30/05/2026
एमआईटी मुजफ्फरपुर में 'YANTRIKA 1.0' प्रोजेक्ट एग्जीबिशन का भव्य आयोजन; प्राचार्य और विभागाध्यक्ष ने छात्रों के नवाचार को सराहा
मुजफ्फरपुर, 30 मई 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT Muzaffarpur) के मुख्य भवन परिसर में आज तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान के मैकेनिक इंजीनियरिंग विभाग (Department of Mechanical Engineering) द्वारा बायोमेडिकल एंड रोबोटिक्स इंजीनियरिंग विभाग (Biomedical & Robotics Engineering) के सहयोग से 'YANTRIKA 1.0' नामक एक दिवसीय भव्य प्रोजेक्ट एग्जीबिशन (परियोजना प्रदर्शनी) का सफल आयोजन किया गया। शनिवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ऑटोमेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत सामग्री अनुसंधान (Advanced Materials Research) जैसे क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले अपने वर्किंग मॉडल्स और शोध कार्यों का प्रदर्शन किया।
प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष द्वारा उद्घाटन और प्रोत्साहन
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए एमआईटी मुजफ्फरपुर के माननीय प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम.के. झा ने छात्रों द्वारा विकसित तकनीकों की काफी सराहना की। उन्होंने कहा:
"ऐसे आयोजन छात्रों की किताबी और तकनीकी सोच को व्यावहारिक रूप देने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हमारे छात्रों द्वारा बनाए गए ये किफायती और आधुनिक मॉडल्स समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।"
मैकेनिक इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मैकेनिकल और बायोमेडिकल-रोबोटिक्स का यह अंतःविषय (Interdisciplinary) संगम नए ज़माने के इनोवेशंस की नींव है। उन्होंने पूरी लगन से काम करने वाले सभी छात्र समूहों और मेंटर्स को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (Mechanical) प्रो. पप्पू कुमार के कुशल मार्गदर्शन व निरंतर सहयोग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रो. पप्पू कुमार ने कहा कि: "यह प्रदर्शनी सिर्फ एक शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे छात्रों के ये इनोवेशंस भविष्य में उद्योग और समाज की वास्तविक समस्याओं को हल करने में मददगार साबित होंगे और इनसे समाज को बड़ी मदद मिलेगी।"
इस सफल आयोजन पर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (BMRE) डॉ. अभिजीत कुमार ने छात्रों के नवाचार, तकनीकी कौशल और अंतःविषय दृष्टिकोण की सराहना की।
इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी परियोजनाओं के कड़े मूल्यांकन और निरीक्षण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञ संकाय सदस्यों (Faculty Members) की एक विशेष जूरी आमंत्रित की गई थी। इस मूल्यांकन दल में शामिल थे:
• डॉ. नवनीत कुमार (प्राचार्य, मोतिहारी कॉलेज)
• डॉ. योगेश कुमार (एनआईटी पटना)
• डॉ. चेतन हिरवानी (एनआईटी पटना)
• डॉ. मनीष कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, जीईसी भोजपुर)
इन सभी माननीय अतिथियों और विशेषज्ञों ने प्रत्येक छात्र समूह के पास जाकर उनके प्रोजेक्ट्स का बारीकी से निरीक्षण किया, उनसे तकनीकी प्रश्न पूछे और उनके अभिनव डिज़ाइन्स की सराहना करते हुए भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
विशेषज्ञों की जूरी द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद प्रदर्शनी के सर्वश्रेष्ठ तीन विजेता प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई, जिन्होंने अपने सामाजिक उपयोग और बेहतरीन डिज़ाइन से सभी को प्रभावित किया:
RESULT OF MECHANICAL,
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रोजेक्ट्स की सूची नीचे दी गई है:
• प्रथम स्थान (Solar powered crop preservation system): सौर ऊर्जा की मदद से बिना बिजली के फसलों और अनाजों को नमी व कीड़ों से बचाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाली प्रणाली।
