24/09/2021
भूत-प्रेत, पित्र दोष से पीड़ित यह कारवां पूरे गांव का भ्रमण करते हुए गया जाकर भूत प्रेत पित्र आत्माओ को विसर्जित करेंगे,आगे चलने वाला ओझा (कारीगर) है और ये पूरा क्रियाकलाप इन्हीं के सानिध्य में किया जाएगा.
क्योंकि मेरे पास बहोत बड़ा आध्यात्मिक ज्ञान नही है एवं मैं खुद इस समाज का हिस्सा हूँ और ये श्रद्धा से जुड़ा मामला है इसलिए सही गलत पर टिप्पणी नही करूँगा .
लेकिन ताज्जुब होता है कि क्या इस समाज के सहारे हम विश्वगुरू बनने का सपना देख रहे हैं, क्या यह समाज चीन, अमेरिका,जापान से टकराने के लिए अपने युवाओं को तैयार कर पायेगा।
इस भीड़ में हमने ऐसे लोगो को नही पाया जो शिक्षित हो,जो जागरूक हो, जो पैसे से बहोत मजबूत हो .
इनकी समस्या भूत-प्रेत नही बल्कि अनपढ़ता, बेरोजगारी,ग़रीबी एवं शिक्षा का अभाव है जिससे ये मानसिक रूप से आश्वस्थ है, जिसका समाधान लोग ऐसे निकाल रहे हैं. कहने का मतलब किसी भी धर्म को ज्ञानि बनकर आँखे खोलकर स्वीकारे,अंध भक्ति अनुसरण न करें.
"ज्ञान एक मात्र समाधान",
चले एक कदम शिक्षा की ओर..
सुप्रभात आपका दिन शुभ हो
🙏🙏🙏🙏
शैलेन्द्र कुमार मौर्या
एक विचारधारा
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