26/04/2026
प्रेस विज्ञप्ति
NHRCCB द्वारा “POCSO Act: Child Safety and Legal Protection” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार सफलतापूर्वक संपन्न
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा दिनांक 25 अप्रैल 2026 को “POCSO Act: Child Safety and Legal Protection” विषय पर एक राष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन वेबिनार सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह वेबिनार बाल सुरक्षा, बाल अधिकार संरक्षण तथा बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य को कितना महत्व देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक दायित्व भी है।
वेबिनार में मुख्य वक्ता श्री मणिकांत गुप्ता (सदस्य कल्याण समिति) ने अपने विस्तृत एवं अनुभवपूर्ण संबोधन में POCSO Act के महत्वपूर्ण प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया, बाल पीड़ितों की सुरक्षा, न्यायिक प्रक्रिया तथा समाज की जिम्मेदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने Juvenile Justice (JJ) Act के प्रमुख प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि यह कानून केवल बाल अपराध या संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि संकटग्रस्त एवं असुरक्षित बच्चों के पुनर्वास, देखभाल और भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मुख्य वक्ता ने Child Welfare Committee (CWC) सदस्य के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए अनेक संवेदनशील मामलों का उल्लेख किया, जिनमें समय पर हस्तक्षेप से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि CWC की अनुशंसा पर संरक्षक (Guardian) एवं Support Person को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे बाल पीड़ित को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मानसिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक समर्थन मिल सके। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल अपराधी को दंडित करना नहीं, बल्कि पीड़ित बच्चे को सुरक्षा, विश्वास और पुनर्वास प्रदान करना भी है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ जतिंदर पाल सिंह (प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़) ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं, बल्कि निरंतर गतिविधियों, जागरूकता अभियानों और जनसंपर्क कार्यक्रमों से आता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल अधिकार जागरूकता अभियान, विद्यालयों में सुरक्षा संवाद, महिला एवं बाल संरक्षण शिविर तथा सामाजिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करें। उन्होंने कहा कि सक्रिय संगठन ही समाज में प्रभावशाली परिवर्तन ला सकता है।
वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े पदाधिकारी, सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से भी बाल अधिकार, कानूनी प्रक्रिया, सामाजिक हस्तक्षेप तथा जागरूकता अभियानों से संबंधित व्यावहारिक प्रश्न पूछे गए , जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने अपने समापन संदेश में कहा कि हर बच्चा सुरक्षित बचपन, सम्मान और अवसर का अधिकार रखता है। यदि समाज बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर ने सभी सम्मानित अतिथियों, मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि, पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी सक्रिय टीम, अनुशासित कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण में निहित होती है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे वेबिनार से प्राप्त ज्ञान एवं मार्गदर्शन को अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता, बाल सुरक्षा अभियान तथा सामाजिक गतिविधियों के रूप में आगे बढ़ाएँ। साथ ही उन्होंने आगामी कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)
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