05/09/2024
मेरे प्रिय चाचाजी श्री चैन सिंह चौहान जी, जिनके पास भोपाल में रहकर चौथी से लेकर ग्यारहवीं कक्षा तक पढ़ा, जिनका आशीर्वाद सार्वजनिक जीवन में मेरी प्रेरणा रहा, जो सदैव मेरे ऊपर प्रेम की वर्षा करते रहे, वह आज हमें छोड़कर अनंत यात्रा पर चले गए।
वो मेरी शक्ति थे, भावनात्मक सहारा थे, प्रेरणा थे। आज वो साथ छूट गया, सहारा टूट गया, हृदय-घट सूना हो गया।
पूज्य चाचाजी के चरणों में प्रणाम!