13/04/2026
#शहीदों_को_शत_शत_नमन
13 अप्रैल 1919 को भारतीय इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसने पूरे राष्ट्र की आत्मा को झकझोर दिया। अमृतसर के पावन में एकत्रित निर्दोष, निहत्थे भारतीयों पर अंग्रेजी हुकूमत द्वारा की गई बर्बर गोलीबारी ने मानवता को शर्मसार कर दिया।
इस नृशंस कृत्य में सैकड़ों देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति दी और हजारों घायल हुए। उनकी यह शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव को और अधिक मजबूत करने वाली बनी।
आज, #जाट_महासभा_मुजफ्फरनगर की ओर से हम उन सभी अमर शहीदों को #भावभीनी_श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया।
हम सभी का यह कर्तव्य है कि उनके त्याग, साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखें तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
विनम्र श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन।
धर्मवीर बालियान
अध्यक्ष, जाट महासभा
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)