26/05/2026
बिजली विभाग की तानाशाही: जनता अंधेरे में और साहब बदतमीजी करने में व्यस्त हैं! 😡⚡
एक तरफ सरकार 'डिजिटल इंडिया' और 'हर घर बिजली' का ढिंढोरा पीटती है, तो दूसरी तरफ जमीन पर बिजली विभाग के कर्मचारी आम जनता को कीड़े-मकौड़े समझते हैं। करनपुर पंचायत (बारसोई )में 3 दिन से बिजली गायब है। लोग गर्मी और अंधेरे में परेशान हैं। जब एक गरीब उपभोक्ता (जो बीपीएल धारी है) अपनी फरियाद लेकर फोन करता है, तो उसे समाधान मिलने के बजाय बदतमीजी मिलती है!
विभाग की बेशर्मी और गुंडागर्दी का स्तर देखिए:
समस्या का कोई जवाब नहीं: जब पूछा गया कि लाइट क्यों कटी है, तो जिम्मेदारी सीधे पावर हाउस पर डाल दी गई। पावर हाउस फोन करो, तो कोई फोन नहीं उठाता और तार ठीक करने के लिए फोन करो, तो लाइनमैन नहीं मिलता।
सहानुभूति शून्य: गरीब जनता अंधेरे में तड़प रही है, लेकिन अधिकारी का पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि पिछले साल का ₹41 का बकाया किसने नहीं दिया।
अभद्र भाषा का प्रयोग: सरेआम फोन पर उपभोक्ता से अमर्यादित और गैर-जिम्मेदाराना लहजे में बात की जाती है। क्या सरकारी विभागों में अब यही भाषा सिखाई जाती है? एक गरीब की मजबूरी का मजाक उड़ाना हो, तो विभाग के पास पूरी डिक्शनरी तैयार है!
कागजी अंतर्यामी: ट्रांसफार्मर ठीक करने के नाम पर इनका सिस्टम हफ्तों ठप रहता है, लेकिन जैसे ही गरीब को डराना हो, इनका कंप्यूटर एक सेकंड में ₹2249 का बकाया निकाल देता है!
हमारा सीधा सवाल:
जब बिजली देने की बारी आती है, तो 'रोटेशन' का बहाना क्यों? जब जनता को सुविधाएं नहीं मिल रहीं, तो विभाग किस मुंह से हजारों का बिल थमा देता है? जनता टैक्स भी दे, बिल भी भरे और बदले में अधिकारियों की बदतमीजी भी सहे? अब यह बर्दाश्त नहीं होगा! सरकार और उनके अधिकारी जमीन पर जनता का खून चूस रहे हैं। इस तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
इसे इतना शेयर करो कि सोए हुए अधिकारी और सरकार तक जनता की ये चीख पहुंचे।