Zindgi Na Milegi Dobara

Zindgi Na Milegi Dobara Books Sangraha

27/03/2024

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं

गाते गाते लोग चिल्लाने लगे हैं

अब तो इस तालाब का पानी बदल दो

ये कँवल के फूल कुम्हलाने लगे हैं

वो सलीबों के क़रीब आए तो हम को

क़ाएदे क़ानून समझाने लगे हैं

एक क़ब्रिस्तान में घर मिल रहा है

जिस में तह-ख़ानों से तह-ख़ाने लगे हैं

मछलियों में खलबली है अब सफ़ीने

इस तरफ़ जाने से कतराने लगे हैं

मौलवी से डाँट खा कर अहल-ए-मकतब

फिर उसी आयात को दोहराने लगे हैं

अब नई तहज़ीब के पेश-ए-नज़र हम

आदमी को भून कर खाने लगे हैं

06/04/2023
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08/09/2021



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हिंदी की इन 3 गजलों के हैं लाखों मुरीद...



काव्य डेस्क



Kavya Charcha

हिंदी की गजलों को स्थापित करने में दुष्यंत कुमार का योगदान सराहनीय है। दुष्यंत के अलावा शमशेर बहादुर सिंह, अदम गोंडवी, गोपाल दास नीरज, विश्वनाथ, शेरगंज गर्ग, त्रिलोचन सहित अन्य कवियों ने भी गजल विधा पर हिंदी में कार्य किया है। कुछ गजलें ऐसी है जिन्हें साहित्य प्रेमी पाठकों ने काफी पसंद किया है। ऐसी ही 3 गजलों का हम यहां उल्लेख कर रहे हैं।

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शमशेर बहादुर सिंह...

चुपके से कोई कहता है शाएर नहीं हूँ मैं
क्यूँ अस्ल में हूँ जो वो ब-ज़ाहिर नहीं हूँ मैं

भटका हुआ सा फिरता है दिल किस ख़याल में
क्या जादा-ए-वफ़ा का मुसाफ़िर नहीं हूँ मैं

क्या वसवसा है पा के भी तुम को यक़ीं नहीं
मैं हूँ जहाँ कहीं भी तो आख़िर नहीं हूँ मैं

सौ बार उम्र पाऊँ तो सौ बार जान दूँ
सदक़े हूँ अपनी मौत पे काफ़िर नहीं हूँ मैं

राजेश रेड्डी...

शाम को जिस वक़्त ख़ाली हाथ घर जाता हूँ मैं
मुस्कुरा देते हैं बच्चे और मर जाता हूँ मैं

जानता हूँ रेत पर वो चिलचिलाती धूप है
जाने किस उम्मीद में फिर भी उधर जाता हूँ मैं

सारी दुनिया से अकेले जूझ लेता हूँ कभी
और कभी अपने ही साये से भी डर जाता हूँ मैं

ज़िन्दगी जब मुझसे मज़बूती की रखती है उमीद
फ़ैसले की उस घड़ी में क्यूँ बिखर जाता हूँ मैं

आपके रस्ते हैं आसाँ आपकी मंजिल क़रीब
ये डगर कुछ और ही है जिस डगर जाता हूँ मैं

अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे,तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे ।ऐ नए दोस्त मैं समझूँगा तुझे भी अपना,पहले माज...
08/09/2021

अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे,
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे ।
ऐ नए दोस्त मैं समझूँगा तुझे भी अपना,
पहले माज़ी का कोई ज़ख़्म तो भर जाने दे ।
आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी,
कोई आँसू मेरे दामन पर बिखर जाने दे ।

उस बेवफ़ा को न प्यार निभाना आया,दिल की दौलत को यूं ही लुटाना आया,वो मिल रहा था गैरों से बड़े सलीके से,मेरी मय्यत पे भी मुझ...
25/08/2021

उस बेवफ़ा को न प्यार निभाना आया,
दिल की दौलत को यूं ही लुटाना आया,
वो मिल रहा था गैरों से बड़े सलीके से,
मेरी मय्यत पे भी मुझको जलाने आया।

25/08/2021

मैं तो झोंका हूँ हवाओं का उड़ा ले जाऊंगा,
जागते रहना तुझे तुझसे चुरा ले जाऊंगा।

हो के कदमों पे निछावर फूल ने बुत से कहा,
ख़ाक में मिलकर भी मैं खुशबू बचा ले जाऊंगा।

कौन सी शय मुझको पहुँचाएगी तेरे शहर,
ये पता तो तब चलेगा जब पता ले जाऊंगा।

कोशिशें मुझको मिटाने की भले हो कामयाब,
मिटते मिटते भी मैं मिटने का मजा ले जाऊंगा।

शोहरतें जिनकी वजह से दोस्त दुश्मन हो गए,
सब यहीं रह जाएँगी मैं साथ क्या ले जाऊंगा।

Har taraf har jagah beshumaar aadmiPhir bhi tanhaaiyon ka shikaar aadmiSubah se shaam tak bojh dhota huaApni hi laash ka...
28/11/2018

Har taraf har jagah beshumaar aadmi
Phir bhi tanhaaiyon ka shikaar aadmi

Subah se shaam tak bojh dhota hua
Apni hi laash ka khud mazaar aadami

Har taraf bhaagte daudte raaste
Har taraf aadami ka shikaar aadami

Roz jita hua roz marta hua
Har naye din naya intazaar aadami

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Panna
488442

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