली, लाइट और मिठाइयों की खुशबू फैली हुई थी। सभी कर्मचारी अपने-अपने घर सजाने की तैयारी में थे। लेकिन हमारे ज़मीनी स्तर के सहयोगी हर दिन की तरह आज भी अपने कार्यों का निर्वहन करने की तैयारी में थे।

लेकिन संस्था (पेट्सी) के सचिव सर की सोच कुछ अलग थी। उन्होंने कहा —

“दिवाली सिर्फ अपने घर को रोशन करने का नहीं, बल्कि दूसरों की ज़िंदगी में भी उजाला भरने का पर्व है।”

इस बार उन्होंने निर्णय लिया कि दिवाली का उपहार वे अपने कमगार साथियों के साथ मिलकर मनाएँगे — वो साथी जो पूरे साल संस्थाओं, पर्यावरण और शहर को साफ-सुथरा रखते हैं, लेकिन खुद के घरों में दीपक जलाने का समय नहीं निकाल पाते।

दिवाली की सुबह सचिव सर के द्वारा दिए गए उपहारों के साथ आवास परिसर पहुँचे। वहाँ पहले से ही सभी कमगार मौजूद थे — कुछ हैरान, कुछ मुस्कुराते हुए। सर ने सबसे कहा —

“आप लोग इस संस्था की असली ताकत हैं। आज की रात सिर्फ हमारे लिए नहीं, आपके लिए है।”

किसी ने कहा — “सर, पहली बार ऐसा लगा कि हम भी इस परिवार का हिस्सा हैं।”
सचिव सर मुस्कुराए और बोले —

“जब तक साथ काम करने वाले एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल नहीं होंगे, तब तक असली दिवाली नहीं होगी।”

उस समय कोई बड़ा पटाखा नहीं फूटा, पर हर दिल में अपनापन और सम्मान की ज्योति जल उठी।

✨ संदेश:

“दिवाली सिर्फ दीयों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर है।”

इसके हम अपने सचिव सर का और संस्था के सभी सहयोगी का दिल से धन्यवाद करते है।🙏🙏🌄

:🌿 पौधारोपण से लाभ एवं इसके फायदे संस्था के सचिव श्री अर्चित आनंद की जुबानी।🔹 1. प्रदूषण में कमीपौधे वायुमंडल से कार्बन ...
01/08/2025

:

🌿 पौधारोपण से लाभ एवं इसके फायदे संस्था के सचिव श्री अर्चित आनंद की जुबानी।

🔹 1. प्रदूषण में कमी

पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे वायु शुद्ध होती है।

🔹 2. जलवायु नियंत्रण

वृक्ष वातावरण के तापमान को नियंत्रित करते हैं और वर्षा लाने में सहायक होते हैं। इससे सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना घटती है।

🔹 3. मिट्टी का संरक्षण

पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधकर कटाव को रोकती हैं, जिससे भूमि उपजाऊ बनी रहती है।

🔹 4. प्राकृतिक आवास का निर्माण

पौधे पक्षियों, कीटों और छोटे जीवों के लिए घर का काम करते हैं, जिससे जैव विविधता बनी रहती है।

🔹 5. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य

हरियाली से मानसिक शांति मिलती है, तनाव कम होता है, और वातावरण में ताजगी बनी रहती है।

🔹 6. आर्थिक लाभ

पेड़-पौधों से फल, फूल, लकड़ी और औषधियाँ प्राप्त होती हैं, जो आर्थिक रूप से लाभदायक होती हैं।

🔹 7. जल संरक्षण

पौधे वर्षा जल को जमीन में सोखने में मदद करते हैं, जिससे भूजल स्तर बेहतर होता है।

निष्कर्ष:

पौधारोपण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन की रक्षा के लिए एक आवश्यक कार्य है। हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए।

प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी: श्री अर्चित आनंद और श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी सर (APCCF)पेड़ लगाएं और उनका संरक्षण करें...
01/08/2025

प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी: श्री अर्चित आनंद और श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी सर (APCCF)

पेड़ लगाएं और उनका संरक्षण करें:
सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका पालन-पोषण करना भी जरूरी है।

प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें:
जल, ऊर्जा, और अन्य संसाधनों का सीमित और सोच-समझकर उपयोग करें।

प्लास्टिक और प्रदूषण से बचें:
प्लास्टिक का प्रयोग कम करें और कचरा इधर-उधर न फेंकें।

पर्यावरण संरक्षण में भाग लें:
सफाई अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम आदि में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को संवारें:
हमारा कर्तव्य है कि हम प्रकृति को स्वस्थ और सुरक्षित बनाकर अगली पीढ़ियों को सौंपें।

✨ निष्कर्ष:

पौधारोपण सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि मानवता के लिए भी एक वरदान है। हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जिए। एक पेड़ लगाना एक नई आशा बोने जैसा है — एक हरियाली भरे, स्वच्छ और संतुलित भविष्य के लिए।
Corporate Housing Society #