• 🥈 द्वितीय स्थान (Experimental and numerical analysis of solar water heater): प्रैक्टिकल और कंप्यूटर गणनाओं के जरिए सोलर वॉटर हीटर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और पानी तेजी से गर्म करने का तकनीकी शोध।
• 🥉 तृतीय स्थान (Fabrication and Characterisation of Al-6061 composite and closed cell metal foam): एल्युमिनियम का उपयोग कर एक नया, वजन में बेहद हल्का और झटके सोखने वाला मजबूत मटेरियल (मेटल फोम) तैयार करना, जो गाड़ियों और हवाई जहाजों में काम आ सके।
RESULT OF BMRE:
• 🥇 प्रथम पुरस्कार (1st Prize): "Design and Development of Low Cost Upper Limb Rehabilitation Robot" (हाथ या ऊपरी अंगों की गतिशीलता खो चुके मरीजों की फिजियोथेरेपी में मदद करने वाला किफायती रोबोटिक उपकरण)।
• 🥈 द्वितीय पुरस्कार (2nd Prize): "IoT Based Paralysis Patient Health Monitoring System" (इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से लकवाग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य संकेतों को दूर बैठे ही ट्रैक करने वाली स्मार्ट तकनीक)।
• 🥉 तृतीय पुरस्कार (3rd Prize): "Design and Development of Portable ECG Machine" (दिल की गतिविधियों और धड़कनों की जांच करने वाली एक छोटी, कम लागत वाली और आसानी से ले जाने योग्य मशीन)।
बायोमेडिकल और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (BMRE) के इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स
बायोमेडिकल और रोबोटिक्स विभाग के होनहार छात्रों ने चिकित्सा, पुनर्वास और ऑटोमेशन के क्षेत्र में निम्नलिखित 11 बेहतरीन प्रोजेक्ट्स पेश किए:
• 1. रियल-टाइम पोस्चर अलाइनमेंट डिवाइस (Group A): शरीर के उठने-बैठने के गलत तरीकों को ठीक करने के लिए फीडबैक और विज़ुअलाइज़ेशन देने वाला एक पहनने योग्य (Wearable) स्मार्ट सिस्टम。
• 2. IoT आधारित पैरालिसिस मरीज स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली (Group B): इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से लकवाग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य संकेतों को दूर बैठे ही ट्रैक करने वाली तकनीक。
• 3. कम लागत वाले ऊपरी अंग पुनर्वास रोबोट का विकास (Group C): हाथ या ऊपरी अंगों की गतिशीलता खो चुके मरीजों की फिजियोथेरेपी में मदद करने वाला किफायती रोबोटिक उपकरण。
• 4. स्मार्ट रोबोटिक सैनिटाइजेशन प्लेटफॉर्म (Group D): इंसानों की पहचान (Edge-based human detection) करके और जरूरत के हिसाब से मोड बदलकर काम करने वाला स्वचालित सैनिटाइजर रोबोट。
• 5. स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक (Group E): दृष्टिबाधित लोगों के लिए बनाई गई एक आधुनिक छड़ी, जो रास्ते की बाधाओं को पहचानकर उन्हें सुरक्षित चलने में मदद करती है。
• 6. PETG आधारित 3D प्रिंटेड प्रोस्थेटिक लिम्ब्स का विश्लेषण (Group F): दिव्यांगों की मदद के लिए 3D-प्रिंटेड कृत्रिम अंगों का निर्माण और उनकी मजबूती का मैकेनिकल परीक्षण。
• 7. कृत्रिम बॉल और सॉकेट जोड़ का बायोट्रिबोलॉजिकल विश्लेषण (Group G): मानव शरीर में प्रत्यारोपित किए जाने वाले कृत्रिम जोड़ों में होने वाले घर्षण और टिकाऊपन का तकनीकी अध्ययन。
• 8. वायर बीड डिपोजिशन प्रक्रियाओं के अनुकूलन के लिए मशीन लर्निंग (Group H): आधुनिक निर्माण और 3D वेल्डिंग प्रक्रियाओं को सटीक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग。
• 9. आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए स्मार्ट पोर्टेबल सक्शन मशीन (Group I): आपातकालीन स्थिति में मरीजों के श्वसन मार्ग से तरल पदार्थ साफ करने वाली पोर्टेबल मशीन。
• 10. पोर्टेबल इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) मशीन (Group J): दिल की गतिविधियों की जांच करने वाली एक छोटी, कम लागत वाली और पोर्टेबल ईसीजी मशीन。
