26/05/2021
मैं बुद्ध पुरुष की शरण जाता हूं। मैं उनके बनाए संध की शरण जाता हूं।इस प्रकार मैं धर्म की शरण जाता हूं।
धर्मो रक्षति रक्षितः। अर्थात तुम धर्म की रक्षा करो धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा।
जो अधर्म के पक्ष में होगा वह मारा जाएगा।