Our Mehsi

Our Mehsi Mehsi is a small town located in the East Champaran district of Bihar state, India. Mehsi is an entry The district headquarters are located at Motihari.

East Champaran is an administrative district in the state of Bihar in India. The district occupies an area of 3969 km2 and has a population of 3,933,636 (as of 2001). East Champaran is a part of Tirhut Division. It is currently a part of the Red Corridor.As of 2011, it is the second most populous district of Bihar (out of 39), after Patna. Reach us at: https://www.infinytech.in/

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07/10/2023

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16/11/2021
मेहसी का सौ वर्ष से अधिक पुराना सीप बटन उद्योग फिर जीवित हो उठा है। यहां प्रस्तावित छह में से दो क्लस्टर कार्य करने लगे ...
28/05/2021

मेहसी का सौ वर्ष से अधिक पुराना सीप बटन उद्योग फिर जीवित हो उठा है। यहां प्रस्तावित छह में से दो क्लस्टर कार्य करने लगे हैं। अन्य क्लस्टर भी शुरू हो जाएंगे तो यह उद्योग चीन, इंडोनेशिया व वियतनाम को टक्कर देने लगेगा। मदर ऑफ पर्ल अर्थात मोतियों की मां के नाम से मशहूर मेहसी में वर्ष 2000 से पहले सीप बटन की करीब छह सौ से अधिक यूनिट चल रही थीं। यहां घर-घर में बटन का उत्पादन होता था। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिला था। यह उद्योग मेहसी प्रखंड के मोतीझील, बथना, मैन मेहसी, चौक बाजार, बहादुरपुर सहित अन्य गांवों में फैला हुआ था। आसपास की नदियों से कच्चा माल आता था। बाद में कच्चे माल के अभाव और समय से साथ आधुनिक मशीनें नहीं लगाने से यह उद्योग दम तोड़ने लगा। तीन सौ लोगों को मिला रोजगार : वर्ष 2012 में सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने बटन उद्योग का जायजा लिया था। उनके निर्देश पर इस उद्योग के विकास को लेकर काम शुरू हुआ। मेहसी, पूर्वी बथना, पुरानी मेहसी, कोठियां हरेराम, मैन मेहसी व बथना में मुख्यमंत्री को क्लस्टर निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था। मैन मेहसी व बथना में दो क्लस्टर की शुरुआत छह महीने पहले हुई। तकरीबन छह करोड़ रुपये खर्च कर अत्याधुनिक मशीनें यहां लगाई गई हैं। इन दोनों क्लस्टर में तीन सौ से अधिक को रोजगार मिला है।

सीप बटन उद्योग में मेहसी की भागीदारी 50 फीसद : सीप बटन व्यवसायी गौरीशंकर जायसवाल कहते हैं कि भारत में सीप बटन उद्योग का सालाना दो सौ करोड़ का कारोबार है। इसमें अकेले मेहसी की भागीदारी 50 फीसद है। अगर प्रस्तावित चार क्लस्टर और शुरू हो जाते हैं तो हजारों हाथों को रोजगार मिलेगा। साथ ही भारत इस उद्योग के लिए चर्चित चीन, इंडोनेशिया व वियतनाम को टक्कर दे सकेगा। यहां स्थापित एक क्लस्टर से प्रतिदिन छह लाख बटन का निर्माण हो सकता है। यहां का बटन हीट प्रूफ है। इस कारण इसकी मांग है। कोरोना व लॉकडाउन को लेकर व्यवसाय प्रभावित हुआ है। स्थिति पुन: सामान्य होते हम रफ्तार में होंगे।

जापान से मशीन मंगा हुई थी शुरुआत : मेहसी में सीप बटन उद्योग की स्थापना 1869 में जन्मे मेहसी के मदारीचक निवासी राय साहब भुलावन लाल ने 1906 में की थी। वे अंग्रेजी हुकूमत में सब इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल के पद पर थे। उन्होंने इस उद्योग की शुरुआत के लिए जापान से मशीन मंगवाई थी। मशीन पहुंचने के बाद वर्तमान में बांग्लादेश की राजधानी ढाका से श्रीयुत सेन को बुलाया गया था। उनकी देखरेख में मशीन को चालू कराया गया था। आर्थर बटलर ने बनाई थी पहली देसी मशीन

