04/09/2026
🙏 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ।* 🙏
कृष्ण केवल आराध्य नहीं,
जीवन के हर रिश्ते, हर भूमिका और हर कर्म में दिखाई देने वाला एक आदर्श हैं।
*“लालसा”* और *“स्पृहा”*—
कृष्ण को जीवन में पहचानने और उनके कुछ अंश को अपने भीतर उतारने की उसी आकांक्षा की अभिव्यक्ति हैं।
शायद कृष्ण-भक्ति का एक अर्थ यह भी है—
*कृष्ण को पूजें ही नहीं,*
*उनसे कुछ सीखें और थोड़ा-सा कृष्णत्व अपने जीवन में उतारें।*
🙏 जय श्री कृष्ण!