27/01/2026
कमलदह जी तीर्थ (पटना) के भव्य मंदिर शिखर पर भगवान नेमिनाथ की प्रतिमाएं एवं आचार्य चरण कमलों की विधिपूर्वक स्थापना
बिहार की राजधानी पटना के गुलजारबाग में महामुनि सेठ सुदर्शन स्वामी की निर्वाण भूमि श्री कमलदह जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र में सोमवार, दिनांक 26 जनवरी, 2026 को आस्था, भक्ति एवं उल्लास से परिपूर्ण एक ऐतिहासिक आयोजन सम्पन्न हुआ।
मंदिर के नवनिर्मित भव्य शिखर पर भगवान नेमिनाथ स्वामी की प्रतिमाओं एवं पूज्य जैनाचार्यों के चरण कमलों की विधि-विधानपूर्वक स्थापना की गई।
उल्लेखनीय है कि ये प्रतिमाएं हाल ही में 21 से 25 जनवरी 2026 को श्री पावापुरी जी सिद्ध क्षेत्र में आयोजित “श्री मज्जिनेन्द्र चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव” के दौरान प्रतिष्ठित की गई थीं, जिन्हें 26 जनवरी 2026 को शुभ मुहूर्त में पूर्ण पवित्रता के साथ कमलदह जी तीर्थ में विराजमान किया गया।
प्रतिष्ठा विधि का संचालन अम्बाह (मुरैना) से पधारे सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य पं. मुकेश जी शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रीय विधि-विधान से किया गया।
मंदिर के नवनिर्मित गगनचुंबी शिखर पर भगवान नेमिनाथ स्वामी की कमल सहित चार भव्य प्रतिमाएं चारों दिशाओं में स्थापित की गई हैं, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को शांति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश प्रदान करेंगी। वहीं जिनालय की छत पर निर्मित कलात्मक छतरियों में पाटलिपुत्र के इतिहास से सम्बन्ध रखने वाले पूज्य जैनाचार्यों (अंतिम श्रुत केवली आचार्य भद्रबाहु स्वामी, तत्त्वार्थसूत्र के रचयिता आचार्य उमास्वामी, मगध सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य जो बाद में जैन मुनि दीक्षा लेकर विशाखाचार्य बन गए एवं सदी के प्रथम आचार्य कुन्दकुंद स्वामी) के चरण चिन्हों की स्थापना से यह स्थल अब गुरु-भक्ति का भी अनुपम केंद्र बन गया है।
इस अवसर पर बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी के मानद मंत्री श्री पराग जैन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन पटना के जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण है, कमलदह जी क्षेत्र का यह बहुप्रतीक्षित कार्य आज गुरूओं के आशीर्वाद से साकार हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का सशक्त केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के समापन पर उन सभी सौभाग्यशाली परिवारों एवं श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया जिन्होंने प्रतिमा एवं चरण विराजमान कराने का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रबंधक सोनू कुमार जैन ने बताया कि इस अवसर पर देश के विभिन्न भागों से जैसे गुजरात महाराष्ट्र बिहार तथा झारखंड से जैन श्रद्धालु पटना पहुंचे। स्थापना के पश्चात मंदिर की भव्यता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस महोत्सव ने धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ समाज में एकता, भक्ति और संस्कारों के बंधन को और सुदृढ़ किया।
पूरे वातावरण में “भगवान नेमिनाथ की जय” के जयघोष गूंजते रहे।
✍️ रवि कुमार जैन, राजगीर