01/11/2023
इस तस्वीर में पहले नंबर पर कानपुर के एक बड़े कपड़ा व्यापारी मनीष कनोडिया का बेटा कुशाग्र है, दूसरे नंबर पर कुशाग्र का अपहरण कर उसकी हत्या करने की आरोपी टीचर रचिता वत्स है, तीसरे नंबर पर रोती बिलखती मृतक छात्र कुशाग्र की मां है, चौथे नंबर पर अपहरण एंव हत्या के आरोपित प्रभात शुक्ला व शिवा गुप्ता है। इन तीनों यानी रचिता वत्स प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता ने कुशाग्र का अपहरण किया, और फिर उसके बाद उसकी हत्या कर दी। इन तीनों ने कुशाग्र के घर हस्तलिखित पर्चा भेज कर 30 लाख की फिरौती मांगी थी, साथ ही उस उस पत्र में लिखा था, कि, "मैं नहीं चाहता तुम्हारा त्यौहार बर्बाद हो अल्लाह हू अकबर।" इन अपराधियों को मालूम था कि रात-दिन जिस तरह का ज़हर समाज में घोला जा रहा है, उसके लिये अल्लाह हू अकबर का इस्तेमाल करेंगे तो इन पर किसी को शक भी नहीं होगा, पुलिस किसी 'अब्दुल' को तलाशती फिरेगी, और बाक़ी काम ज़हरीले ऐंकर/ऐंकराइन कर देंगी। यह पहला मामला नहीं है, और शायद आख़िरी भी नहीं है। एक मासूम छात्र को रचिता वत्स प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता नामी अपराधियों ने मौत के घाट उतार दिया, और उससे भी बढ़कर वे शहर जलाने के षडयंत्र में लग गए, भला हो कानपुर पुलिस का जिसने असल अपराधियों को तलाश कर लिया, वरना तथाकथित धर्म रक्षक इस घटना के बहाने शहर की फज़ा को ज़हरीला बना देते।