07/01/2024
Jai Hind 🇮🇳
दोस्तों आज मेरे साथ एक घटना घटी थी। सोचा आप लोगों के साथ शेयर कर लूं , हुआ यह कि आज मुझे दिल्ली जाना हुआ किसी काम से, मैं बाइक से गया और काम करके वापस आ रहा था तब ये भाई साहब मिल गये इन्होंने हाथ हिलाया मेंनै बाइक रोकी तो इन्होंने बोला लाइसेंस दिखाओ, मेंनै लाइसेंस दिखाया तो भाई साहब ने लाइसेंस अपनी जेब में रख कर बोलें चालान कटेगा साईड में लगा लें, मेंनै पुछा क्यूं, तो महोदय ने कहा बाइक के आगे आर्मी ( ) लिखा है। Fancy Plate के तहत चालान कटेगा। मेंनै कहा सर मैं आर्मी में हूं। मुझे इतना ज्यादा ट्रैफिक रूल्स के बारे में पता नहीं है। आप बोल रहे हो आगे गाड़ी नम्बर लिखा होना चाहिए तो मैं नम्बर लिखा लूंगा, लाइसेंस दे दो। फिर यह बोलते हैं कुछ खर्चा पानी होगा, मैं बोला कैसा ॽ तो बोलें 500 लगेगा, बोल कर दूसरे पुलिस वाले के पास चला गया तभी मैंने इंटरनेट पर सर्च करके देखा तो Fancy Plate का 500 का चालान था। मैंने जोर से कहा सर दे दो लाइसेंस, फिर मेरे पास आया बोला 500 । मेंनै कहा 500 का तो चालान हीं है तो महोदय बोलें एक ही बात है हम भी तो सरकार के है। मैंने कहा चालान काट दो सरकार से लेना। फिर बोला देखा लें। मैंने फिर कहा चालान काटो। भाई साहब कि जेब तो गरम हुईं नहीं इसलिए 500 वाले चालान को 5000 रूपए बाले चालान (Defective/Fancy/Not displaying) में काट दिया। मुझे इसका पता नहीं, फिर शिल्प पर साइन करने को कहा। मैंने महोदय से पड़ने दो फिर साइन करूंगा। फिर बोला इतना टाइम नहीं है साइन कर ,देख ये फेन्सी लिखा है साइन कर । मुझे शिल्प पकड़ा दी, मैं भी जल्दी में था पहले ही काफी देर हो चुकी थी। मैं बहा से आ गया। घर पर आकर चेक किया तो चालान का अमाउंट 5000 रूपए दिखा रहा है। मैं सोचा 500रू का 5000रू कैसे हो गया।उसको दिल्ली कि चालान वैबसाइट पर चेक किया तो पता चला कि उसको पैसे ना मिलने से गलत चालान (Defective/Fancy/Not displaying) में काटा है। जब कि बाइक का चालान (Fancy Plate) में कटना था उसको घुस नहीं मिली इसलिए जानबूझकर 5000 रूपए बाले चालान को काटा। मैंने देखा है देश भर में के प्रति बहुत प्यार है पर पता नहीं क्यों पुलिस वाले हमेशा आर्मी का नाम सुनते ही चिड़ते क्यों है। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं उसने मुझसे यह बोला था कि अगर आगे INDIAN ARMY नहीं लिखा होता तो मैं तेरा चालान नहीं काटता छोड़ देता। मैंने बहुत सारे विडियो पर पुलिस के लिए गलत कोमेन्ट पड़ें है। तब मैं कहता था पुलिस के बारे में गलत क्यों सोचते हैं लोग, अभी कि पुलिस तो बहुत अच्छी है सभी कि सहायता करती है घुस भी नहीं लेती। पर अभी मैं यह सोच रहा हूं सोशल मीडिया, विडियो , कैमरा आदि उपकरण होने के बाद भी पुलिस कि सिर्फ एक ही सोच है घुस कैसे ली जाए। पुलिस अंकल मेरे पास तो भगवान कि कृपा से सरकारी नौकरी है तो मैं तो यह चालान भर दूंगा। अगर किसी गरीब व्यक्ति का ऐसे ही गलत चालान काट दिया तो उसके दिल पर क्या बीतेगी। लोगों कि सहायता करने कि सरकार तनख्वाह देती हैं उन्हें काटने कि नहीं। हिन्द 🇮🇳 दोस्तों 5000 हजार रुपए तो मेरे गये है। पर इस भाई साहब को यह अहसास जरूर होना चाहिए कि मैंने गलत काम किया है। इस लिए ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर करना इसके घर वाले और रिश्ते नाते वालो को तो पता चलना चाहिए 🙏🙏🙏🙏 Jai Hind