26/07/2022
आज दिनांक 26 जुलाई (मंगलवार ) 2022 को "लद्दाख एवं जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र" , बिहार प्रान्त के तत्वावधान में पीपुल्स कोऑपरेटिव कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना में "कारगिल विजय दिवस" के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक " कारगिल विजय " को रेखांकित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले माँ भारती के अमर सपूतों को हमें हमारे युवा पीढ़ी के लोगों को स्मरण कराते रहने की जरूरत है, क्योंकि आज जो पच्चीस साल के बीच की पीढ़ी है वो तो उस समय पैदा भी नहीं हुई थी जब विश्व इतिहास में भारतीय सशस्त्र बलों के अद्भुत पराक्रम, उत्कृष्ट रण-कौशल और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के महान प्रतीक "कारगिल विजय "अभियान को अंजाम दिया गया था। कारगिल की यह जंग 60 दिन से ज्यादा चली थी, इस जंग को "ऑपरेशन विजय" नाम दिया गया। इस जंग में पाकिस्तान से लड़ते हुए भारत के 527 जवानों का बलिदान एक अमर गाथा बन चुकी है।
26 जुलाई, 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को हराया था, तब से देश के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान की याद में उस दिन को " कारगिल विजय दिवस " के रूप में मनाया जाता है।
कारगिल युद्ध में अपने अतुलनीय अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए
माँ भारती की रक्षा के लिए मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करते हुए दुश्मनों को पराजित कर दुनिया में भारतीय सेना का डंका बजाने वाले माँ भारती के अमर बलिदानी वीर सपूत भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो हमारे जांबाजों एवं आज के युवाओं को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
कारगिल में सर्वोच्च बलिदान कर शत्रुओं को रौंद देने वाले माँ भारती के सपूतों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से शत शत नमन् एवं समस्त देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं!!