संस्था के सचिव श्री अर्चित आनंद के द्वारा पर्यावरण बचाने तथा बदलते मौसम अपनी मां के जन्मोत्सव के रूप में 20 जुलाई से लेक...
23/07/2025

संस्था के सचिव श्री अर्चित आनंद के द्वारा पर्यावरण बचाने तथा बदलते मौसम अपनी मां के जन्मोत्सव के रूप में 20 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक वृक्षारोपण के रूप में एक पेड़ मां के नाम लगाने हेतु एक उपक्रम चलाए हुए है,जो की उनके साथ जुड़े हुए सभी साथी इन दिनों काफी संख्या में वृक्षारोपण कर पर्यावरण को लेकर एक मुहिम के तहत वृक्षारोपण कर रहे है। एक पेड़ माँ के नाम' का सार एक प्रतीकात्मक भाव है—अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना। यह सरल कार्य दोहरा उद्देश्य पूरा करता है: जीवन के पोषण में माताओं की भूमिका का सम्मान और पृथ्वी के स्वास्थ्य में योगदान। पेड़ जीवनदायी होते हैं, और एक माँ की तरह, वे अगली पीढ़ी को पोषण, सुरक्षा और भविष्य प्रदान करते हैं। इस पहल के माध्यम से, प्रतिभागी न केवल अपनी माँ के सम्मान में एक स्थायी स्मृति बनाते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की महती आवश्यकता को भी संबोधित करते हैं।
# Ek ped maa ke name 2.0 # #

Tree plantation is a crucial and simple way to contribute to the well-being of our planet. It involves the process of pl...
01/07/2025

Tree plantation is a crucial and simple way to contribute to the well-being of our planet. It involves the process of planting trees in specific areas to increase greenery and address environmental issues. Trees play a vital role in maintaining the ecological balance by absorbing carbon dioxide and releasing oxygen during photosynthesis. This process not only helps in purifying the air but also provides us with the oxygen essential for our survival. Tree plantation is a collective effort that individuals, communities, and governments can participate in to combat deforestation, reduce pollution, and create a healthier environment for all living beings.

In recent times, the world has witnessed alarming rates of deforestation, leading to adverse effects on climate and biodiversity. Tree plantation acts as a solution to counteract these negative impacts. The roots of trees prevent soil erosion, helping to maintain the fertility of the land. Moreover, trees provide a habitat for various species of birds, insects, and animals, contributing to the overall biodiversity of an area. As urbanization and industrialization progress, the importance of tree plantation becomes even more evident, as it helps counter the negative effects of pollution and promotes a more sustainable and balanced ecosystem.

Engaging in tree plantation is not only beneficial for the environment but also for the well-being of communities. Trees provide shade, which is especially important in hot climates, and they contribute to the aesthetic beauty of our surroundings. Many organizations and individuals around the world are actively involved in tree-planting initiatives, recognizing the need for immediate action to address environmental challenges. By understanding the significance of tree plantation and actively participating in such endeavors, we can contribute to a greener, healthier planet for current and future generations. In this essay, we will explore the various aspects of tree plantation.

PETCI संस्था– विश्व पर्यावरण दिवस 2025विषय: झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओसमुदाय के लिए संदेशप्रिय प्रकृति प...
05/06/2025

PETCI संस्था– विश्व पर्यावरण दिवस 2025

विषय: झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओ

समुदाय के लिए संदेश
प्रिय प्रकृति प्रेमियों,

इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपने पहाड़ों, जंगलों और नदियों की आवाज़ को सुनें। झारखंड की जीवंत धरती – इसके पवित्र जंगल, चहचहाते पक्षी, सदियों पुराने साल के पेड़, महुआ की खुशबू और बहती धाराओं का संगीत – केवल सुंदरता नहीं, बल्कि हमारे जीवन की सांस हैं।

झारखंड के जंगल कोई बंजर भूमि नहीं हैं – ये जीवनदायिनी पारिस्थितिकी तंत्र हैं। ये आदिवासी ज्ञान, जैव विविधता और जलवायु के रक्षक हैं। लेकिन आज यह नाजुक संतुलन अवैध खनन, अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और बिना सोचे-समझे विकास से खतरे में है। यह विकास उन लोगों की आवाज़ को अनदेखा करता है जो इस धरती के पहले रक्षक रहे हैं – हमारे समुदाय।

हमें याद रखना चाहिए: जब हम प्रकृति को नष्ट करते हैं, तो हम खुद को नष्ट करते हैं।

आइए हम अभी कदम उठाएं – पेड़ लगाएं, जल स्रोतों की रक्षा करें, वनों के अधिकारों का सम्मान करें और ऐसे किसी भी विकास को नकारें जो हमारे पर्यावरण की कीमत पर हो।

मिलकर हम यह सुनिश्चित करें कि झारखंड का हरित हृदय आने वाली पीढ़ियों के लिए धड़कता रहे।

