06/04/2026
कल तक जो अकड़कर चलते थे, आज उनके हाथ में माला है,
गांव की गलियों में फिर से, वोटों वाला साला है।
खैरियत पूछने लगे हैं वो भी, जो नाम तक भूल गए थे,
लगता है प्रधानी का चुनाव, फिर से आने वाला है।"