DEV BHUMi Bjym - B.J.P

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08/04/2017
Black out ....Really it takes four days for providing electricity and water in area where we live...(bhadwar,nagni) .. c...
10/08/2016

Black out ....Really it takes four days for providing electricity and water in area where we live...(bhadwar,nagni) .. concerning dept. should think that they are working farely..bearocrates & politician should also have to give attention...

19/06/2016

कविता for all Daddy's👤 😘
वो पिता होता है
वो पिता ही होता है
जो अपने बच्चो को अच्छे
विद्यालय में पढ़ाने के लिए
दौड भाग करता है...
उधार लाकर donation भरता
है, जरूरत पड़ी तो किसी के भी
हाथ पैर भी पड़ता है...... वो पिता होता हैं ।।
हर कोलेज में साथ साथ
घूमता है, बच्चे के रहने के
लिए होस्टल ढूंढता है...
स्वतः फटे कपडे पहनता है
और बच्चे के लिए नयी जीन्स
टी-शर्ट लाता है......... वो पिता होता है ।।
खुद खटारा फोन वपरता है पर
बच्चे के लिए स्मार्ट फोन लाता है...
बच्चे की एक आवाज सुनने के
लिए, उसके फोन में पैसा भरता है...... वो पिता होता है ।
बच्चे के प्रेम विवाह के निर्णय पर
वो नाराज़ होता है और गुस्से
में कहता है सब ठीक से देख
लिया है ना,
"आपको कुछ
पता भी है?" यह सुन कर रोता है......वो पिता होता हैं ।।
बेटी की विदाई पर दिल की
गहराई से रोता है,
मेरी बेटी का ख्याल रखना हाथ
जोड़ कर कहता है........ वो पिता होता है ।।
पिता का प्यार दिखता नहीं है
सिर्फ महसूस किया जाता है।
माँ पर तो बहुत कविता लिखी
गयी है पर पिता पर नहीं।
पिता का प्यार क्या है दुनिया
को बता दो।

पापा के आँसू दिखते नहीं.... शायद इसीलिए 90% पिता हार्ट अटैक से मर जाते हैं
I m missing u Papa

22/03/2016

अप्रैल फूल" किसी को कहने से पहले
इसकी
वास्तविक सत्यता जरुर जान ले.!!
पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस
कह रहे
हो !!
पता भी है क्यों कहते है अप्रैल फूल (अप्रैल फुल
का
अर्थ है - हिन्दुओ का मूर्खता दिवस).??
ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है…
मुर्ख हिन्दू कैसे समझें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े
दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है अप्रैल फूल,
अप्रैल फूल ???
इसका मतलब क्या है.?? दरअसल जब ईसाइयत अंग्रेजो
द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस
समय लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से
अपना
नया साल बनाते थे, जो आज भी सच्चे हिन्दुओ
द्वारा मनाया जाता है, आज भी हमारे बही
खाते
और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू
होते है, पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत
ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते
हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम
दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप
ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने
सही हो
आप.?
यादरखो अप्रैल माह से जुड़े हुए इतिहासिक दिन और
त्यौहार
1. हिन्दुओं का पावन महिना इस दिन से शुरू होता है
(शुक्ल प्रतिपदा)
2. हिन्दुओ के रीति -रिवाज़ सब इस दिन के कलेण्डर
के अनुसार बनाये जाते है।

6. आज का दिन दुनिया को दिशा देने वाला है।
अंग्रेज ईसाई, हिन्दुओ के विरुध थे इसलिए हिन्दू के
त्योहारों को मूर्खता का दिन कहते थे और आप
हिन्दू भी बहुत शान से कह रहे हो.!!
गुलाम मानसिकता का सुबूत ना दो अप्रैल फूल लिख
के.!!
अप्रैल फूल सिर्फ भारतीय सनातन कलेण्डर, जिसको
पूरा विश्व फॉलो करता था उसको भुलाने और
मजाक उड़ाने के लिए बनाया गया था। 1582 में पोप
ग्रेगोरी ने नया कलेण्डर अपनाने का फरमान
जारी
कर दिया जिसमें 1 जनवरी को नया साल का प्रथम
दिन बनाया गया।
जिन लोगो ने इसको मानने से इंकार किया, उनको 1
अप्रैल को मजाक उड़ाना शुरू कर दिया और धीरे-
धीरे
1 अप्रैल नया साल का नया दिन होने के बजाय मूर्ख
दिवस बन गया।आज भारत के सभी लोग
अपनी ही
संस्कृति का मजाक उड़ा ते हुए अप्रैल फूल डे मना रहे
है।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

