11/12/2025
शैक्षणिक ज्ञान और व्यावसायिक वास्तविकता की दूरी को कम करने के लिए, पी एम श्री सेजेस माना कैंप रायपुर में "परख उद्यम संसार: कार्य जगत (WoW)" कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया । एनसीईआरटी, परख (परफॉर्मेंस असेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट) द्वारा SCERT, रायपुर के समन्वयन से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को विद्यालय से व्यावसायिक जगत में होने वाले महत्वपूर्ण या निर्णायक परीवर्तन के लिए तैयार करना था।
यह कार्यशाला कुल 120 छात्र-छात्रा शामिल हुए जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर आधारित थी| सत्र का संचालन NCERT, परख से पहुंचे श्री प्रशांत सिंह ने किया।
कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य रोजगार के पारंपरिक विचारों को तोड़ना था। छात्रों को अवगत कराया गया कि करियर "एक निश्चित मंजिल" नहीं है, बल्कि सीखने, अन्वेषण करने और नए रास्ते खोजने की "निरंतर यात्रा" है, जिसमें अपने पेशे के माध्यम से समाज के लिए मूल्य सृजित करना और उसकी देखभाल करना भी शामिल है।
सत्र का एक प्रमुख विषय "श्रम की गरिमा" (Dignity of Labour) था । कार्यशाला ने यह विश्वास जगाया कि सभी कार्य, चाहे पारंपरिक हों या गैर-पारंपरिक, समाज के लिए मूल्यवान और आवश्यक हैं।
इस इंटरैक्टिव सत्र ने छात्रों को सॉफ्ट स्किल्स और हार्ड स्किल्स के बीच महत्वपूर्ण अंतर से परिचित कराया गया, जो आधुनिक अर्थव्यवस्था में सफलता के लिए आवश्यक हैं।
छात्रों ने 21वीं सदी के लिए आवश्यक “5C” (जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच,सम्प्रेषण,सहयोग और रचनात्मकता) को समझने के लिए आकर्षक गतिविधियों में भाग लिया| कार्यशाला में तकनीकी "हार्ड स्किल्स" पर भी प्रकाश डाला गया, जो सिखाने और मापने योग्य हैं, जैसे डेटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वित्तीय साक्षरता। चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक करियर पथों से आगे बढ़ते हुए, कार्यशाला ने छात्रों को 36 सेक्टर स्किल काउंसिल (36पोस्टरों के द्वारा) में अवसरों से अवगत कराया गया । छात्रों ने 36 पोस्टरों के माध्यम से विविध क्षेत्रों का बारे में पता लगाया जैसे -
मीडिया और मनोरंजन: पत्रकारिता, सोशल मीडिया प्रभाव और फिल्म।
Green Jobs (हरित नौकरियां) और कृषि: मृदा विज्ञान, बागवानी और जैव प्रौद्योगिकी।
प्रौद्योगिकी और एआई: रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और ड्रोन तकनीक।
रचनात्मक कलाएँ: आभूषण डिज़ाइन, रत्न विज्ञान और आंतरिक डिज़ाइन
कार्यशाला में AI की मूलभूत अवधारणाओं, उद्योगों में इसके अनुप्रयोगों और इससे उत्पन्न होने वाले नैतिक प्रश्नों से भी परिचय कराया गया हैं। छात्रों ने यह भी जाना कि कैसे AI स्वचालन और स्मार्ट कृषि से लेकर डिजिटल स्वास्थ्य और डिज़ाइन तक, को आकार दे रहा है।
सत्र का समापन "स्कूल से कार्यक्षेत्र की ओर अंतरण "School to work transition” पर केंद्रित रहा, जिसमें छात्रों को वैश्विक कार्यबल की उभरती मांगों के साथ अपनी व्यक्तिगत रुचियों को संरेखित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कक्षा में दी जाने वाली शिक्षा को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों से जोड़कर, PARAKH का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र न केवल डिग्री लेकर स्नातक हों, बल्कि "कार्य जगत" में सफल होने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल के साथ स्नातक हों