प्रमोद मिश्रा

प्रमोद मिश्रा Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from प्रमोद मिश्रा, Nainital.

दो युवाओं की दर्दनाक मौत, आख़िरी कॉल में मांगी थी मदद हम जंगल में बर्फ के बीच फंसे हैं, पीयूष की तबीयत ठीक नहीं“हम दोनों...
28/01/2026

दो युवाओं की दर्दनाक मौत, आख़िरी कॉल में मांगी थी मदद हम जंगल में बर्फ के बीच फंसे हैं, पीयूष की तबीयत ठीक नहीं

“हम दोनों जंगल में बर्फ के बीच फंसे हैं… पीयूष की तबीयत बहुत खराब है… मैं उसे यहीं छोड़कर मदद लेने निकल रहा हूं, लेकिन रास्ता समझ नहीं आ रहा।”
यह शब्द विकसित राणा ने 23 जनवरी की शाम करीब 6 बजे पीयूष के साथ मलकोता गांव के एक युवक से फोन पर कहे—और यही उनकी आख़िरी बातचीत साबित हुई।
इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। सूचना मिलते ही गांववासी तलाश में जंगल की ओर निकले, लेकिन भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते उन्हें बीच रास्ते से लौटना पड़ा। जानकारी के मुताबिक 22 जनवरी को जहां दोनों ने टेंट लगाया था, वह तेज़ अंधड़ की चपेट में आकर पूरी तरह तहस-नहस हो गया। मजबूरी में वे टेंट और सामान वहीं छोड़कर जंगल के रास्ते घर लौटने निकले।
मौसम की भयावहता और बर्फीले अंधड़ में फंसकर दोनों युवक रास्ता भटक गए। बाद में तलाश के दौरान पीयूष का शव एक पेड़ के नीचे मिला, जबकि विकसित राणा का शव कुछ दूरी पर एक नाले में पाया गया। आशंका है कि बर्फ से ढकी गहरी खाई का अंदाज़ा न लग पाने के कारण यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दोनों युवक टेंट में ही रहकर बचाव दल के पहुंचने का इंतज़ार करते, तो शायद जान बचने की संभावना बन सकती थी। दोनों के शव इस बात की गवाही देते हैं कि ज़िंदगी के लिए उन्होंने आख़िरी दम तक संघर्ष किया।

कुछ जिम्मेदारियाँ शब्दों से बड़ी होती हैंआज वही भाव छोटे भाई के लिए मन में है  विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारती...
05/01/2026

कुछ जिम्मेदारियाँ शब्दों से बड़ी होती हैं
आज वही भाव छोटे भाई के लिए मन में है

विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 26वे में प्रांत अधिवेशन के समापन के उपरांत पूर्व में प्रदेश मंत्री ABVP Uttarakhand का सफलतापूर्वक दायित्व का निर्वहन करने वाले छोटे भाई Rishabh Rawat जी को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखंड प्रदेश का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए जाने पर मंगलमय शुभकामनाएं दायित्व मिलना भाई के लिए लिए केवल एक दायित्व नहीं,बल्कि संगठन द्वारा दिया गया विश्वास है.!!
इस विश्वास के लिए शीर्ष नेतृत्व Manoj Nikhra जी Ankit Sundriyal जी का हृदय से आभार.!!

यह अवसर आपको और अधिक अनुशासन,समर्पण और विनम्रता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है.।

युवाओं के बीच संगठन की विचारधारा को मजबूती देना और आने वाले समय में उत्तराखण्ड के लिए मजबूत नींव रखना यही आपका संकल्प रहेगा आप निरंतर आगे बढ़ते रहे
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP)

23/12/2025

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं
लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं!
- श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी।

शानदार दृश्य हिमालय का
01/12/2025

शानदार दृश्य हिमालय का

"यह तस्वीर अप्रैल 2025 में धराली की ली गई है। जो पूरा पंखे के आकार जैसा इलाका आप देख रहे हैं, वह वास्तव में 'खीर गाड़' न...
09/08/2025

