25/09/2025
हद है, !!शर्मसार घटना है।!!
राजस्थान के राज्य पशुओं के टोलो को टोलने वाले पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता के घर पटवारी गया,
घर को चिहिंत करने या गिराने??
आज वे जिला कलेक्टर कार्यालय जैसलमेर के सामने ओरण को राजकीय रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग कर रहे हैं मूक प्रणियों के लिए, आने वाली पीढ़ियों के लिए लड़ रहे हैं, उनकी इस मांग पर ३६ कॉम का साथ है। सांवता के वन्य जीवों के प्रेम के कारण हर एक समाज में तो उनको बच्चा बच्चा जानता है।जैसलमेर में देवियों के नाम कोई 20 लाख बीघा से अधिक ओरण है उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में आज तक दर्ज नहीं की गई।
सुमेर सिंह सांवता पर अब सिर्फ राजपूत समाज को ही नही अपितु वन्य जीव प्रेमी 36 कॉम का नाज है, वे जैसलमेर की नाक है।
शिक्षा से वंचित इस व्यक्ति की जिद्द ने देश प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण और ओरण टीम के क्षेत्र में जैसलमेर का नाम रोशन किया है। परीक्षाओं में सुमेर सिंह सांवता पर सवाल पूछे जाते हैं
🌿🌿🌿
उनके घर पर पटवारी का जाना तहकीकात करना, कि घर इधर उधर बना हुआ है तो चिहिंत करके गिराना ताकि इस माटी में आने वाले 100सालों तक कोई गरीब वन्य जीव जंतु, प्रकृति के आवाज उठाने की हिम्मत न करे।
ऐसे शालीन इंसान को देखकर हमे शामिंदगी महसूस होती है।
अब सभी को उनके साथ खड़ा रहना चाहिए और अपमान का बदला लेना चाहिए, पटवारी, तहसीलदार के खिलाफ कार्यवाही करे।
आवाज 36 कॉम उठानी चाहिए। सुमेर सिंह सांवता को सुरक्षा दिलाई जाए। यह जंगल में रहने वाला इंसान है आपके शहर में सिर्फ मूक प्रणियों के निमित धरने के लिए आया है। शहर हम नालायको को मुबारक हो।
उनको भी देख लिया जो कह रहे थे कि हमारी सरकार है, उनके आने के बाद तो सुमेर सिंह जी घर पर प्रशासन डाका डाला, घर परिवार वाले रोने लगे, पापा घर आ जाओ, राज के हाथ लंबे है, अपन अनपढ़ पशु चराने वाले है, जैसलमेर में औरते हो, पार्षद सोढा सरदार हो, जेल जा रहे हैं, जुबान पर लॉक है, घर पधारो,, मगर ओरण की जिद्द भी तो कसम होती है।।
🌿
हम इस दुबले से इंसान के समर्पण देख कर भावुक है, आज 16सितंबर से धरना चल है, टेंट का किराया नित 3000रु और अन्य खर्चा कौन दे? बड़ी बड़ी गाड़ियों में अकेले बैठे नेता आते हैं कई बड़े नेता आते,2028 में विधायक के टिकिट के लिए बायोडाटा 24 घंटे गाड़ी में रखते हैं मगर क्या मजाल कि यहां 50 रु की चाय किसी को पीला दे।
ऐसे में मैने सुमेर सिंह को बोला कि हम आपकी इज्जत को इज्जत नहीं दिला पाए तो समझो मैं चाय नहीं खून पी रहा हूं।
नवरात्र में यदि दुर्गा आकर मुझ से पूछे कि क्या चाहिए तो मैं पहली मांग सुमेर सिंह सांवता के घर, गांव ढाणी के जांच की साजिश करने वाले के भाग्य को अनहोनी से भर दो, मां महाकाली।।
आंदोलन हो या धरना, बहुत शांतिपूर्ण चल रहा है, फिर भी कोई जल रहा है।
पुलिस प्रशासन और उनके टाइगर अभिषेक शिव हरे का व्यवहार वास्तव में धरना देने वाले इन पर्यावरण प्रेमी ओरण टीम का दिल जीत लिया। पुलिस बहुत इज्जत से संवाद कर रही है।
🌿
ये नेता यूं ही परेशान है, स्वयं मुख्यमंत्री श्री Bhajanlal Sharma पर्यावरण के लिए आवाज उठाने वालों समाज और लोगों को देवतुल्य मानते हैं। उनके सामने जब सुमेर सिंह सांवता जैसे जंगल में मंगल रचाने वाला शख्स गया तो स्वयं पैरों के हाथ लगाएंगे, स्थानीय नेता, पटवारी तहसीलदार भले ही गाल फुलाए घूमे।।
सुमेर सिंह सांवता के मान सम्मान को ठेस, सहन नहीं।।
फिर आपको ओरण के लिए जिदंगी खफाने वाले न सुमेरसिंह मिलेगा और न गोचर के लिए जवानी स्वाह करने वाले भोपाल सिंह झलोडा मिलेगे।
🌿 🌿🌿जय जय ओरण 🌿🌿
Surendar Singh Ravindra Singh Bhati