22/03/2016

एक श्रीफल अपने एवं परिवार के सदस्यों के ऊपर से सात बार घड़ी की सुई की दिशा में उतारें। यदि किसी सदस्य को अधिक परेशानी है तो उनके लिए अलग से श्रीफल उतारें। अब अपने इष्ट देवता का ध्यान कर के अपनी समस्या को उन्हें बताकर श्रीफल होलिका में डाल दें एवं होलिका की सात प्रदक्षिणा करके परेशानी दूर करने की प्रार्थना करें एवं अपने एवं परिवार के लिए स्वास्थ्य, यश, दीर्घायु, धन, लाभ आदि की कामना करके हाथ जोड़कर प्रणाम करें तथा घर आकर अपने ईष्टदेव को प्रणाम करें तथा घर के सभी बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लें।

01/01/2016

आपको और आपके परिवार को नव वर्ष २०१६ की ढेर सारी शुभकामनाएं। इस वर्ष आपकी हर इच्छा पूर्ण हो और नया साल आपके जीवन में सुख समृद्धिऔर शान्ति लेकर आए।

16/10/2015

Second best line ever guarantee

13/10/2015

आपको एवं आपके परिजनो को महामाई के नवरात्रो की अनन्त एवं हार्दिक शुभकामनायें।

माँ दुर्गा आपको शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, संयम, सादगी, सफलता, समृध्दि, साधना, संस्कार, और स्वास्थ्य देँ l

10/10/2015

नफरतों का असर देखो,
जानवरों का बटंवारा हो गया,
गाय हिन्दू हो गयी ;
और बकरा मुसलमान हो गया.

मंदिरो मे हिंदू देखे,
मस्जिदो में मुसलमान,
शाम को जब मयखाने गया ;
तब जाकर दिखे इन्सान.
ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं

सूखे मेवे भी ये देख कर हैरान हो गए
न जाने कब नारियल हिन्दू और
खजूर मुसलमान हो गए..

न मस्जिद को जानते हैं , न शिवालों को जानते हैं
जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ निवालों को जानते हैं.

अंदाज ज़माने को खलता है.
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है......

मैं अमन पसंद हूँ , मेरे शहर में दंगा न रहने दो...
लाल और हरे में मत बांटो, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो...

13/09/2015

प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव 20 सितंबर से 20 नवंबर तक होंगे। भापजा के संगठनात्मक प्रदेश चुनाव अधिकारी विक्रम ठाकुर ने शनिवार को बताया कि 20 सितंबर तक बूथ स्तर, 10 अक्तूबर तक मंडल स्तर, 30 अक्तूबर तक जिला स्तर व 20 नवंबर तक प्रदेश स्तर के चुनाव होंगे। इसी कड़ी में उन्होंने जिला चुनाव अधिकारियों की घोषणा कर दी है। जिन नेताओं को तैनाती दी गई है, उनमें चंबा जिला के चुनाव अधिकारी डा. राजीव भारद्वाज व कांगड़ा की जिला चुनाव अधिकारी इंदू गोस्वामी होंगी। इसी तरह नूरपुर संगठनात्मक जिला में विनोद महाजन, देहरा में बलवीर चौधरी, पालमपुर में कृपाल परमार, लाहुल-स्पीति में प्रवीण शर्मा, कुल्लू में अजय राणा, मंडी में त्रिलोक जम्वाल, सुंदरनगर में गोविंद सिंह ठाकुर, हमीरपुर में वीरेंद्र कंवर, ऊना में विनोद ठाकुर, बिलासपुर में प्रवीण शर्मा, सोलन में नरेंद बरागटा, सिरमौर में राजीव सहजल, शिमला में डा. सिकंदर कुमार, महासू में गणेश दत्त और किन्नौर जिला में राम सिंह को बतौर चुनाव अधिकारी बनाया गया है।

11/09/2015

एक बार संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को ले कर चर्चा चल रही थी।

एक भारतीय प्रवक्ता बोलने के लिए खड़ा हुआ। अपना पक्ष रखने से पहले उसने ऋषि कश्यप की एक बहुत पुरानी कहानी सुनाने की अनुमति माँगी। अनुमति मिलने के बाद भारतीय प्रवक्ता ने अपनी बात शुरू की...

