26/03/2026
📰 36 घंटे की आस्था, एक सूर्योदय की उम्मीद — मुंगेर में छाया चैती छठ का भक्ति माहौल 🌅🙏
मुंगेर में चैती छठ पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया गया।
उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर लोगों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
🌅 उदीयमान सूर्य को अर्घ्य — आस्था का चरम
भोर होते ही गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए।
व्रतियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार की:
👨👩👧 खुशहाली
💰 समृद्धि
🧘 स्वस्थ जीवन
की प्रार्थना की।
🏞️ हर कोना बना छठ घाट
इस बार छठ पूजा केवल गंगा घाटों तक सीमित नहीं रही, बल्कि:
🌊 गंगा घाट
🏠 घरों की छतें
🌿 आंगन में बने अस्थायी तालाब
हर जगह आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
🛕 मुख्य स्थानों पर उमड़ी भारी भीड़
पंचवदन शिव मंदिर और बड़की हथिया जैसे प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
⏳ 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास
छठ व्रत की सबसे बड़ी विशेषता है इसका कठोर अनुशासन।
महिलाओं ने:
🚫 36 घंटे तक बिना अन्न-जल के उपवास रखा
🙏 और सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया
यह त्याग और संकल्प इस पर्व की आत्मा है।
🎶 लोकगीतों से गूंजा वातावरण
पूरे मुंगेर में पारंपरिक छठ गीतों की गूंज सुनाई दी, जिससे:
🎵 भक्ति का माहौल बना
👥 समाज में एकता और जुड़ाव बढ़ा
👨👩👧 परिवार और समाज का संगम
छठ केवल एक पूजा नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्सव भी है, जहां:
परिवार एक साथ पूजा करते हैं
समाज में प्रेम, सहयोग और एकता का संदेश फैलता है
🎯 सिर्फ त्योहार नहीं — एक संदेश
चैती छठ हमें सिखाता है:
⏳ अनुशासन (36 घंटे का व्रत)
🙏 अटूट आस्था
👩 महिलाओं की अद्भुत शक्ति
🤝 समाज की एकता
✨ निष्कर्ष
36 घंटे के कठिन निर्जला उपवास के बाद, श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
👉 मुंगेर ने एक बार फिर दिखा दिया —
“जहां आस्था है, वहीं शक्ति है… और वहीं एकता है।”
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