सीप बटन उद्योग स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर मशीनों की आवश्यकता महसूस होने लगी। तब अंग्रेजों के समय ही इसके निर्माण की जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर के आर्थर बटलर को सौंपी गई थी। बटलर ने देश की पहली देसी मशीन बनाई थी। इसके बाद श्रीराम हरिराम इंडस्ट्रीज मुजफ्फरपुर में सीप बटन उद्योग से जुड़ी मशीनें बनने लगी थीं। उस समय बनी अधिकांश मशीनें पैर चालित थीं, जो काफी श्रमसाध्य था। 1995 में पुरानी मेहसी निवासी रमाशंकर ठाकुर व महमूद अंसारी ने संयुक्त से मशीन को पंपिगसेट से चलाने की तकनीक ईजाद की थी। इसके बाद सीप बटन उद्योग को एक नई दिशा मिली थी।

सामान्य सेवा संगठन सीप बटन उद्योग की हुई स्थापना : आजादी के बाद भारत में प्रथम व जापान के बाद विश्व में दूसरा स्थान प्राप्त इस सीप बटन उद्योग पर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का ध्यान इसके विकास की दिशा में आकर्षित कराया गया। इसके परिणाम स्वरूप वर्ष 1953-54 में उनकी पहल पर इसके विकास के लिए सामान्य सेवा संगठन सीप बटन उद्योग नामक सरकारी संस्था की स्थापना हुई। इस संगठन के बनने के बाद सीप बटन उद्योग को पर्याप्त बल मिला। जिला उद्योग महाप्रबंधक मयंकेश्वर द्विवेदी कहते हैं कि दोनों क्लस्टर में अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इनकी उत्पादन क्षमता पूर्व की मशीनों की तुलना में ज्यादा है। जिलाधिकारी ने दोनों क्लस्टर को गोद लिया है। -कोट

मेहसी के सीप बटन उद्योग को जीवंत करने के लिए दो क्लस्टर शुरू किए गए हैं। इसके विकास के लिए आगे भी प्रयास किया जाएगा।

-शीर्षत कपिल अशोक, जिलाधिकारी

दीपावली पर माँ  लक्ष्मी जी  गणेशजी एवं  कुबेर जी की आप एवं आपके परिवार पर सदैव  कृपा बनी रहें  तथा पूरे  साल धन  वैभव एव...
14/11/2020

दीपावली पर माँ लक्ष्मी जी गणेशजी एवं कुबेर जी की आप एवं आपके परिवार पर सदैव कृपा बनी रहें तथा पूरे साल धन वैभव एवं सुख समृद्धि से आपके घर में खुशियों की रोशनी जगमगाती रहे ।दीपावली के ज्योति पव॔ पर आपको बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें।

Dear DGP SIR I call you on your office number and share my issue with you related to my friend bike stolen from Chakia I...
22/06/2020

Dear DGP SIR I call you on your office number and share my issue with you related to my friend bike stolen from Chakia In front of shere Punjab hotel and after than I visited I Chakia police station for complain register and your police team treated like a illiterate person I am not going to disclose his name just because of no name plate on his dress I am mentioning you what he told me here in this city daily one bike stolen what we do we are not here for solving the this types of issue because we have a lot of work.

He told me we are not going to given you any proof against this FIR.

Now you please suggest me what I do because after given complain I don’t have any proof(I am attaching documents which I put up in front of Chakia police station)

