03/05/2026
हमारी मूल मंत्र शांति, सहमति और उन्नति है मित्रों,
हमें संकल्प लेना होगा कि हम शांत रहकर सहमति से अपने उन्नति जैसे लक्ष्य को पाएं।
हे यादव आपसे श्रेष्ठ कौन? फिर भी आप तुच्छ क्यूँ? राष्ट्रहित कार्य करने के पश्चात भी आप आज भारतवर्ष में अकेला, सत्ता विहीन क्यूँ? इसका निदान कौन करेगा? क्या माधव करेंगे या आप?
तो आइए बैठकतिथि बनाएं! अधिक वार्ता बैठक में...
ओम् नमो यादवायः 🙏
यह लिखावट भावनात्मक और प्रतीकात्मक है, और रिश्तों को समझाने के लिए मोबाइल–चार्जर जैसी उपमाएँ इस्तेमाल करती है।
लेकिन अगर सीधे और संतुलित शब्दों में कहूँ, तो—
एक स्त्री के लिए पुरुष क्या है?
और एक पुरुष के लिए स्त्री क्या है?
दोनों का जवाब लगभग एक जैसा है:
साथी — जो साथ चले
विश्वास — जो टूटे नहीं
सम्मान — जो कम न हो
सहारा — जो मुश्किल में खड़ा रहे
प्रेरणा — जो आगे बढ़ाए
रिश्ते में कोई “ऊर्जा का अकेला स्रोत” नहीं होता।
न पुरुष सिर्फ देता है, न स्त्री सिर्फ ले