22/01/2025
जमीन सर्वे के बीच जमाबंदी को लेकर आया नया अपडेट, अब घर बैठे हो जाएगा ये जरूरी काम
परिमार्जन प्लस पोर्टल बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी सुविधा है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे ऑनलाइन अपनी जमाबंदी में संधारण त्रुटियों को सुधार सकते हैं। इस पोर्टल पर किसान अपना नाम पिता का नाम जाति पता आदि में त्रुटि को आसानी से सुधार सकते हैं। परिमार्जन प्लस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें रैयत ऑनलाइन अपने आवेदन की निगरानी भी कर सकते हैं।
माबंदी (Bihar Jamin Jamabandi) में संधारण त्रुटियों में सुधार के लिए विभाग ने एक नया ऐप जारी किया है। इससे रैयत अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus Portal) नाम से एक नया पोर्टल शुरू किया है।
इसके माध्यम से रैयत (मालिक) अपना नाम, पिता का नाम, जाति के साथ पता आदि में त्रुटि को आसानी से सुधार सकेंगे। फिलहाल जिले में यह पोर्टल काम करना शुरू कर दिया है। रैयत इसके माध्यम से त्रुटि में ऑनलाइन सुधार कर सकते हैं।
जिला राजस्व कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिमार्जन प्लस पोर्टल से रैयतों को बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जमाबंदी संबंधी त्रुटियों में आसानी से सुधार होगा। पहले परिमार्जन में सिर्फ मूल जमाबंदी में दर्ज विवरणी के आधार पर ही डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार किया जाता था।
नई व्यवस्था के तहत रैयत को अपने नाम, पिता के नाम, जाति के साथ पते (एड्रेस) में हुई त्रुटि, डिजिटलाइजेशन जमाबंदी में दर्ज खाता, खेसरा, रकबा व चौहद्दी की गलती या प्रविष्टि का न होना व लगान संबंधित विवरण में सुधार करवा सकते हैं।
परिमार्जन प्लस पोर्टल का क्या है फायदा?
परिमार्जन प्लस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें रैयत ऑनलाइन अपने आवेदन की निगरानी भी कर सकते हैं। पहले यह सुविधा नहीं थी।
अब आवेदन करने के बाद रैयत यह जान सकेंगे कि उन्होंने परिमार्जन के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद अगर किसी स्तर पर आवेदन को अस्वीकृत भी किया जाता है तो संबंधित कर्मी या अधिकारी को आवेदन अस्वीकृत करने का कारण भी बताना होगा।
रैयत खुद ऑनलाइन भी इसे देख सकेंगे कि आखिर उनके आवेदन को क्यों अस्वीकृत किया गया है।