“अगर हम प्रकृति के साथ जिएंगे, तो प्रकृति हमारे साथ जिएगी।”
परियोजना स्टाफ के लिए दिशानिर्देश – विश्व पर्यावरण दिवस 2025
उद्देश्य: सभी परियोजना क्षेत्रों में एक समान संदेश फैलाना और समुदायों को पर्यावरण संरक्षण व स्थानीय गर्व की भावना के साथ प्रेरित करना।
1. फील्ड स्टाफ के लिए मुख्य संदेश बिंदु
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व और स्थानीय समुदायों से इसका संबंध बताएं।
वर्ष 2025 का विषय साझा करें: “झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओ”।
झारखंड की जैव विविधता और सुंदरता को उजागर करें – महुआ के पेड़, जड़ी-बूटियां, पारंपरिक बीज, वन्यजीव, नदियाँ और पवित्र पहाड़।
खतरों को स्पष्ट करें: अवैध लकड़ी कटाई, खनन, बालू की चोरी, एकल फसल खेती और विनाशकारी विकास।
जलवायु परिवर्तन और मौसम की मार को स्थानीय जंगलों की कटाई से जोड़ें।
आदिवासी समुदायों के पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान का महत्व समझाएं।
विकास सतत और सामुदायिक नेतृत्व वाला होना चाहिए, बाहर से थोपा हुआ नहीं।
For Nature
4. स्टाफ के लिए संदेश
आप परिवर्तन के वाहक हैं। आप ही कहानीकार हैं, शिक्षक हैं, और परंपरा तथा कार्रवाई के बीच की कड़ी हैं। दिल से बोलिए, प्रकृति के साथ खड़े रहिए और हर गांव को उसकी पर्यावरणीय विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित कीजिए।

PETCI संस्था– विश्व पर्यावरण दिवस 2025विषय: झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओसमुदाय के लिए संदेशप्रिय प्रकृति प...
05/06/2025

PETCI संस्था– विश्व पर्यावरण दिवस 2025

विषय: झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओ

समुदाय के लिए संदेश
प्रिय प्रकृति प्रेमियों,

इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपने पहाड़ों, जंगलों और नदियों की आवाज़ को सुनें। झारखंड की जीवंत धरती – इसके पवित्र जंगल, चहचहाते पक्षी, सदियों पुराने साल के पेड़, महुआ की खुशबू और बहती धाराओं का संगीत – केवल सुंदरता नहीं, बल्कि हमारे जीवन की सांस हैं।

झारखंड के जंगल कोई बंजर भूमि नहीं हैं – ये जीवनदायिनी पारिस्थितिकी तंत्र हैं। ये आदिवासी ज्ञान, जैव विविधता और जलवायु के रक्षक हैं। लेकिन आज यह नाजुक संतुलन अवैध खनन, अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और बिना सोचे-समझे विकास से खतरे में है। यह विकास उन लोगों की आवाज़ को अनदेखा करता है जो इस धरती के पहले रक्षक रहे हैं – हमारे समुदाय।

हमें याद रखना चाहिए: जब हम प्रकृति को नष्ट करते हैं, तो हम खुद को नष्ट करते हैं।

आइए हम अभी कदम उठाएं – पेड़ लगाएं, जल स्रोतों की रक्षा करें, वनों के अधिकारों का सम्मान करें और ऐसे किसी भी विकास को नकारें जो हमारे पर्यावरण की कीमत पर हो।

मिलकर हम यह सुनिश्चित करें कि झारखंड का हरित हृदय आने वाली पीढ़ियों के लिए धड़कता रहे।

“अगर हम प्रकृति के साथ जिएंगे, तो प्रकृति हमारे साथ जिएगी।”
परियोजना स्टाफ के लिए दिशानिर्देश – विश्व पर्यावरण दिवस 2025
उद्देश्य: सभी परियोजना क्षेत्रों में एक समान संदेश फैलाना और समुदायों को पर्यावरण संरक्षण व स्थानीय गर्व की भावना के साथ प्रेरित करना।
1. फील्ड स्टाफ के लिए मुख्य संदेश बिंदु
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व और स्थानीय समुदायों से इसका संबंध बताएं।
वर्ष 2025 का विषय साझा करें: “झारखंड बोले: जड़ों को बचाओ, जंगलों को बचाओ”।
झारखंड की जैव विविधता और सुंदरता को उजागर करें – महुआ के पेड़, जड़ी-बूटियां, पारंपरिक बीज, वन्यजीव, नदियाँ और पवित्र पहाड़।
खतरों को स्पष्ट करें: अवैध लकड़ी कटाई, खनन, बालू की चोरी, एकल फसल खेती और विनाशकारी विकास।
जलवायु परिवर्तन और मौसम की मार को स्थानीय जंगलों की कटाई से जोड़ें।
आदिवासी समुदायों के पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान का महत्व समझाएं।
विकास सतत और सामुदायिक नेतृत्व वाला होना चाहिए, बाहर से थोपा हुआ नहीं।

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