राष्ट्र हित

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औरंगजेब चाहता तो पूरे मंदिर को तोड़कर, सारे अवशेषों को हटा कर, ज़मीन को एक दम समतल कर के भी मस्जिद बना सकता था।उसके पास ...
11/07/2026

औरंगजेब चाहता तो पूरे मंदिर को तोड़कर, सारे अवशेषों को हटा कर, ज़मीन को एक दम समतल कर के भी मस्जिद बना सकता था।उसके पास न तो संसाधनों की कमी थी और न ही उसे उस समय कोई रोक सकता था।

उसे सिर्फ एक आदेश देना था और बादशाह सलामत का हुकम बजाते उसके सिपहसालार... बड़े ही कुशल तरीके से पूरे मंदिर को नेस्तनाबूत कर के, एक नयी नींव पर एक नयी मस्जिद का निर्माण करवा देते।

किन्तु, ऐसा नहीं किया गया!

क्यूँ...? क्यूंकि ऐसा किया ही नहीं जाना था।

अपने शत्रु को ख़त्म करने से ज्यादा मज़ा, उसका मानमर्दन करने में आता है। मृत्यु तो एक क्षण का दर्द दे कर, फिर आराम कर जाती है।

लेकिन अपने शत्रु को हर रोज, तिल तिल कर मरते देखना, शर्मिंदा होते देखना, उसके आत्मगौरव को छलनी होते देखना... इस सबका मज़ा कुछ और ही है।

औरंगजेब ने यही तो किया।

उसने भारत की आत्मा पर चोट की। उसने सनातन के आत्मसम्मान को अपने पैरों तले रौंदने का लुत्फ उठाया। पश्चिमी दीवार को जस का तस छोड़ दिया गया... बाकी तीन दीवारें नयी उठाई गयीं।

एक दीवार और तोड़ देता और नयी बना देता तो भला उसके खजाने पे क्या असर होना था...? पर यह नहीं करना था।

बाबर के खानदान में यह नहीं हुआ करता था। वहां राम मंदिर को आधा तोड़कर उसी के अवशेषों पर, मस्जिद बनाये जाने की आनुवांशिक परंपरा थी। आख़िर उस परंपरा से च्युत कैसे हुआ जा सकता था?

जजिया लगाने वाले आलमगीर से किसी भी तरह की ढील छोड़ देने की अपेक्षा करना, बेमानी था। नंदी को नहीं तोड़ा गया? आख़िर दूर से ही पता लगना चाहिये कि यह मस्जि़द, शिव धाम को रौंद कर बनाई गयी है।

औरंगजेब को लगता था कि जितना बड़ा साम्राज्य उसने खड़ा कर दिया है, अगर वह ख़त्म भी हुआ तो उसे ख़त्म होने में कई हजार वर्ष लगेंगे।

अर्थात हजारों वर्षों तक मंदिर के माथे पर रखी गयी मस्जिद रूपी यह जालीदार टोपी, हिन्दुओं को लज्जित करती रहेगी। उसकी 10 वाजिब गैरवाजिब औलादों में से कोई तो ऐसा निकलेगा ही जो साम्राज्य की सीमाओं को और आगे ले जाएगा।

रहीसही कसर वामपंथी इतिहासकारों ने पूरी कर दी। उन्होंने औरंगजेब को साफ सुथरा और नेक नीयत बताने के लिये, इतिहास के न जाने कितने पन्ने काले कर दिये।

जब तक शेर खुद लिखना नहीं जानेगा, इतिहास में वीरगाथाएँ तो शिकारी की ही लिखी जाएंगी। इन औरंगजेबी औलादों ने बड़े बड़े अक्षरों में लिखा... "आलमगीर तो टोपी सिलकर अपना खर्च चलाता था।" ... तो? क्या फर्क पड़ता है इस से?

वह अपने धर्म की शिक्षाओं का पालन कर रहा था। वही शिक्षाएं जो यह भी सिखाती थी कि काफिरों को जीने का अधिकार नहीं है। उन पर जजिया लगाया जाना चाहिये, और हर तरीके से उनका मानमर्दन किया ही जाना चाहिये।

इन औरंगजेबी मानस पुत्रों ने ऐसी लॉलीपॉप भारतीय जन-मानस को चटाई, जिसका स्वाद सदियों तक हम चटखारे मारकर लेते रहे और हर चटखारे में "आलमगीर जिंदाबाद" के नारे लगाते रहे।

खैर... अब आगे क्या?

अब ASI की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है। कथित मस्जि़द का हर हिस्सा, चीख चीख कर कह रहा है कि मैं ही शिव शंकर का विश्वप्रसिद्ध मंदिर हूँ।

वहां मिले 34 अभिलेखों में से एक अभिलेख फारसी में है जिसमें वो आदेश लिखा है जिस आदेश के तहत मंदिर तोड़ कर मस्जि़द बनाई गयी।

श्री राम मंदिर की तरह, मामला कोर्ट में है और पूरा विश्वास है कि कोर्ट का फैसला भी राम मंदिर कि तरह ही आयेगा।

हमें प्रतीक्षा है उस दिन की, जिस दिन वुज़ू के कुल्लों से अपमानित हो रहे हमारे आराध्य देव, फिर से पंचामृत स्नान करेंगे। दूध और दही से नहायेंगे। फूलों और धूपबत्तियों की सुगंध से आनंदित हो उठेंगे..

सूर्या चौहान हत्याकांड को क़ानूनी कबड्डी से आगे समझें...असद एक कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था.... दुकान जिसका मालिक एक ...
01/06/2026

सूर्या चौहान हत्याकांड को क़ानूनी कबड्डी से आगे समझें...

