12/01/2020
चुप्पी तोड़े...खुलकर बोले...181 महिला हेल्पलाइन...
तुम अच्छी लड़की मत बनना कभी॥ बस खुश रहना हमेशा युही ||
मत चुप रहना गलत बात पर॥ बोलना हर बात अपनी बेधड़क ॥
सीने मे मत दफन करना कभी एहसास, मत छुपाना अपना प्रेम किसी से भी
जब कोई बात अच्छी लगे तो... खिलखिला के हस देना
मत रहना तुम चुपचाप गुमसुम, डरी सहमी,शर्मीली सी,
बस दूसरों को केंद्र बना कर... मत परिक्रमा लगाना हर क्षण
जब पैर किसी धुन पर हिले, तो झूम उठना थिरक उठना
जब कभी कोई मन की न करे तो नाराज भी हो जाया करो
तुम्हारे हिस्से क्यो आता है? मनाना हर बार
सुन्न,डरना,चुप रहना, नीति नहीं तुम्हारी , सीता बनो या सती,जो बनो अपने मन से
रसोई और बिस्तर से अलग,कायम करो वजूद
अपना आंखो के कोर नमकीन ना होने दो, सपनों के रंग भरो वहा
तुम बोलोगी, वो बत्तमीज कहेंगे, तुम हसोगी तो बेशर्म कहेंगे
तुम हक लिखने लगोगी,तो फेमिनिस्ट का झण्डा पकड़ा देंगे
लड़की से लड़ाकी बनने मे कोई बुराई नहीं
जो तुम्हें जज करेंगे,कैटेगरी तय करेंगे
लिपस्टिक से आगे बढ़ो, साड़ी पहनो या जींस
मर्जी तुम्हारी है सिर्फ,मोहताज न हो तुम
तुम बढ़ना बस....... बढ़ती जाना
रुकना नहीं है...न मुड़ना है
तुम अच्छी लड़की मत बनना कभी || बस खुश रहना हमेशा युही ||
/copied/