01/01/2021
*अपनी संस्कृति अपना स्वाभिमान*
*जनवरी को क्या नया हो रहा है ?*
* न ऋतु बदली...न मौसम
* न कक्षा बदली...न सत्र
* न फसल बदली...न खेती
* न पेड़ पौधों की रंगत
* न सूर्य चाँद सितारों की दिशा
* ना ही नक्षत्र
ईस्वी संवत का नया साल 1 जनवरी को और भारतीय नववर्ष (विक्रमी संवत) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। आईये देखते हैं दोनों का तुलनात्मक अंतर...
*प्रकृति*
1 जनवरी को कोई अंतर नही जैसा दिसम्बर वैसी जनवरी ! चैत्र मास में चारो तरफ फूल खिल जाते हैं, पेड़ो पर नए पत्ते आ जाते हैं। चारो तरफ हरियाली मानो प्रकृति नया साल मना रही हो I
*वस्त्र*
दिसम्बर और जनवरी में वही वस्त्र, कंबल, रजाई, ठिठुरते हाथ पैर ! चैत्र मास में सर्दी जा रही होती है, गर्मी का आगमन होने जा रहा होता है I
*विद्यालयो का नया सत्र*
दिसंबर जनवरी वही कक्षा कुछ नया नहीं ! जबकि मार्च अप्रैल में स्कूलो का रिजल्ट आता है नई कक्षा नया सत्र यानि विद्यालयों में नया साल I
*नया वित्तीय वर्ष*
दिसम्बर-जनबरी में कोई खातो की क्लोजिंग नही होती ! जबकि 31 मार्च को बैंको की (Audit) कलोसिंग होती है नए वही खाते खोले जाते है I सरकार का भी नया सत्र शुरू होता है I
*कलैण्डर*
जनवरी में नया कलैण्डर आता है ! चैत्र में नया पंचांग आता है I उसी से सभी भारतीय पर्व, विवाह और अन्य महूर्त देखे जाते हैं I इसके बिना हिन्दू समाज जीबन की कल्पना भी नही कर सकता इतना महत्वपूर्ण है ये कैलेंडर यानि पंचांग I
*किसानो का नया साल*
दिसंबर-जनवरी में खेतो में वही फसल होती है ! जबकि मार्च-अप्रैल में फसल कटती है नया अनाज घर में आता है तो किसानो का नया वर्ष और उतसाह I
*पर्व मनाने की विधि*
31 दिसम्बर की रात नए साल के स्वागत के लिए लोग