"यह तस्वीर अप्रैल 2025 में धराली की ली गई है। जो पूरा पंखे के आकार जैसा इलाका आप देख रहे हैं, वह वास्तव में 'खीर गाड़' नाम की नदी द्वारा सदियों से बहते हुए प्राकृतिक रूप से बना हुआ 'एलुवियल फैन' (गाद से बनी समतल भूमि) है, जो नीचे भागीरथी नदी में जाकर मिलती है।

स्थानीय लोगों ने भागीरथी की मुख्य धारा के भीतर काफी अंदर तक एक मजबूत पत्थरों की दीवार (रेटेनिंग वॉल) बना दी है, और खीर गाड़ के प्राकृतिक बहाव को मोड़ने के लिए उसकी घुमावदार धारा के साथ-साथ 'पुश्ते' (बंध) बना दिए हैं। फिर इस कृत्रिम रूप से बनाए गए सुरक्षित ज़मीन पर मकान, होटल और बग़ीचे उगा दिए गए हैं — इस भरोसे के साथ कि अब इस मौसमी नदी पर उनका काबू हो गया है।

हो सकता है कि ऐसा कोई बड़ा सैलाब या तेज़ बहाव 10, 20 या 50 सालों में न आया हो, या शायद आज की पीढ़ी ने कभी देखा ही न हो — लेकिन अतीत में यह कई बार हुआ होगा, तभी तो यह प्राकृतिक भू-आकृति बनी है। जब भी ऐसा सैलाब दोबारा आता है, तो वह हमेशा अपने पुराने, प्राकृतिक रास्ते को ही खोजेगा — और यही इस बार भी हुआ। कीचड़ और मलबे का तेज बहाव बड़ी आसानी से उस 'मजबूत' पुश्ते को तोड़कर उसी समतल ज़मीन पर फैल गया, जिसे कुदरत ने नदियों के बहाव के लिए रखा था। इस इलाके में कभी भी कोई निर्माण या बसावट नहीं होनी चाहिए थी।

और यही कहानी पहाड़ों में हर जगह, और देहरादून के आसपास के इलाकों में बार-बार दोहराई जा रही है।"

12/07/2025

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

देवाधिदेव महादेव की आराधना को समर्पित पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

भगवान भोलेनाथ सभी को सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें, यही प्रार्थना है।

ादेव

**खानाबग (उत्तराखंड)****खानाबग** उत्तराखंड का एक छोटा, शांत और अपेक्षाकृत अनजाना हिल स्टेशन है, जो भीड़-भाड़ से दूर, कुम...
04/05/2025

**खानाबग (उत्तराखंड)**

**खानाबग** उत्तराखंड का एक छोटा, शांत और अपेक्षाकृत अनजाना हिल स्टेशन है, जो भीड़-भाड़ से दूर, कुमाऊं क्षेत्र के हरे-भरे जंगलों और पर्वतीय ढलानों में बसा हुआ है। यह स्थान नैनीताल ज़िले के अंतर्गत आता है और रामगढ़ तथा मुक्तेश्वर जैसे प्रसिद्ध स्थानों के समीप स्थित है।

---

# # # विशेषताएँ:

- **प्राकृतिक सौंदर्य**: खानाबग देवदार, बाँज और रोडोडेंड्रन के जंगलों से घिरा है। यहाँ की शुद्ध हवा, घने जंगल और पक्षियों की मधुर आवाज़ें इसे एक आदर्श रिट्रीट बनाती हैं।
- **भीड़ से पूरी तरह दूर**: यहाँ होटल, बाजार या पर्यटकों की भीड़ नहीं मिलती — यह जगह प्रकृति प्रेमियों, एकांत चाहने वालों और लेखकों के लिए बहुत पसंदीदा है।
- **स्थानीय जीवन**: यहाँ के गाँवों में पारंपरिक कुमाऊँनी संस्कृति, लकड़ी-पत्थर के बने मकान, और स्थानीय लोग आपको असली पहाड़ी जीवन का अनुभव कराते हैं।

