Sushil Kumar 'Bouddh'

Sushil Kumar 'Bouddh' प्रिय साथियो, हमारी योजना है एक सभ्य स?

विशेष योग्य जन प्रदेशाध्यक्ष कान्हा राम जी के साथ नशा मुक्ति कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला
12/08/2023

विशेष योग्य जन प्रदेशाध्यक्ष कान्हा राम जी के साथ नशा मुक्ति कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला

Mere gaanw Hardayalpura ki teem ko dhanywaad, or bhavishay hetu mangalkamanaye
14/02/2021

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20/01/2021
निजीकरण का कागजी काम तो हो चुका है, पर धरातल पर एक एक कर लाया जा रहा है।।आज का अखबार लिखता है की 2 कारोबारियों का होगा ए...
26/08/2020

निजीकरण का कागजी काम तो हो चुका है, पर धरातल पर एक एक कर लाया जा रहा है।।
आज का अखबार लिखता है की 2 कारोबारियों का होगा एकाधिकार।।
कमाल है ना, किसी ने सच कहा है की जिस देश का राजा व्यापारी हो उसकी प्रजा एक दिन भिखारी ही होती है।।
मे इसका विरोध तो नही करूंगा, क्युंकि सांप निकलने के बाद लकीर पीटने से कुछ नही होगा।। सता परिवर्तन ही इसका एक मात्र उपाय है अगर देश की कामगार जनता के कानो पर जूं रेंगे तो।।।।।

हमारे पड़ोसी गाँव 2 HDP के रमेश महला ने विश्व स्तरीय स्वदेशी ऐप्प बनाकर इलाके का नाम रौशन किया,इनको उज्ज्वल भविष्य की मंग...
24/08/2020

हमारे पड़ोसी गाँव 2 HDP के रमेश महला ने विश्व स्तरीय स्वदेशी ऐप्प बनाकर इलाके का नाम रौशन किया,
इनको उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाये

11/06/2020

इता पिसा थोड़ी लेया कर, ए तो खाल काढ के बेचगा

हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूं,,,इधर से गुजरा तो सोचा सलाम करता चलूं,,,निगाहो दिल की यही आखिरी तमन्ना है,,,,,,तुम्हारी ज...
14/05/2020

हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूं,,,
इधर से गुजरा तो सोचा सलाम करता चलूं,,,

निगाहो दिल की यही आखिरी तमन्ना है,,,,,,
तुम्हारी जुल्फ के साये मे शाम करता चलूं,,,

उन्हे ये जिद के मुझे देखकर किसी को न देख,,,,,
मेरा ये शोंक के सबसे कलाम करता चलूं,,,

ये मेरे ख्वाबों की दुनियां नही सही लेकिन,,,,,
अब आ गया हुँ तो दो दिन कयाम करता चलूं,,,

।।। जगजीत सिंह ।।।

12/05/2020

कोन है ये
राजा राम मेघवाल उर्फ राजिया
जोधाणा की शान
किला मेहरानगढ़ ओर सभी किले महलों की दास्तां

इसकी नींव को सींचा
एक दलित के खून ने
इसकी संरचना को आकार दिया
गरीब की भूख ने
इसकी शान को मजबूती दी
कमजोर की मजबूरी ने

इसकी बेजुबानी को
सहर्ष स्वीकृति कहा गया

इसकी बलि को बलिदान बना दिया गया
इसकी मौत को शहादत करार दिया गया।
इसके बाद भी किले के बाहर ही इसे छोटा सा स्थान दिया गया

इतिहास में
कहीं नजर ना आने वाला
ना गायन में गाया जाने वाला
ना किसी की श्रद्धा का पात्र
वह बेचारा।

ये किले, यह महल ऐसे ही नही खड़े हुए दबी है इनके नीचे चीखे ,आंसू ,गम ,दर्द ,डर ,ख़ौफ़ मौत मौत मौत।

किस बात की खुशी मनाते हो किस बात हर्ष है तुम्हे।

16/04/2020

इंसान हो या जानवर कॉपी पेस्ट ही करते है, लेकिन कुछ अपनी भावनाओ के साथ पेस्ट करते है इसलिये वो ये कहते हैं की ये सिर्फ मेने किया है

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