15/09/2026
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा आज दो-दो कार्रवाई में मिली सफलता
1. तत्कालीन राजस्व कर्मचारी को 9000/- रूपये रिश्वत लेने के मामले में माननीय विशेष न्यायालय निगरानी द्वारा मिली सजा
2. प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी, 28,000/- (अट्ठाईस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए गिरफ्तार।
आज दिनांक 15.09.2026 को श्री अतुल कुमार सिंह, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, पटना द्वारा अभियुक्त श्री अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-06, प्रखंड फुलवारीषरीफ, जिला-पटना को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(2) सह पठित धारा 13(1)(डी) के तह्त निगरानी थाना कांड संख्या-07/2015 (विशेष वाद सं-05/2015) में दोषी ठहराया गया।
घटना:-
यह मामला परिवादी श्री अरूण कुमार, पिता-श्री सुबेदार सिंह, साकिन-सिमरा, पंचायत-सुहेना, थाना- परसा बाजार, जिला-पटना से अभियुक्त श्री अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-06, प्रखंड फुलवारीषरीफ, जिला- पटना द्वारा जमीन का नाम स्थानांतरण (नामांतरण) कराने हेतु परिवादी से 10,000/-रूपया रिश्वत माँगने का आरोप लगाया गया। जिसमें आरोपी को दिनांक-23.01.2015 को 9,000/- रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
अनुसंधान एवं सजा:-
इस मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्त्ता श्री ईष्वर प्रसाद, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा सटीक एवं समय पर आरोप-पत्र दायर किया गया। अभियोजन द्वारा कुल 09 साक्षियों की गवाही कराई गई। बिहार सरकार की ओर से श्री किषोर कुमार सिंह, विशेष लोक अभियोजक, प्रभारी निगरानी (ट्रैप केसेज), पटना ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोषसिद्ध कराने में सफलता हासिल की।
श्री अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-06, प्रखंड फुलवारीषरीफ, जिला-पटना को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में तीन वर्ष सश्रम कारावास एवं 9,000/-(नौ हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। धारा-13(2) सह पठित धारा-13(1)(डी) में चार वर्ष सश्रम कारावास एवं 9,000/-(नौ हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करने पर तीन महीने का साधारण कारावास होगा। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।
अब तक वर्ष 2026 में कुल 21 भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायालय द्वारा सजा सुनायी गई है। वर्तमान कांड में दोषसिद्ध की कार्रवाई श्री अतुल कुमार सिंह, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, पटना द्वारा की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अभियोजन की कार्यवाही लगातार जारी है।
वर्ष 2000 से वर्ष 2024 तक (झारखंड राज्य अलग बनने के बाद से) यह सजा की सबसे अधिक कार्रवाई हुई है। विगत वर्ष 2025 में कुल 30 भ्रष्टाचार के मामलों में माननीय विशेष न्यायालय निगरानी द्वारा सजा सुनाई गई थी।
रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम के द्वारा आज दिनांक 15.09.2026 को निगरानी थाना कांड सं0-108/26, दिनांक 10.09.2026 में प्राथमिकी अभियुक्त- श्री ब्रजेश कुमार, प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखण्ड- हलसी अतिरिक्त प्रभार चानन, जिला- लखीसराय को 28,000/- (अठाईस हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए प्रखण्ड- चानन, जिला- लखीसराय स्थित इनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया है।
आरोप:-
परिवादी श्री राम नारायण साव, पिता- स्व0 मेवी लाल, सा0- इटहरी, थाना- किऊल, जिला- लखीसराय द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया गया था कि आरोपी (जो कनीय अभियंता हैं) के द्वारा ग्राम पंचायत राज महेश लेटा अंतर्गत ग्राम- बसमतिया में श्री संजू यादव के घर से श्री कुशो पासवान के घर होते हुए पईन तक ढ़क्कन सहित हुए नाला निर्माण कार्य का भुगतान हेतु मापी पुस्त भर कर देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
सत्यापन:-
ब्यूरो द्वारा प्राप्त षिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम मंे आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम द्रष्टया आरोप सही पाये जाने के पश्चात् उपरोक्त कांड अंकित कर अनुसंधानकर्त्ता श्री शशिकान्त शर्मा, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के अनुरोध पर श्री रणजीत कुमार निराला, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया।
कार्रवाई:-
धावादल द्वारा कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त- ब्रजेश कुमार, प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखण्ड- हलसी, अतिरिक्त चानन, जिला- लखीसराय को 28,000/- (अठाईस हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए प्रखण्ड- चानन, जिला- लखीसराय स्थित इनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ के उपरांत माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में उपस्थापित किया जायेगा। अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरूद्ध यह 108वाँँ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। जिसमें यह टैªप संबंधी 100वॉं कांड है, जिसमें कांड दर्ज कर अभी तक कुल 101 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा रिश्वत की कुल बरामद राशि 36,94,800/- (छत्तीस लाख चौरानबे हजार आठ सौ) रूपये एवं एक नया वाशिंग मशीन (कीमन 37,000/- रुपये)। पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 टैªप कांड दर्ज किये गये थे एवं रिश्वत की राशि 37,80,300/- रुपये बरामद किये गये थे।
#भ्रष्टाचार_मुक्त_बिहार
#भ्रष्टाचार