21/09/2025
,मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ इंदौर में दो दिवसीय एडवोकेसी स्किल्स डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के समन्वय से आयोजित हुआ कार्यक्रम
युवा अधिवक्ताओं ने प्रशिक्षण के साथ साथ जानी अभियोजन और बचाव पक्ष के प्रस्तुतीकरण की तकनीक
माननीय श्री न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के निर्देशन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, प्रशासनिक न्यायाधीश, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश एवं कार्यपालक अध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के सहयोग से दिनांक 20-21 सितम्बर, 2025 को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ इंदौर में दो दिवसीय एडवोकेसी स्किल्स डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के सदस्य सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री जयदीप गुप्ता, सुश्री प्रिया हिंगोरानी,डॉ.अमन हिंगोरानी,श्री राजीव कुमार विरमानी,श्री संदीप नारायन,श्री विनय सभरवाल, श्री दिलीप मेहरा,श्री सर्वेश चौधरी, श्री जमशेद वे,सुश्री रीमा भंडारी,सुश्री मंजुलता गुप्ता द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित युवा अधिवक्ताओं को एडवोकेसी स्किल्स डेवलपमेंट के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ- साथ प्रतिभागी अधिवक्ताओं को दो रोल (ए- अभियोजन/याचिकाकर्ता तथा बी- बचाव/प्रतिवादी ) प्रदान किए तथा प्रतिभागियों को 10-10 के समूहों में बांटकर न्यायालय कक्षों में जाकर कोर्स मटेरियल के रूप में प्रतिभागियों को प्रदान किए राज्य बनाम मोंटी खन्ना व राज मल्होत्रा बनाम शिवानी मल्होत्रा के दो प्रकरण तथा उन दोनों प्रकरणों के माध्यम से केस एनालिसिस का तरीका,गवाह को हैंडल करना, अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के गवाहों का मुख्य परीक्षण, प्रति परीक्षण, मौखिक तर्क, ड्राफ्टिंग स्किल्स डेवलपमेंट के तरीके बताये और उनका अभ्यास भी कराया,और प्रतिभागियों से कार्यक्रम के संबंध में फीड बैक प्राप्त किये।कार्यक्रम के समापन सत्र में माननीय श्री न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा व्यक्त किया गया कि एक अच्छे अधिवक्ता को हमेशा यह जानना आवश्यक है कि उसे क्या करना है,कितना करना है, क्यों करना है,कब करना है और कहां करना है, इसके अलावा अधिवक्ताओं को अपनी व्यवसायिक नैतिकता हमेशा बनाये रखनी चाहिए जिससे उसकी प्रतिष्ठा स्थापित हो। प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्यप्रदेश, श्री अनूप कुमार त्रिपाठी, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, खंडपीठ इंदौर तथा श्री हर्ष सिंह बहरावत, रजिस्ट्रार (प्रशासन), उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश,श्री नीरज मालवीय विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च न्यायालय इंदौर,श्री रितेश ईनाणी,अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ जबलपुर,श्री शिवराज सिंह गवली सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,श्री अनिरुद्ध जैन उप सचिव सालसा,सहित उच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति,जिला न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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