30/05/2026
आज मेरे निवास पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राष्ट्रहित के अनेक जनहित याचिकाओं के लिए प्रसिद्ध श्री अश्विनी कुमार उपाध्याय जी का स्नेहिल आगमन हुआ।
चाय पर हुई आत्मीय चर्चा अत्यंत प्रेरणादायी रही।
उनका जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण है। एक समय वे मारुति कंपनी में अभियंता (Engineer) के रूप में कार्यरत थे और उस दौर में लगभग ₹1 लाख मासिक वेतन प्राप्त करते थे। वहीं उनकी धर्मपत्नी एक प्राथमिक विद्यालय में मात्र ₹8,000 मासिक वेतन पर कार्यरत थीं।
सुविधाजनक और समृद्ध जीवन का मार्ग चुनने के बजाय उन्होंने राष्ट्रहित, सामाजिक जागरण और जनसेवा का पथ अपनाया। उन्होंने अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी का त्याग कर स्वयं को पूर्णतः देशसेवा, न्यायिक सुधारों, संवैधानिक मूल्यों और जनजागरण के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया।
आज जब अधिकांश लोग व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं और भौतिक उपलब्धियों को ही सफलता मानते हैं, तब अश्विनी जी का जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता समाज, राष्ट्र और मानवता के लिए किए गए योगदान में निहित है।
उनकी सादगी, स्पष्टता, राष्ट्रभक्ति और सेवा-भाव वास्तव में हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
ऐसे समर्पित राष्ट्रसेवक का हमारे घर आगमन मेरे लिए सौभाग्य और प्रेरणा का विषय रहा।
🙏 श्री अश्विनी कुमार उपाध्याय जी को साधुवाद एवं हार्दिक शुभकामनाएँ।
— डॉ. गिरीश जयंतीलाल शाह
सदस्य,
भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड
प्रबंध न्यासी, समस्त महाजन