20/05/2026
यह उन युवाओं का मंच है
जिनके सपनों को सिस्टम ने कुचल दिया।
डिग्रियाँ हैं… नौकरी नहीं।
मेहनत है… अवसर नहीं।
आवाज़ है… लेकिन सुनने वाला नहीं।
अब वही युवा
अपना संसद खुद बनाएगा।
उन्होंने हमें बेरोज़गार कहा।
नाकारा कहा।
Cockroach कहा।
लेकिन याद रखो —
सबसे मुश्किल हालात में भी
सबसे आख़िर तक ज़िंदा रहने वाला जीव
Cockroach ही होता है।
अब युवा चुप नहीं रहेगा।
Cockroach Youth Parliament
युवाओं की आवाज़ • सिस्टम से सवाल • बदलाव की शुरुआत
Cockroach Youth Parliament