राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपने कवितासंग्रह ‘रश्मिरथी’ में लिखा है “जाने कौन रहस्य प्रकृति का, बड़ा अनोखा हाल । गुदड़ी में रखती चुन-चुनकर बड़े कीमती लाल।” ऐसे ही एक लाल को प्रकृति ने बेरमोवासियों को दिया है मृगांक शेखर के रूप में। संपन्न परिवार और उच्च शिक्षा के बावजूद मृगांक शेखर सब कुछ त्याग कर अपनी मातृभूमि को कर्मभूमि बनाते हुए बेरमो वासियों की मदद करने में लगे हुए है। उनकी यह सेवा-भावना
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरतमंदों की वे हर संभव मदद करने को तत्पर रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने ना सिर्फ जरूरतमंदों के बीच वस्त्र और अनाज का वितरण किया बल्कि कोरोना से पीड़ित लोगों का राजधानी राँची के अच्छे अस्पतालों में समुचित इलाज का प्रबंध कराया। स्वामी विवेकानंद का कहना है “नर सेवा ही नारायण सेवा” । इसी मूल मंत्र के सहारे मृगांक जरूरतमंदों की खुशी में ही अपनी खुशी ढूंढते हैं। इनकी सेवा भावना को देखकर प्रदेश भाजपा ने इन्हें युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोनीत किया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृगांक शेखर के पिता श्री गोपाल सिंह वर्तमान में बीसीसीएल के सीएमडी हैं। वहीं इनके नाना स्वर्गीय शंकर दयाल सिंह जी पूर्व सांसद(धनबाद) तथा बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे है। इनके चाचा श्री अशोक कुमार सिंह बिहार में भाजपा के विधायक हैं। इनके दादा जी श्री शिव मूरत सिंह पुराने जनसंधी होने के साथ ही पूर्व मुखिया भी हैं। ऐसे कुल में पैदा होने के बावजूद इनका स्वभाव एकदम सरल है।
शिक्षा दीक्षा
बचपन से ही मृगांक शेखर कुशाग्र बुद्धि के स्वामी रहे है। यही वजह है कि उन्हें शिक्षा इंग्लैंड से प्राप्त करने का मौका मिला और विदेश में उच्च शिक्षा का अवसर होने के बावजूद अपने देश में ही उच्च शिक्षा हासिल करने की ठानी। भारत वापस आकर इन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। रांची स्थित आई.आई.एम में एमबीए की प्रतिष्ठित डिग्री भी प्राप्त किया। इन्होंने लगभग सात वर्षों ABB Global, RSM International आदि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अपनी सेवाएं दी। इतना ही नहीं Round Table India में क्षेत्र संयोजक बनकर देश की विकास में अपना योगदान दिया।
अब तक किए गए कार्य
मृगांक शेखर वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान देश में लॉकडाउन लगते ही सक्रिय हो उठे और क्षेत्र की जनता के बीच 28 मार्च से ही लगातार मोदी-आहार का वितरण कर रहे हैं। साथ ही जरूरतमंदों के बीच अनाज,स्वच्छ पेयजल आदि का प्रबंध करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं क्षेत्र के कई कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज रांची के ‘मेडिका’ , ‘सीसीएल’ के अस्पताल , एवं अन्य अस्पतालों में उन्हें भर्ती करा कर उनका इलाज और देखभाल निश्चित कराते रहे हैं l बेरमो अंचल के अंगवाली और तुपकाडीह स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण में वे गहरी भूमिका निभा रहे हैं। मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत क्षेत्र में कैंपेन चला कर लोगों को इससे जोड़ने और उसका लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बेरमो की जनता के बीच उनकी मूलभूत सुविधाएं जैसे अनाज, वस्त्र, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए पठन-पाठन सामग्री के साथ ही जरूरत पड़ने पर स्वयं भी शिक्षक की भूमिका में प्रायः नजर आते हैं।कुछ जरुरतमंद बच्चों के शिक्षा का खर्च भी मृगांक उठाते रहे हैl प्रोजेक्ट विकास के बैनर तले मृगांक रोजगार के लिए मानव संसाधन में शोध-कार्य भी कर रहे हैं।