IPS Gupteshwar Pandey

Nitish Kumar

Sanjeev Chanchal

Hasan Imam

Our Mehsi

24/04/2020

मै मेहसी का सुलसाबाद बड़हरवा गांव हूं। मैंने कोरोना से बचाव को लेकर उठाये गए निरोधात्मक कदम से मेहसी के लिए एक मिसाल बन गया हूं। कोरोना जैसे महामारी के इस दौड़ में लोगों ने अपने बचाव को लेकर जो एहतियात बरती उसकी जितनी भी चर्चा की जाए कम है। प्रारम्भिक काल में बाहर से आने वाले लोगों को प्रवेश के लिए कठिन परीक्षा से गुजरनी पड़ी थी। तब जाकर गांव आज सुरक्षित है। सबसे अहम बात तो यह है कि युवकों का एक दल इस गांव में हमेशा सजग और सचेत है। बुजुर्गों को कोई दिक्कत नहीं हो, गांव में कोई ऐसा परिवार नही हो जो भूखे सोए। लॉक डाउन व फिजिकल डिस्टेंस का पालन हो रहा है या नहीं। इस पर उनके द्वारा खास ध्यान रखा जा है। यह गांव पटना विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष दिव्यांसु भारद्वाज का गांव है। पिछले दिनों इसने अपने पिता सियाराम ठाकुर व मां रजनी ठाकुर के साथ करीब सौ गरीबो के बीच राशन का वितरण किया था। आपदा की इस घड़ी में बच्चों ने भी अपने लिए आसान रास्ता निकाल लिया है। मोबाइल व लैपटॉप पर पढ़ाई के साथ साथ दादा दादियों, मम्मी-पापा का साथ उन्हें जरूरत से ज्यादा भा रहा है। बुजुर्गों ने भी इस मौके का जमकर फायदा उठा है। उनका समय भी बखूबी बीत रहा है। गांव के कृष्ण नारायण ठाकुर, बच्चा ठाकुर, आनंदी ठाकुर, विनोद ठाकुर, शेषनाथ ठाकुर, गणेश ठाकुर, रामचंद्र ठाकुर आदि का मानना है कि इस गांव और यहां के नौजवानों ने जो भूमिका अदा की है। आज हमने कोरोना पर हद तक काबू पाया है। सरकार ने यह घोषणा व्यक्ति, परिवार व समाज को इस महामारी से बचाव व लोगों को जीवन देने के लिए किया है। जिसका पालन हम ग्रामवासियों को स्वयं करना है। जब तक इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए ठोस रास्ता नही निकल आता यहां के लोग सड़क पर नही आएंगे। लॉकडाउन के पालन को लेकर ग्रामीण खुद जागरूक है। ग्रामीण युवा जयंत कुमार मोनू, बबलू ठाकुर, विकास कुमार, अभय ठाकुर, डब्लू ठाकुर, संजीव उपाध्याय, रोहित ठाकुर, उज्ज्वल कुमार ठाकुर आदि ने बताया कि आरंभिक समय मे लोगो को समझाने में थोड़ी मेहनत करनी पड़ी। इससे बचाव को लेकर ग्रामीण सजग हुए और हम सफलता पूर्वक लॉकडाउन का पालन कर रहे है। गांव में प्रत्येक आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बीडीओ गौरी कुमारी, सीओ रविशंकर व थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सुलसाबाद के ग्रामीणों द्वारा उठाया गया यह कदम काफी सराहनीय है। अभी हम कोरोना के प्रकोप से मुक्त नही हुए है। सावधानी नितांत आवश्यक है। अगर हर लोग इसका पालन सख्ती से करने लगें तो हमको नोबल कोरोना पर काबू पाने से कोई नही रोक सकता।

24/04/2020

मेहसी प्रखंड क्षेत्र के मानरबरजी गांव में शुक्रवार को 15 फीट लंबा अजगर देख लोगों में अफरातफरी मच गई। अजगर को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी। अजगर पाए जाने की सूचना जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को मिली, वे लोग तुरंत मानर बरजी गांव पहुंच गए। मौके पर पहुंची बीडीओ गौरी कुमारी, अंचलाधिकारी रविशंकर व थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी व त्वरित करवाई करने को कहा। वन विभाग की तरफ से पहुंचे वनरक्षी धर्मेद्र कुमार, वनकर्मी दिनेश कुमार पांडेय, पशुरक्षक त्रिभु सिंह व उमाशंकर सिंह ने काफी मशक्कत के बाद अजगर को अपने कब्जे में लिया। वे उसे अपने साथ ले गए। वनकर्मी श्री पांडेय ने बताया कि इसकी सूचना वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रभाकर झा को दे दी गई है। उनसे प्राप्त निर्देश के आलोक में अजगर को जंगल मे छोड़ा जाएगा। इस क्षेत्र में अजगर के पाए जाने की यह दूसरी घटना है। इससे पूर्व भी यहां इससे भी बड़ा अजगर पाया गया था। उसे वाल्मीकिनगर के जंगल मे छोड़े जाने की बात सामने आई थी।

मेहसी में तमाम सुरक्षात्मक पहल के बावजूद एईएस की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को साजन कुमार 21 माह पिता राकेश कुमार दास ...
16/04/2020

मेहसी में तमाम सुरक्षात्मक पहल के बावजूद एईएस की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को साजन कुमार 21 माह पिता राकेश कुमार दास ग्राम रजुआ बखरी वार्ड 06 के रूप के दूसरा मामला सामने आया है।

मोतिहारी । मेहसी में तमाम सुरक्षात्मक पहल के बावजूद एईएस की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को साजन कुमार 21 माह पिता राकेश कुमार दास ग्राम रजुआ बखरी वार्ड 06 के रूप के दूसरा मामला सामने आया है। जिसकी चिकित्सा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहसी में चल रही है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शिवभूषण व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एस के झा ने संयुक्त रूप से इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज खतरे से बाहर हैं। इसके पूर्व 10 मार्च को मेहसी के दामोदरपुर में पलक खातून के रूप में एक मरीज मिली थी। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ केंद्र ने मोतिहारी रेफर कर दिया था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शिवभूषण ने बताया कि कोरोना के साथ साथ एईएस व जेई से बचाव को लेकर मेहसी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। एईएस व जेई के मरीजों के इलाज हेतु पूरी व्यवस्था है। उन्होंने अलर्ट किया कि बुखार, चमकी होने पर सीधे अस्पताल लेकर आएं। बच्चों को भूखे नहीं सोने दें। उसे मीठा जरूर खिलाएं। धूप में नहीं निकलने दें। सतर्क और सजग रहे। बीडीओ गौरी कुमारी, अंचलाधिकारी रविशंकर, सीडीपीओ रीमा कुमारी, बीएचएम मंटू कुमार चौबे, केयर प्रबंधक दिनेश चंद्र यादव सहित तमाम अधिकारी व कर्मचारी जागरूकता अभियान में लगे हैं।

17/03/2020

मेहसी के सुलसाबाद बड़हरवा गांव निवासी विनोद ठाकुर व संगीत देवी की पुत्री सिमरन भारद्वाज बीएमपी महिला बटालियन में चयनित होकर मेहसी के बालिकाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुकी है। इससे प्रेरणा पाकर मेहसी के आसपास के क्षेत्रों की आधा दर्जन से ऊपर लड़कियां सेना के विभिन्न विगों में शामिल होकर देश की सेवा कर रही है। वर्ष 2011 में बीएमपी की महिला बटालियन में शामिल होकर सिमरन ने इस क्षेत्र में जो जज्बा दिखाया है उसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। वह जब भी मेहसी आती है देश सेवा में जज्बा रखने वाली लड़कियों के लिए मार्गदर्शक के रूप में खड़ी नजर आती है। इसके मेहनत व परिश्रम का प्रतिफल है कि वर्ष 2013 में पडोसी गांव मोहब्बत छपरा की रंभा कुमारी पिता नंदू प्रसाद केंद्रीय बल में गई, 2014 में रामपुर शंकर गांव के प्रतिभा कुमारी पिता हरदेव चौधरी बिहार पुलिस में, 2019 में घरियारी चक गांव के नेहा कुमारी पिता मोहन प्रसाद ने आरपीएफ सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास कर ट्रेनिग कर रही है तो उसी की चचेरी बहन अंशु कुमारी पिता अवध प्रसाद को 17 जनवरी 20 में केंद्रीय बल की सभी परीक्षा पास कर ट्रेनिग की प्रतीक्षा में है। अभी सिमरन महिला बटालियन कैम्प बेदा सासाराम में दंगा नियंत्रण का ट्रेनिग ले रही है। उसने बताया की जब मैं रिटेन परीक्षा पास की तो आगे फिजीकल परीक्षा के लिए दौड़ गोला फेंकना लंबी कूद व ऊंची कूद की तैयारी में दिक्कत होने लगी। दौड़ने के क्रम में गांव के लोग कमेंट कर देते थे। इसलिए मां व पिता के साथ अहले सुबह अंधेरे में लीची बगीचा के पगडंडी पर दौड़ व अन्य फिजिकल तैयारी करती थी। सामाजिक प्रताड़नाओं से संघर्ष करती हुई उसने इस मुकाम को हासिल किया। उसे इस क्षेत्र में जाने की प्रेरणा केंद्रीय औद्योगिक बल में लड़कियों को जाते देख कर मिली। उसके पास डेढ़ वर्ष का एक पुत्र भी है। इसके इस सफलता में सास ससुर, पति पुष्कर कुमार व माता पिता का बहुत बड़ा योगदान है। वर्ष 2011 में सेवा में आने के बाद उसने सफलता पूर्वक कई अभियानों का सफलता पूर्वक नेतृत्व भी किया है।

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11/08/2019

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East Champaran is an administrative district in the state of Bihar in India. The district headquarters are located at Motihari. The district occupies an area of 3969 km2 and has a population of 3,933,636 (as of 2001). East Champaran is a part of Tirhut Division. It is currently a part of the Red Corridor.As of 2011, it is the second most populous district of Bihar (out of 39), after Patna. Reach us at: http://web4eye.com/