---

# # # करने योग्य गतिविधियाँ:

- **नेचर वॉक और हाइकिंग**: खानाबग के चारों ओर कई छोटे ट्रेकिंग मार्ग हैं जो फलदार बागों और घने जंगलों से होकर गुजरते हैं।
- **ध्यान और योग**: शांत वातावरण इसे मेडिटेशन और योग के लिए आदर्श बनाता है।
- **पक्षी अवलोकन (Bird Watching)**: यहाँ कई दुर्लभ पक्षियों को देखा जा सकता है, विशेषकर सुबह के समय।
- **लेखन और चित्रकारी**: प्राकृतिक प्रेरणा से भरपूर यह जगह रचनात्मक कार्यों के लिए बेहतरीन है।

---

# # # यात्रा का सर्वोत्तम समय:

- **मार्च से जून** और **सितंबर से नवंबर** का समय सबसे अच्छा है। गर्मियों में मौसम सुहावना रहता है और मानसून के बाद हरियाली अपने चरम पर होती है।
- **सर्दियों में (दिसंबर-फरवरी)** यहाँ ठंड बहुत अधिक होती है, पर शांत बर्फ़ीले वातावरण की चाह रखने वालों के लिए यह आकर्षक हो सकता है।

---

# # # कैसे पहुँचे:

- **निकटतम रेलवे स्टेशन**: काठगोदाम (लगभग 60–70 किमी दूर), जहाँ से टैक्सी या स्थानीय परिवहन उपलब्ध होता है।
- **निकटतम हवाई अड्डा**: पंतनगर एयरपोर्ट (लगभग 100–110 किमी दूर)।
- **सड़क मार्ग**: रामगढ़, मुक्तेश्वर या भीमताल से कार द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

---

# # # क्यों जाएँ खानाबग?

अगर आप *वास्तविक शांति*, *प्राकृतिक एकांत*, और *अनछुए पहाड़ी जीवन* का अनुभव करना चाहते हैं — जहाँ मोबाइल सिग्नल कम हो, लेकिन *प्रकृति का नेटवर्क पूरा हो* — तो **खानाबग** आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है।

क्या आप इसके पास के अन्य शांत स्थानों के बारे में भी जानना चाहेंगे?

शानदार मौसम उत्तराखंड fans Highlanders
22/04/2025

शानदार मौसम उत्तराखंड
fans Highlanders

ग्वालदम उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक शांत और सुरम्य हिल स्टेशन है। यह स्थान हिमालय की गोद में बसा हुआ है और अपनी...
22/04/2025

ग्वालदम उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक शांत और सुरम्य हिल स्टेशन है। यह स्थान हिमालय की गोद में बसा हुआ है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी दृश्यों और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है।
यह स्थान कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के संगम पर स्थित है, जिससे यहाँ दोनों क्षेत्रों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलती है। यहां की भाषा भी मिली - झुली (गढ़वाली और कुमाऊंनी) है l
यहाँ से नंदा देवी, त्रिशूल और नंदा घुंटी जैसे हिमालयी शिखरों के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं।घने जंगल, सेब के बागान और शांत वातावरण इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श बनाते हैं।
यहां घूमने के लिए अप्रैल से जून और सितंबर , अक्टूबर आदर्श मौसम है, यहां से आप विश्वप्रसिद्ध रूपकुंड के लिए ट्रैकिंग भी शुरू कर सकते है। यहां रहने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस होटल रेस्टोरेंट आराम से मिल जाते है, आप रेस्टोरेंट, होटल्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते है। गढ़वाल विकास निगम का रेस्टोरेंट ग्वालदम का दृश्य इस पोस्ट में है। प्रकृति प्रेमियों के लिए गर्मियों की छुटियां बिताने का यह एक आदर्श स्थान हो सकता है।
Chamoli Garhwal Karanprayag Karanprayag Chamoli

सुतोल नंदानगर चमोली  fans
18/04/2025

सुतोल नंदानगर चमोली
fans

Address

Nainital

Telephone

+919897588880

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when प्रमोद मिश्रा posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to प्रमोद मिश्रा:

Share