29/10/2025
*रेगिस्तान से JNU के अध्यक्ष पद की दावेदारी तक: विकास का प्रेरक संघर्ष और एक नई उड़ान*
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) इस बार JNU छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए NSUI जैसे प्रतिष्ठित संगठन से विकास विश्नोई को टिकट मिलना, केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है; यह भारत के ग्रामीण अंचल से निकले एक सपने के सच होने की पहली सीढ़ी है।
विकास का यह सफर पश्चिमी राजस्थान के फलोदी जिले की उस ग्रामीण पृष्ठभूमि से शुरू होता है, जहाँ संसाधनों की कमी के बावजूद प्रतिभा अपना रास्ता तलाश ही लेती है। उन्होंने न केवल 10वीं बल्कि 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में भी 'स्टेट मेरिट' हासिल कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भूगोल की मोहताज नहीं होती।
2017 में उनकी ज्ञान की प्यास उन्हें 12वीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ले आई, जहाँ से उन्होंने स्नातक किया। इसके बाद, उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से परास्नातक (PG) की पढ़ाई पूरी की लेकिन उनका अकादमिक सफ़र यहीं रुका नहीं, 2023 में पहले ही प्रयास में NET JRF परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थान JNU से Ph.D. में दाख़िला लिया ,जो उनकी अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है l
लेकिन विकास सिर्फ एक किताबी मेधावी छात्र बनकर नहीं रहे। JNU की धरती ने उनके अंदर के सजग नागरिक को जगाया। उन्होंने अपने अध्ययन के साथ-साथ छात्र हितों की लड़ाई लड़ना शुरू किया। हॉस्टल, लाइब्रेरी और फेलोशिप के मुद्दों से लेकर देश के बड़े राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विमर्शों पर उन्होंने न केवल बेबाकी से अपनी अभिव्यक्ति दी, बल्कि साथी छात्रों को भी जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया।
NSUI द्वारा JNU अध्यक्ष पद के लिए उन पर भरोसा जताना, उनके इसी अकादमिक और राजनीतिक संघर्ष का सम्मान है। यह उस आवाज को मंच देना है, जो राजस्थान के एक छोटे से गाँव से उठी और आज देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने को तैयार है।
"विजयी भव, विकास!