11/05/2026
विषय: मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण विषय पर दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला
दिनांक: 05 मई - 06 मई , 2026
स्थान: झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (JCERT), राँची , झारखण्ड
आयोजक: झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (JCERT) एवं ‘वर्ल्ड बीइंग’ (World Being)
झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (JCERT) तथा ‘वर्ल्ड बीइंग’ के तकनीकी सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण (Mental Health and Wellbeing) विषय पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 05 - 06 मई 2026 को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वर्ल्ड बीइंग के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण सत्रों के माध्यम से विषय की व्यापक समझ विकसित की गई ।
प्रारंभिक सत्र में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें यह स्पष्ट किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता , इसका व्यक्ति के दैनिक जीवन पर प्रभाव, तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में इसकी भूमिका क्या है । साथ ही, यह भी चर्चा की गई कि विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप मानसिक स्वास्थ्य को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है।
सत्र के दौरान जीवन में आने वाली चुनौतीपूर्ण एवं विकट परिस्थितियों का सामना करने हेतु आंतरिक संसाधनों एवं भावनात्मक कल्याण के कौशल पर प्रभावी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को यह समझ विकसित कराई गई कि किस प्रकार व्यक्ति अपने कौशलों और क्षमताओं के माध्यम से कठिन परिस्थितियों से उबर सकता है।
एटिट्यूडिनल हीलिंग (Attitudinal Healing):
एटिट्यूडिनल हीलिंग से संबंधित विषयों, इसके प्रमुख स्तंभों (pillars) एवं सिद्धांतों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, इन सिद्धांतों को व्यक्तिगत जीवन एवं शिक्षण-प्रक्रिया में समाहित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सकारात्मक मनोविज्ञान से जुड़े सत्र में वैज्ञानिक तरीकों से उन अध्ययन पर चर्चा की गई जो वेल बीइंग को बढ़ाने और जीवन में सफलता पाने से जुड़ा था।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता के सत्र में भावनात्मक जागरूकता एवं भावनाओं के प्रबंधन पर चर्चा हुई।
निष्कर्ष एवं मुख्य बिंदु
इस दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से उपरोक्त सभी विषयों पर गहन समझ विकसित की गई। निष्कर्षतः यह स्पष्ट हुआ कि मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण का सीधा संबंध व्यक्तिगत जीवन से है, इसीलिए यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उनके साथ सकारात्मक जुड़ाव स्थापित करने का एक अनिवार्य आधार है।