30/01/2026
तो यह एक बिटिया, बहन है जिसका नाम शायद रिद्धिमा शर्मा या राधिका शर्मा है। जिसका झुकाव आजकल कट्टर धार्मिक सोच वाला हो रखा है। इसने जाहरवीर/जाहिर पीर गोगाजी महाराज के मंदिर जा कर कुछ धर्म संबंधित सवाल उठाए हैं।
इसको शायद मालूम नहीं कि राजस्थान की संस्कृति सांझी संस्कृति है, इसमें अपनायत के अलावा इंसानियत और खून के रिश्ते भी हैं। कायमखानी समुदाय पूजा पद्धति से भले ही मुस्लिम हैं पर उससे पहले वो हमारे भाई हैं।
कायमखानियों का देश सेवा में योगदान अतुलनीय है। देश के निर्माण और संरक्षण में कायमखानी सरदारों का कोई सानी नहीं। फिर चाहे वह फौज, कैवेलरी, पुलिस, चिकित्सा या विज्ञान कोई भी फील्ड हो!
आपको बताता चलूं, 1965, 1971 और कारगिल के युद्ध में शेखावाटी क्षेत्र के राजपूत, जाट और कायमखानी एक दूसरे से आगे बढ़कर पाकिस्तान के छक्के छुड़ा रहे थे। आज के समय भी शहीदों की लिस्टिंग होती है तो यहां के कायमखानी उसमें बहुत ऊपर होते हैं। हर एक दो महीने में कायमखानियों के यहां फौजी शहीद की लाश आती है।
हर व्यक्ति या किसी खास समाज को अंधभक्ति और कट्टरवाद के पैमाने पर तौलना मूर्खता है और उनके देश के प्रति बलिदानों का अपमान है।
देश के लिए जिनके घर से नाखून भी नहीं कटा वो कायमखानियों को उपदेश न ही दें तो ठीक है।
इसलिए गोगाजी महाराज के मंदिर को विषय बनाने से पहले अच्छे से विचार कर लें। न कुछ बदला है न कुछ बदलेगा, राजस्थान में रिश्ते भाईपे के हैं, धर्म बहुत छोटा विषय है।
Kayamkhani the warriors