"एक बार महर्षि कश्यप, जिनके नाम पर आज कश्मीर का नाम पड़ा है, घूमते-घूमते कश्मीर पहुंच गए।

वहाँ उन्होंने एक सुन्दर झील देखी तो उस झील में उनका नहाने का मन हुआ।

उन्होंने अपने कपड़े उतारे और झील में नहाने चले गए।

जब वो नहा कर बाहर निकले, तो उनके कपड़े वहाँ से गायब मिले।

दरअसल, उनके कपड़े किसी पाकिस्तानी ने चुरा लिये थे..."

इतने में पाकिस्तानी प्रवक्ता चीख पड़ा और बोला:
"क्या बकवास कर रहे हो? उस समय तो 'पाकिस्तान' था ही नहीं!!!"

भारतीय प्रवक्ता मुस्कुराया और बोला:

"और ये पाकिस्तानी कहते हैं कि कश्मीर इनका है!!!"

29/08/2015

सर्वप्रथम किसने बांधी राखी किस को और क्यों ??

लक्ष्मी जी ने सर्वप्रथम बालि को बांधी थी।
ये बात हैं जब की
जब दानबेन्द्र राजा बलि अश्वमेध यज्ञ करा रहें थे
तब नारायण ने राजा बलि को छलने के लिये वामन अवतार लिया और तीन पग में सब कुछ ले लिया
तब उसे भगवान ने पाताल लोक का राज्य रहने के लिये दें दिया
तब उसने प्रभु से कहा की कोई बात नहीँ मैं रहने के लिये तैयार हूँ
पर मेरी भी एक शर्त होगी
भगवान अपने भक्तो की बात कभी टाल नहीँ सकते
उन्होने कहा ऐसे नहीँ प्रभु आप छलिया हो पहले मुझे वचन दें की जो मांगूँगा वो आप दोगे
नारायण ने कहा दूँगा दूँगा दूँगा
जब त्रिबाचा करा लिया तब बोले बलि
की मैं जब सोने जाऊँ तो जब उठूं तो जिधर भी नजर जाये उधर आपको ही देखूं
नारायण ने अपना माथा ठोका और बोले इसने तो मुझे पहरेदार बना दिया हैं ये सबकुछ हार के भी जीत गया है
पर कर भी क्या सकते थे वचन जो दें चुके थे
ऐसे होते होते काफी समय बीत गया
उधर बैकुंठ में लक्ष्मी जी को चिंता होने लगी नारायण के बिना
उधर नारद जी का आना हुआ
लक्ष्मी जी ने कहा नारद जी आप तो तीनों लोकों में घूमते हैं क्या नारायण को कहीँ देखा आपने
तब नारद जी बोले की पाताल लोक में हैं राजा बलि की पहरेदार बने हुये हैं
तब लक्ष्मी जी ने कहा मुझे आप ही राह दिखाये की कैसे मिलेंगे
तब नारद ने कहा आप राजा बलि को भाई बना लो और रक्षा का वचन लो और पहले तिर्बाचा करा लेना दक्षिणा में जो मांगुगी वो देंगे
और दक्षिणा में अपने नारायण को माँग लेना
लक्ष्मी जी सुन्दर स्त्री के भेष में रोते हुये पहुँची
बलि ने कहा क्यों रो रहीं हैं आप
तब लक्ष्मी जी बोली की मेरा कोई भाई नहीँ हैं इसलिए मैं दुखी हूँ
तब बलि बोले की तुम मेरी धरम की बहिन बन जाओ
तब लक्ष्मी ने तिर्बाचा कराया
और बोली मुझे आपका ये पहरेदार चाहिये
जब
ये माँगा
तो बलि पीटने लगे अपना माथा
और सोचा
धन्य हो माता पति आये सब कुछ लें गये और ये महारानी ऐसी आयीं की उन्हे भी लें गयीं
तब से ये रक्षाबन्धन शुरू हुआ था
और इसी लिये जब कलावा बाँधते समय मंत्र बोला जाता हैं
येन बद्धो राजा बलि दानबेन्द्रो महाबला तेन त्वाम प्रपद्यये रक्षे माचल माचल:
ये मंत्र हैं
रक्षा बन्धन अर्थात बह बन्धन जो हमें सुरक्षा प्रदान करे
सुरक्षा किस से
हमारे आंतरिक और बाहरी शत्रुओं से रोग ऋण से।
राखी का मान करे।
अपनी भाई बहन क प्रति प्रेम और सम्मान की भावना रखे।
फैशन ना बनाये।

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