• 11. 6DOF रोबोटिक पिक एंड प्लेस आर्म (Group K): छह दिशाओं (6 Degrees of Freedom) में घूमने वाला औद्योगिक रोबोटिक हाथ, जो सामान उठाने व रखने का काम करता है。
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख मॉडल्स एवं शोध कार्य
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने कृषि, सौर ऊर्जा और एडवांस्ड मैटेरियल्स को ध्यान में रखकर निम्नलिखित 16 उत्कृष्ट वर्किंग मॉडल्स और थीसिस प्रदर्शित किए:
• A. सोलर क्रॉप प्रिजर्वेशन सिस्टम: सौर ऊर्जा का उपयोग करके कटी हुई फसलों को नमी तथा कीड़ों से बचाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाली प्रणाली।
• B. सोलर पावर सीविंग मशीन: सौर ऊर्जा से चलने वाली एक स्वचालित मशीन, जिसका उपयोग अनाज, मिट्टी या रेत को छानने के लिए किया जाता है।
• C. 360° रोटेटिंग ज़ीरो टर्निंग रेडियस व्हीकल: एक ऐसा अनोखा वाहन जो बिना आगे-पीछे किए अपनी ही जगह पर 360 डिग्री घूम सकता है, जिससे तंग जगहों पर मोड़ना आसान हो जाता।
• D. सोलर चिमनी आधारित स्मार्ट वेंटिलेशन प्रणाली: बिना बिजली के घरों में ताजी हवा का संचार करने वाली सोलर चिमनी, जो पर्यावरण की निगरानी भी करती है।
• E. वाई-फाई मॉड्यूलेशन के साथ डुअल एक्सिस सोलर ट्रैकिंग सिस्टम: सूर्य की दिशा में खुद को घुमाने वाला कुशल सोलर पैनल, जिसे वाई-फाई से कंट्रोल किया जा सकता है।
• F. सोलर वाटर हीटर का प्रायोगिक और संख्यात्मक विश्लेषण: सौर ऊर्जा से पानी गर्म करने वाले हीटर की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने के लिए किया गया तकनीकी शोध।
• G. नदी के जल प्रदूषण को साफ करने वाला एआई रोबोट: नदियों और तालाबों की सतह पर तैरते कचरे और प्लास्टिक को AI की मदद से खुद ढूंढकर साफ करने वाला रोबोट।
• H. ऑटोमेशन के साथ मटेरियल हैंडलिंग सिस्टम: कारखानों में भारी सामान को एक जगह से दूसरी जगह बिना इंसानी मदद के स्वचालित रूप से पहुंचाने वाली प्रणाली।
• I. सोलर वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम: बिना बिजली के, केवल सूर्य की गर्मी का उपयोग करके गंदे पानी को शुद्ध और पीने योग्य पानी में बदलने का सिस्टम।
• J. मूक वायु शोधक और ह्यूमिडिफायर: बिना आवाज किए कमरे की हवा को साफ करने वाला प्यूरीफायर, जो हवा में जरूरी नमी भी बनाए रखता है।
• K. पाइप में हीट ट्रांसफर दर और घर्षण कम करने पर संख्यात्मक अन्वेषण: पाइपों के अंदरूनी डिज़ाइन में बदलाव करके थर्मल ऊर्जा के नुकसान और घर्षण को रोकने से जुड़ा एक रिसर्च।
• L. Al-6061 मेटल फोम और एग शेल (अंडे के छिलके) कंपोजिट का निर्माण: एल्युमिनियम और अंडे के छिलकों को मिलाकर एक नया हल्का और अत्यधिक मजबूत मटेरियल तैयार करना।
• M. फ्रिक्शन स्टिर के माध्यम से हाइब्रिड कंपोजिट सामग्रियों का निर्माण: विशेष वेल्डिंग तकनीक द्वारा एल्युमिनियम में सिरेमिक कणों ($B_4C/Al_2O_3$) को मिलाकर अत्यधिक मजबूत धातु तैयार करना।
• N. स्मार्ट ब्रेकिंग के साथ न्यूमैटिक बम्पर कार: हवा के दबाव से काम करने वाले बम्पर और सेंसर से लैस कार, जो दुर्घटना की स्थिति में खुद ब्रेक लगाकर झटके को कम कर देती है।
• O. लेविटेटिंग घर्षण रहित वर्टिकल एक्सिस विंडमिल: चुंबकीय शक्ति से हवा में तैरने वाली पवन चक्की, जो बहुत कम हवा में भी बिना घर्षण के बिजली बना सकती है।
• P. अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट डिटेक्शन रोबोटिक कार: जमीन के नीचे बिछी बिजली की केबलों में आई खराबी का सटीक स्थान ढूंढने वाली एक स्वचालित रोबोटिक कार।
मार्गदर्शन और संस्थान की प्रतिबद्धता
इस प्रदर्शनी को देखने के लिए कॉलेज के सभी सम्मानित प्रोफेसर, भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और शहर के कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने छात्रों की इस अद्भुत मेधा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
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