04/07/2025
अगर इस देश में एक निष्पक्ष और गहरी जांच बैठा दी जाए , तो उत्तर प्रदेश , बिहार , पंजाब जैसे राज्यों में बिजली विभाग के 60% से ज्यादा जूनियर इंजीनियर (JE) >>>
आय से कई गुना अधिक संपत्ति के मामलों में सीधे लपेटे में आ जाएंगे।
जिनकी सरकारी तनख्वाह 60 हज़ार , लेकिन
बेटे-बेटियों की शादी में 60 लाख के पंडाल लगते हैं।
जिनका घर किराए पर भी नहीं चढ़ता , लेकिन
हर जिले में 3 प्लॉट , 2 फार्महाउस और SUV जरूर खड़ी रहती है।
जिनके नाम से नहीं , मगर पत्नी , भाई , साले और साली के नाम पर अकूत संपत्ति दर्ज होती है।
मीटर लगाने से लेकर बिल सुधार तक,
हर प्रक्रिया में 200 से 2000 रुपए की खुली रिश्वत,
मगर कभी किसी RTI में नहीं दिखती।
कई JE तो ऐसे हैं जो खुद को मिनी विधायक समझने लगे हैं।
पंचायत से लेकर बिजली अफसरों तक,
हर टेंडर में इनकी मौन भागीदारी होती है।
लेकिन खैर… मुझे क्या ।
मैं तो अपना बिल भरने आया हूं ,
चाहे उसमें मीटर रीडिंग गलत हो या रकम तीन गुनी।
क्योंकि सिस्टम बदलने की उम्मीद अब मीटर से नहीं ,
करंट से लगती है , वो भी तब जब जेई नाराज हो जाए।