The Real Heroes of the Nation

The Real Heroes of the Nation "लहू देकर तिरंगे की बुलंदी को सँवारा ह? Aap ki saport hume nya josh bhar deti h.. By.
...Bravo indian Army

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ के
आया हूँ...
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़
के आया हूँ.....
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत
माँ,
में अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़
के आया हूँ....!
जो देशभक्त है वो ये पेज लाईक
⏩..Agar aap apni Army ko Like karte h or Hamare Brave Soldiers ki respect karte h to iss page ko Jarur Like kare..

28/07/2020
15/08/2019
ढाई दिन के सांसद को पैंसन और जिन सीआरपीएफ जाँबाजों ने संसद को बचाया उन अर्ध सैनिकों की पैंसन बंद !
30/06/2018

ढाई दिन के सांसद को पैंसन और जिन सीआरपीएफ जाँबाजों ने संसद को बचाया उन अर्ध सैनिकों की पैंसन बंद !

29/06/2018

All three militants killed in Pulwama Encounter Identitified as Firdous Amed alias hanzula from Machpuna Pulwama, Hilal Ahmed, Armula Lassipora alias Toib Pulwama and Sajad Mansoor from Kupwara... Jai hind

माना की घर से दूर हूं,यूं ना समझो कि मैं मजबूर हूं।तीर्थान्कर काशी गंगा सा पावन हूं,जो पतझड़ में हरियाली लाए वो सावन हूं...
20/06/2018

माना की घर से दूर हूं,
यूं ना समझो कि मैं मजबूर हूं।
तीर्थान्कर काशी गंगा सा पावन हूं,
जो पतझड़ में हरियाली लाए वो सावन हूं।।
बेटे के घर आने की आस संजोती,
बुढी मां की आस हूं।
विरह वेदना में तड़पती,
नववधू की प्यास हूं॥
राहों को तकती आंखों का पानी हूं,
मजबूरी में की गई मनमानी हूं।
विरह-मिलन की रसहीन कहानी हूं,
श्रृंगार सजी दुल्हन की तन्हा जवानी हूं॥
भाई-बहन का सम्मान हूं,
बाबा का अभिमान हूं।
चौपालों में सजी मंडली का अंग हूं,
होली में उड़ता गुलाबी रंग हूं॥
अभी मैं आ नहीं सकता मां,
बस थोड़ी सी मजबूरी है।
मां तुम चिन्ता मत करना,
बस कुछ कोसों की ही दूरी है॥
वादा है अबकी बार मैं,
होली पर आऊंगा।
गुडिया को अपने हाथ से,
झूला झुलाऊंगा।
पापा की खातिर मखमली,
कम्बल लाऊंगा।
मां तेरी खातिर कश्मीरी,
स्वेटर लाऊंगा॥
जाने कितने ही वादे हम,
वधुओं से किए जाते।
ना जाने फिर क्यूं तिरंगे में,
संग खत के लिपट आते॥
मैं भारत मां के,
शीश मुकुट की शान हूं।
कठिनाई से लड़ता सहता,
मैं सेना का जवान हूं॥

सुंदरता का मूल्य===========एक अती सुन्दर महिला ने विमान में प्रवेश किया और अपनी सीट की तलाश में नजरें घुमाईं। उसने देखा ...
19/06/2018

सुंदरता का मूल्य
===========
एक अती सुन्दर महिला ने विमान में प्रवेश किया और अपनी सीट की तलाश में नजरें घुमाईं। उसने देखा कि उसकी सीट एक ऐसे व्यक्ति के बगल में है। जिसके दोनों ही हाथ नहीं है। महिला को उस अपाहिज व्यक्ति के पास बैठने में झिझक हुई।

उस 'सुंदर' महिला ने एयरहोस्टेस से बोली "मै इस सीट पर सुविधापूर्वक यात्रा नहीं कर पाऊँगी। क्योंकि साथ की सीट पर जो व्यक्ति बैठा हुआ है उसके दोनों हाथ नहीं हैं।" उस सुन्दर महिला ने एयरहोस्टेस से सीट बदलने हेतु आग्रह किया।
असहज हुई एयरहोस्टेस ने पूछा, "मैम क्या मुझे कारण बता सकती है..?"

'सुंदर' महिला ने जवाब दिया "मैं ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती। मैं ऐसे व्यक्ति के पास बैठकर यात्रा नहीं कर पाउंगी।"
दिखने में पढी लिखी और विनम्र प्रतीत होने वाली महिला की यह बात सुनकर एयरहोस्टेस अचंभित हो गई। महिला ने एक बार फिर एयरहोस्टेस से जोर देकर कहा कि "मैं उस सीट पर नहीं बैठ सकती। अतः मुझे कोई दूसरी सीट दे दी जाए।"

एयरहोस्टेस ने खाली सीट की तलाश में चारों ओर नजर घुमाई, पर कोई भी सीट खाली नहीं दिखी।
एयरहोस्टेस ने महिला से कहा कि "मैडम इस इकोनोमी क्लास में कोई सीट खाली नहीं है, किन्तु यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना हमारा दायित्व है। अतः मैं विमान के कप्तान से बात करती हूँ। कृपया तब तक थोडा धैर्य रखें।" ऐसा कहकर होस्टेस कप्तान से बात करने चली गई।

कुछ समय बाद लोटने के बाद उसने महिला को बताया, "मैडम! आपको जो असुविधा हुई, उसके लिए बहुत खेद है | इस पूरे विमान में, केवल एक सीट खाली है और वह प्रथम श्रेणी में है। मैंने हमारी टीम से बात की और हमने एक असाधारण निर्णय लिया। एक यात्री को इकोनॉमी क्लास से प्रथम श्रेणी में भेजने का कार्य हमारी कंपनी के इतिहास में पहली बार हो रहा है।"

'सुंदर' महिला अत्यंत प्रसन्न हो गई, किन्तु इसके पहले कि वह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करती और एक शब्द भी बोल पाती... एयरहोस्टेस उस अपाहिज और दोनों हाथ विहीन व्यक्ति की ओर बढ़ गई और विनम्रता पूर्वक उनसे पूछा "सर, क्या आप प्रथम श्रेणी में जा सकेंगे..? क्योंकि हम नहीं चाहते कि आप एक अशिष्ट यात्री के साथ यात्रा कर के परेशान हों।

यह बात सुनकर सभी यात्रियों ने ताली बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया। वह अति सुन्दर दिखने वाली महिला तो अब शर्म से नजरें ही नहीं उठा पा रही थी।
तब उस अपाहिज व्यक्ति ने खड़े होकर कहा, "मैं एक भूतपूर्व सैनिक हूँ। और मैंने एक ऑपरेशन के दौरान कश्मीर सीमा पर हुए बम विस्फोट में अपने दोनों हाथ खोये थे। सबसे पहले, जब मैंने इन देवी जी की चर्चा सुनी, तब मैं सोच रहा था। की मैंने भी किन लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और अपने हाथ खोये..? लेकिन जब आप सभी की प्रतिक्रिया देखी तो अब अपने आप पर गर्व महसूस हो रहा है कि मैंने अपने देश और देशवासियों की खातिर अपने दोनों हाथ खोये।"और इतना कह कर, वह प्रथम श्रेणी में चले गए।
'सुंदर' महिला पूरी तरह से शर्मिंदा होकर सर झुकाए सीट पर बैठ गई।

अगर विचारों में उदारता नहीं है तो ऐसी सुंदरता का कोई मूल्य नहीं है- 🌹🌹🌹🌹🌹

Address

New Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when The Real Heroes of the Nation posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to The Real Heroes of the Nation:

Share