05/06/2026
खादी ग्रामोद्योग: ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत! 🇮🇳
माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन ने खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। आज यह क्षेत्र केवल पारंपरिक उद्योग नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुका है।
खादी ग्रामोद्योग की इस सफलता का प्रमाण इसके उत्पादन में हुई रिकॉर्ड वृद्धि है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी ग्रामोद्योग का कुल उत्पादन ₹1.25 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में 380% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जो देश के लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों की मेहनत का परिणाम है।
यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, स्थानीय उद्योगों के पुनर्जागरण और स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। खादी ग्रामोद्योग आज लाखों परिवारों की आजीविका का आधार बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
आइए, स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर ग्रामीण भारत की इस विकास यात्रा को और गति दें तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाएं।