श्री मति कोमल अशोक वाल्मीकि का जन्म 21 सितम्बर 1973 को डॉ. अंबेडकर नगर, महू, जिला इंदौर में हुआ।
माता : श्री मति सुशीला खोड़े, पिता : श्री अशोक जी खोड़े
निवास : छावनी, इंदौर, मध्य प्रदेश.
आपने अपनी प्रीप्राइमरी शिक्षा सनावद शहर के विमला कान्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल से अपनी नानी के पास रहकर की।
कक्षा 2nd से 5th तक आपने अपना अध्यापन प्रताप बल मंदिर, डॉ. आंबेडकर नगर, महू से किया। कक्षा 2nd में
बेहतरीन प्रदर्शन के कारण आपको "कक्षा 3rd में प्रोन्नत" कर दिया गया।
कक्षा 6th से 10th तक आपने अपनी शिक्षा आर्य शिक्षण संस्थान, डॉ. आंबेडकर नगर, महू से प्राप्त की। जहाँ कक्षा 9th में आपको "आदर्श छात्रा का सम्मान" प्राप्त हुआ। कक्षा 10th में आपने पुरे "स्कूल में टॉप" किया।
कक्षा 11th एवं 12th विज्ञान (बायोलॉजी) से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डॉ. आंबेडकर नगर, महू से किया।
आपने अपना ग्रेजुएशन "BSc Biology" विषय से एवं पोस्ट ग्रेजुएशन "MSc Inorganic Chemistry" शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू में बहुत शानदार प्रदर्शन के साथ संपन्न किया।
ग्रेजुएशन के समय से ही सिविल सर्विसेज परीक्षा पास करने की इच्छा आपके मन में जागृत हुई और आपने इसी समय से इसके लिए अध्ययन प्रारम्भ कर दिया।
आपका विवाह श्री अशोक पटेल (बाली) वाल्मीकि के साथ 23 जनवरी 1999 को संपन्न हुआ। 3 मई 2000 को प्रथम पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।
विवाह के बाद भी आपकी सिविल सर्विसेज की तैयारी थमी नहीं बल्कि पति के सहयोग से और अधिक तेजी से आपने अध्ययन किया।
परन्तु सिविल सेवा परीक्षा पर रोक लगी होने के कारण आपने समय का सदुपयोग किया और "MBA Finance" की डिग्री प्राप्त की।
आखिरकार आपके दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और संकल्प से आपने अपनी प्रथम शासकीय सेवा प्राप्त की और राजस्व विभाग में "वर्क लोड पटवारी" की पोस्ट आपको मिली।
पटवारी की ट्रेनिंग के दौरान ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा दिनांक 8 फरवरी 2004 को दी। जिसका रिजल्ट जून 2004 में आया जिसमें आपने सफलतापूर्वक क्वालिफाइड किया।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी करते हुए आपने 1 नवंबर 2004 को राजस्व विभाग में ड्यूटी ज्वाइन की।
दिसंबर 2004 में मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के बाद राजस्व विभाग के कर्तव्यों का तन्मयता से पालन किया।
5 सितम्बर 2005 को मध्य प्रदेश लोक सेवा का तीसरा चरण साक्षात्कार सम्पन्न हुआ जिसका परिणाम जुलाई 2006 में आया जिसमें आपने "वाणिज्यक कर विभाग की पोस्ट" पाई और अगस्त 2006 में विभाग में ज्वाइन किया।
शासकीय सेवा के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आपने शिक्षा का भी विस्तार किया।
वर्ष 2007 में आपने "MA लोक प्रशासन" से किया।
10 मार्च 2008 को द्वितीय पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।
तत्पश्चात आपने "LLB" किया। वर्तमान में "LLM" निरंतर है।
ईमानदारी से शासकीय सेवा का निर्वहन करने के बावजूद कुछ विघ्न संतोषियों और राजनैतिक शत्रुओं के वैमनस्यपूर्ण तरीके से की गई शिकायत के कारण 21 मई 2019 को आय से अधिक संपत्ति के अंतर्गत लोकायुक्त की जांच हुई। परन्तु मात्र 1 करोड़ 20 लाख की इन्वेंटरी बनाई गई।
उस समय 15 वर्ष का शासकीय जीवन और 20 वर्ष का वैवाहिक जीवन था।
ओब्जेक्शनेबल अनियमितता नहीं होने से शासकीय सेवा निरंतर रही जो वर्तमान में भी सुचारु रूप से जारी है।
वर्तमान में आप वाणिज्यिक कर जीएसटी विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ है।
शासकीय सेवा के साथ ही आपकी सामाजिक सेवा भी सदैव निरंतर रहती है। जैसे निर्धन वंचित बच्चों की सहायता करना उन्हें शिक्षित करना, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सही एवं रणनीतिक दिशा देना। अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज में पति के सहयोग से सहायता करना। अस्पतालों में अपने परिवार के साथ भोजन वितरण इत्यादि सामाजिक सेवा निरंतर आपके जीवन का हिस्सा है।