असद एक कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था.... दुकान जिसका मालिक एक हिन्दू..
असद के बाप का भी कारोबार हिन्दुओं से ही चलता था...
असद का पास पड़ोस भी वही निम्न आयवर्ग का... ज्यादातर हिन्दुओं से ही कमाने वाला...

सूर्या को सिर्फ असद द्वारा नहीं मारा गया...
उसे मारने के लिए पूरा सहयोग मिला..
चाकू से कई प्रहार किये गये
उसके बाप द्वारा इस काम के लिए उसे उकसाया गया...
हत्या के बाद सीसीटीवी और उसके फूटेज नष्ट करने में आसपास ने सहयोग किया
असद बड़े आराम से विडियो बना कहता दिखा के "तुम्हारा भाई कुछ दिन को जेल जायेगा"
मतलब उसे क़ानूनी मदद का पूरा यक़ीन था....

महज़ एक हत्या भर नहीं....
पूरे इत्मीनान से सोच विचार कर... भय उत्पन्न करने को की हत्या है...
देखा जाये तो एक सामुदायिक आतंकी कृत्य...

महत्वपूर्ण बात ये है कि पैसा भी आपसे ही कमाया जा रहा है
और सामूहिक सोच भी आपके ही विनाश की पाले हुए हैं...

आगे करना क्या है समाज के तौर पर वो आप खुद सोच लें!!

25/05/2026

*भारत बचाओ🇮🇳*
ट्रंप ने भारत में आग लगाने और सरकार को गिराने के आदेश जारी किए हैं। देश खतरे की ओर बढ़ रहा है। नीचे दी गई जानकारी 24 घंटे के भीतर हर भारतीय तक पहुँचनी चाहिए।
'ऑपरेशन 37' क्या है? आज भारत को इतना बड़ा खतरा क्यों है? यह बिल्कुल सच है। देश के दुश्मनों और गद्दारों का 'ऑपरेशन 37' मोदी सरकार को गिराने के मकसद से शुरू हो चुका है। मोदी को हटाने के लिए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने CIA और 'डीप स्टेट' को 12 महीने का समय दिया है। गद्दारों ने पहले ही लोगों को जाति और क्षेत्रीय आधार पर बांटने, गुमराह करने वाले आंदोलनों के ज़रिए सार्वजनिक शांति भंग करने और 'फर्जी वोटिंग' जैसे झूठे आरोपों को बहाने के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना बना ली है। जगदीश धनखड़ का मुद्दा इसका एक उदाहरण है।
उनका मकसद कम से कम 37 BJP सांसदों को तोड़कर BJP को बांटना है – कभी टैक्स के नाम पर, कभी आरक्षण के नाम पर, और कभी किसानों के कुछ नेताओं के ज़रिए। लिंग-आधारित और धार्मिक आंदोलनों को भड़काकर, वे अराजकता फैलाने और सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसा बांग्लादेश में हुआ था। दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में हो रहे हिंदू विरोध प्रदर्शन, साथ ही कुछ नेताओं के जन्माष्टमी पर बीफ खाने वाले बयान, इसके और भी उदाहरण हैं।
खास तौर पर हिंदुओं को बांटने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, पाकिस्तान को उकसाने और भारत को यूक्रेन-रूस संघर्ष जैसे किसी लंबे युद्ध में घसीटने की कोशिशें भी की जा रही हैं, जो अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा।
अगर विपक्ष, 'डीप स्टेट' और ट्रंप 12 महीने के भीतर मोदी को गिराने में नाकाम रहते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि वे उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे, क्योंकि भारत की तरक्की अमेरिका के पतन का कारण बन रही है। आज, अमेरिका भारत का विकास नहीं देखना चाहता।
भारत अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहा है। देश और खुद को बचाने के लिए, हिंदुओं को और भी ज़्यादा एकजुट होना चाहिए। दूसरा पक्ष कभी भी आपके साथ नहीं होगा, क्योंकि उनका मकसद 'गज़वा-ए-हिंद' को पूरा करना है।

हिंदुओं, जागो, एकजुट होओ, सतर्क रहो, और अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को भी सतर्क रखो।
कृपया इसे पढ़ें और अपने दोस्तों, ग्रुप्स, जान-पहचान वालों और उनके सभी संपर्कों को आगे भेजें। हर किसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे। आपके प्रयासों का 'डोमिनो इफ़ेक्ट' यह होगा कि एक हफ़्ते में यह 10 करोड़ लोगों तक पहुँचेगा, और तीन हफ़्तों में 1 अरब लोगों तक।
भारत माता की जय

Amit Shah


“भगवान राम ने बुरे दिन दिखा दिए…”  BJP नेता नाज़िया इलाही खान नेसायनी घोष पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा—“सायनी घोष ब...
20/05/2026

“भगवान राम ने बुरे दिन दिखा दिए…”

BJP नेता नाज़िया इलाही खान ने
सायनी घोष पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कहा—

“सायनी घोष बोलती थीं कि
हमारे इतने बुरे दिन नहीं आए हैं
कि राम का नाम लेकर वोट मांगना पड़ेगा।”

नाज़िया इलाही खान ने आगे कहा—

“उसका बड़ा तेवर था…
अब उसके दिल में काबा
और मन में मदीना था।
वो हज यात्रा पर जाना चाहती थीं।
अब हज यात्रा हो ही रही है…
जाओ, आराम से हज करके आओ।”

इस बयान के बाद
बंगाल की राजनीति में
एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।

20/05/2026

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