15/02/2026
#हिरणी बेखौफ होकर दो शेरों के साथ चल रही थी।
यह दृश्य देखकर एक संत आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने हिरणी से पूछा, “तुम्हें इन खतरनाक जानवरों से डर नहीं लगता?”
हिरणी मुस्कुराई और बोली, “कुछ साल पहले एक शेरनी की मृत्यु हो गई थी। उसके दो छोटे-छोटे शावक भूखे-प्यासे जंगल में भटक रहे थे। मुझे उन पर दया आ गई और मैंने उन्हें अपने बच्चों की तरह दूध पिलाकर पाला। आज वे बड़े हो चुके हैं और पूरे जंगल में ऐलान कर दिया है कि कोई भी हमारी मां की ओर बुरी नजर से नहीं देखेगा।”
पेड़ पर बैठा एक तोता यह सब सुन रहा था। उसने सोचा, “काश! मैं भी कोई ऐसा काम करूं जिससे लोग मेरी भी इज्जत करें।”
उसी समय उसकी नजर जमीन पर पड़े एक घायल सांप पर पड़ी। तोता तुरंत नीचे उतरा और सांप के पेट में चुभा कांटा निकालने लगा। जैसे ही सांप थोड़ा ठीक हुआ, उसने पलटकर तोते को ही डस लिया।
घायल तोते को देखकर संत ने पूछा, “तुमने यह क्या कर लिया?”
तोता बोला, “मैं हिरणी की अच्छाई से प्रेरित होकर सांप की मदद करने गया था, लेकिन उसने मुझे ही काट लिया। ऐसा क्यों?”
संत ने शांत स्वर में उत्तर दिया—
“यदि मदद करनी है तो शेर के बच्चों जैसी प्रवृत्ति वालों की करो। विषैली सोच और स्वभाव वाले लोगों की सहायता करोगे, तो परिणाम यही होगा।
मदद उन्हीं की करो जो तुम्हारी सहायता की कद्र करें, वरना तुम्हारा उपकार भी लोग तुम्हारी कमजोरी समझ लेंगे।