16/11/2025
मेरठ। सामाजिक सहयोग, मानवीय संवेदनाओं और सेवा-समर्पण की मिसाल बन चुका मासिक अन्न सेवा कार्यक्रम रविवार को अपने आठवें पड़ाव पर पहुँच गया। हर माह निःस्वार्थ भाव से संचालित होने वाला यह कार्यक्रम अब न केवल जरूरतमंदों के लिए सहारा बन चुका है, बल्कि समाज में सेवा संस्कृति को मजबूत करने का भी माध्यम बन रहा है। इस बार के आयोजन में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और कार्यक्रम को एक नई ऊँचाई प्रदान की।
भाजपा नेत्री सीमा श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा किसी भी समाज की असल ताकत होती है, और इस तरह का निःस्वार्थ कार्य समाज को जोड़ने का काम करता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में ई-रेडियो इंडिया के शिक्षा संपादक राजेश भारती मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया केवल समाचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तनों को आगे बढ़ाने और जनसहभागिता को प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को उस दिशा में ले जाते हैं जहाँ एक-दूसरे के सहयोग और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता मिलती है।
कार्यक्रम की सफलता में ओशो शिष्य स्वामी आत्मो कामरान और विकास सैनी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। दोनों ने न केवल कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि मैदान पर पूरी तैयारी को दिशा देने का भी काम किया। दोनों कार्यकर्ताओं ने बताया कि मासिक अन्न सेवा का उद्देश्य मात्र भोजन वितरण नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और मानवता की भावना को जागृत करना है।
कार्यक्रम के संयोजक की भूमिका वरिष्ठ सह संपादक आदित्य गुप्ता ने निभाई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने बड़ी संख्या में स्वयंसेवक आगे आते हैं और यह सेवा अभियान निरंतर व्यापक होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक समय में जहाँ लोग व्यस्तता के कारण सामाजिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं इस तरह के कार्यक्रम लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं।
दिनभर चले इस आयोजन में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएँ और युवा – सभी के चेहरों पर संतोष और सुकून दिखाई दे रहा था। कई ऐसे लोग भी कार्यक्रम में आए, जो पिछले कई महीनों से लगातार इस सेवा का हिस्सा बनते जा रहे हैं। उनके अनुसार यह अन्न सेवा अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके जीवन का भावनात्मक हिस्सा बन गया है। सेवा स्थल पर अनुशासन, स्वच्छता और सुव्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने कतार प्रबंधन और वितरण व्यवस्था को सरल बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत की। प्रसाद वितरण के लिए पहले से ही पैकेट तैयार कर लिए गए थे, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ओशो शिष्य स्वामी आत्मो कामरान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भोजन केवल शरीर का पोषण नहीं करता बल्कि सेवा भाव आत्मा का भी उत्थान करता है। उन्होंने बताया कि अन्न सेवा के पीछे की आध्यात्मिक प्रेरणा यह है कि जब हम किसी जरूरतमंद के साथ भोजन साझा करते हैं, तो हम उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। विकास सैनी ने बताया कि आने वाले महीनों में इस सेवा को और व्यापक बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता बढ़ रही है और लोग न केवल भोजन ग्रहण करने आते हैं, बल्कि कई लोग सेवा करने के लिए भी आगे आ रहे हैं।
कार्यक्रम के संयोजक आदित्य गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत एक छोटे समूह ने की थी, परंतु आज यह समाज का सामूहिक उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि मासिक अन्न सेवा का उद्देश्य हर उस व्यक्ति तक पहुँचना है जो किसी कारणवश भरपेट भोजन से वंचित रह जाता है। कार्यक्रम के दौरान कई स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा स्वयंसेवक और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। सभी ने सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सही मायने में जोड़ते हैं।
संपूर्ण कार्यक्रम आपसी सहयोग और उत्साह से संपन्न हुआ। मासिक अन्न सेवा का यह आठवां अध्याय भी समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया और आने वाले समय में इस सेवा यात्रा के और अधिक विस्तृत होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मासिक अन्न सेवा कार्यक्रम न केवल भूख को मिटाने का प्रयास है, बल्कि यह मानवता की उस भावना का प्रतीक है जो समाज को मजबूत और जीवंत बनाती है।
यह कार्यक्रम अगले महीने फिर नई शक्ति और नए संकल्प के साथ आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है ताकि जरूरतमंदों तक यह सेवा और अधिक प्रभावी रूप से पहुँच सके।