23/08/2026
“आभार जींद ”🙏🏻
“पिता से मिली विरासत मेरे माथे का ताज है,
मगर जनता का विश्वास मेरे कर्मों का हिसाब है।
उन्होंने रिश्तों की जो नींव रखी थी बरसों पहले,
आज तीसरी पीढ़ी भी साथ है, यही मेरा सबसे बड़ा खिताब है।”
आज सियासी राजधानी, जींद की धरती पर उमड़ा अपार स्नेह, आशीर्वाद और जनसमर्थन एक मजबूत संदेश दे गया।
यह कोई रैली नहीं थी, कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं था, सिर्फ अपनों से मिलने का एक ‘स्नेह मिलन’ था। फिर भी जिस अभूतपूर्व संख्या, उत्साह और आत्मीयता के साथ आप सब पहुंचे, उसने इस आयोजन को हर लिहाज़ से यादगार बना दिया। 🙏🏻
इस शानदार आयोजन की असली ताकत मेरे वे समर्पित कार्यकर्ता साथी हैं, जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इसे ऐतिहासिक बनाया। आपका पसीना, आपका समर्पण और जनता का विश्वास, यही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
जब कार्यकर्ता का जोश और जनता का विश्वास एक साथ खड़ा हो जाए, तो सियासत की दिशा बदलती है।
राजनीति में भीड़ जुटाई जा सकती है, लेकिन पीढ़ियों का विश्वास कमाया जाता है। और आज जींद ने फिर साबित कर दिया कि चौधरी भजनलाल जी द्वारा दशकों पहले जो रिश्ते बनाए गए थे, उनकी जड़ें आज भी उतनी ही गहरी और मजबूत हैं।
“मेहनत मेरे साथियों की, आशीर्वाद मेरी जनता का,
सियासी राजधानी जींद ने आज इतिहास रच दिया।”🙏🏻
दिल की गहराइयों से आभार, जींद।
यह स्नेह मेरा संबल है, यह विश्वास मेरी जिम्मेदारी। 🙏🏻