07/06/2023
गरीबी इंसान को बेबस बना देती है!
भरी दोपहरी में मात्र बीस रुपये लेकर आपको 3 से 5 किलोमीटर तक छोड़ने वाले की बेबसी का अंदाजा आप सहज नहीं लगा सकते। ये 10 रुपये के लिए आपसे ज़िरह करेंगे, गुस्सा दिखाएंगे, आपस में एक दूसरे को डांटेंगे, एक दूसरे से पहले ले जाने की ज़िद करेंगे, थोड़ा नखरा दिखाएंगे पर आपको जाने न देना चाहेंगे! अब कल की बात देखिए! मेरे एक जानकर रिक्शा वाले को बोले कि कल्याण नगर का कितना लोगे?
रिक्शा वाला बोला 40 रुपया।
उसने कहा,"ठीक है!"
तभी वहां पर ई-रिक्शा वाला आया और बोला,"भैया! हम 20 रुपया में पहुचा देंगे"
इस पर रिक्शा वाला बोला, "भैया! आप हमको ही 20 रुपया दे दीजियेगा। हम पहुंचा दे रहे है ।सुबह से कोई ग्राहक नहीं मिल रहा है।"
ये सब सुन हमारा कलेजा हिल गया। फ़िलहाल जानकर रिक्शा पर बैठ गया और चल दिया और दोपहर की गर्मी में 2km रिक्शा चलाने के बाद उनको मंजिल मिल गई होगी। पर मैं सोचती रही कि गरीबी इंसान को बेबस बना देती है।
सभी लोगों से निवेदन है कभी कभी आप रिक्शा का भी सवारी कर लीजिए, आपका थोड़ा सा सहयोग एक परिवार का सहारा बन सकता है.