05/08/2026
बिहार की हजारों वर्षों पुरानी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने बोधगया, सुल्तानगंज, मंदार, विश्व प्रसिद्ध केसरिया स्तूप तथा मां मुंडेश्वरी मंदिर सहित राज्य के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण, वैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्खनन एवं समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि LiDAR एवं GPR जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की सहायता से इन ऐतिहासिक धरोहरों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि इनके वास्तविक ऐतिहासिक महत्व का प्रमाणिक रूप से आकलन किया जा सके और इन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सके।
साथ ही, मां मुंडेश्वरी मंदिर परिसर के आसपास स्थित हजारों भग्नावशेषों के वैज्ञानिक पुनर्स्थापन तथा संपूर्ण कैमूर क्षेत्र को हेरिटेज एवं इको-टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल बिहार की समृद्ध विरासत के संरक्षण, सांस्कृतिक गौरव के संवर्धन तथा पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।