24/09/2016
बिजली विभाग का हल बेहाल है | भले ही बिजली आपूर्ती व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने का लाख दावा किया जा रहा हो लेकिन सच है की आज बी ग्रामीण इलाको में कई जगह बांस के सहारे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है | मुरलीगंज प्रखंड से सटे जोरगामा ग्राम के कायस्थ टोला का भी यही हाल है । अरुण लाल दास के घर के समीप बांस के सहारे से बिजली आपूर्ति कराइ जा रही हैं । बांस के सहारे लटकती तार मौत को आमंत्रण दे रही है । बारिश का मौसम होने के कारन बांस कब तेज हवा के झोको से टूट जाये कहना मुश्किल है । तेज हवा के झोंका आने पर मोहल्लावासी बांस को टूटने को लेकर हमेसा आसंकित रहते हैं । कायस्थ टोला निवासी दीपक वर्मा , आलोक वर्मा , निखिल वर्मा , सूरज वर्मा , बिट्टू , राजन ,उज्जवल राज आदि लोगो ने बताया की बांस को हटाकर पोल के सहारे विद्दुत आपूर्ति के लिए कई बार बिजली विभाग को कहा गया , लेकिन विभाग पहल नहीं कर रही है । करवाई की बात कहकर हमेसा मुद्दे को टाल देती है ।
जोरगामा निवासी सेवा निबृत्त शिक्षक अरुण लाल दास का कहना है की बांस के सहारे जर्जर तार लगी है , जो की मेरे छत के बहुत समीप है । तेज हवा के कारन पुराना हो चूका बांस कभी भी टूट सकता है और कोई बी बड़ा हादसा हो सकता है ।
जोरगामा निवासी ई० दीपक वर्मा का कहना है की जहा विद्दुत विस्तार व व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ो रूपये विभाग को मिलते है ऐसे में आज के ज़माने में भी बांस के सहारे क्यों बिधुत आपूर्ति क्यों होती है ? इस पर विभाग का ध्यान जाना चाहिए ।
ग्रामीण अनिल लाल दास कहते हैं की बरसात के समय में बांस और बल्लिया पूरी तरह से भींगे रहते है । अगर किसी कारणवस बांस के संपर्क में कोई आ जाये तो करंट लग सकता है, और बड़ा हादसा हो सकता है ।
छात्र रिप्पू वर्मा का कहना है की बांस के सहारे जर्जर तार लटके हुए है जो पैर-पौधे के संपर्क में आते है जिससे लौ वोल्टेज की समस्या बनी रहती हैं लो-वोल्टेज के कारन छात्रों की पढाई भी बाधित होती हैं ।