19/07/2026
कुड़मी समाज के सम्मान और अधिकार की आवाज़
झारखंड के विकास, कृषि, शिक्षा, उद्योग और सामाजिक जीवन में कुड़मी समाज का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। फिर भी यदि राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व में अपेक्षित स्थान नहीं मिलता, तो यह चिंता का विषय है।
हमारी मांग किसी के अधिकार को कम करना नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण, सम्मानजनक और समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
अब समय है कि कुड़मी समाज की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भागीदारी को उचित सम्मान मिले।
हक़ हमारा – अधिकार हमारा।
सम्मान हमारा – प्रतिनिधित्व हमारा।