28/09/2026
क़द्रदानों की जिस महफ़िल में क़दर नहीं होती,
वहाँ कलाकारों की पगड़ी उछल ही जाती है।
जम्हूरियत में जब आवाम के हुक़ूक़ की हिफ़ाज़त नहीं होती,
तब हुक्मरानों के इशारों पर नाचने वाले अफ़सरों से
दस्तार छीन ली जाती है।