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13/04/2022

Dr.BR.Ambedkar Library की ओर से आप सभी को बाबा साहब अम्बेडकर के 131वी जयंती पर हार्दिक शुभकामनाए

18 मार्च 1956 को, , बाबा साहब डॉ. आम्बेडकर ने प्रसिद्ध ऐतिहासिक भाषण आगरा के रामलीला मैदान मे दिया था ।क्या कहा था बाबा ...
13/04/2022

18 मार्च 1956 को, , बाबा साहब डॉ. आम्बेडकर ने प्रसिद्ध ऐतिहासिक भाषण आगरा के रामलीला मैदान मे दिया था ।
क्या कहा था बाबा साहब ने???
“मुझे इन पढ़े लिखे लोगों ने धोखा दिया है”.............बाबा साहब डॉ अम्बेडकर

#रामलीला_मैदान, #आगरा, ार्च_1956,

समाज के जिम्मेदार लोगों से बाबा साहब की अपील !!!

आम जन समूह से अपील -

पिछले तीस वर्षों से तुम लोगों के राजनैतिक अधिकार के लिये मै संघर्ष कर रहा हूँ। मैने तुम्हें संसद और राज्यों की विधान सभाओं में सीटों का आरक्षण दिलवाया। मैंने तुम्हारे बच्चों की शिक्षा के लिये उचित प्रावधान करवाये। आज, हम प्रगति कर सकते है। अब यह तुम्हारा कर्त्तव्य है कि सामाजिक, शैक्षणिक एवं आथिर्क गैर बराबरी को दूर करने हेतु एक जुट होकर इस संघर्ष को जारी रखो। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये तुम्हें हर प्रकार की कुर्बानियों के लिये तैयार रहना होगा, यहाँ तक कि खून बहाने के लिये भी।

नेताओ से अपील -

यदि कोई तुम्हें अपने महल में बुलाता है तो स्वेच्छा से जाओ। लेकिन अपनी झोपड़ी में आग लगाकर नहीं। यदि वह राजा किसी दिन आपसे झगड़ता है और आपको अपने महल से बाहर ढकेल देता है, तो उस समय तुम कहां जाओगे? यदि तुम अपने आपको बेचना चाहते हो तो बेचो, लेकिन किसी भी हालत में अपने संगठन को बर्वाद होने की कीमत पर नहीं। मुझे दूसरों से कोई खतरा नहीं है, लेकिन मै अपने लोगों से ही खतरा महसूस कर रहा हूँ।

भूमिहीन मजदूरों से अपील-

मै गाँव में रहने वाले भूमिहीन मजदूरों के लिये काफी चिंतित हूँ। मै उनके लिये ज्यादा कुछ नहीं कर पाया हूँ। मै उनकी दुख तकलीफों को नजरन्दाज नहीं कर पा रहा हूँ। उनकी तबाहियों का मुख्य कारण उनका भूमिहीन होना है। इसलिए वे अत्याचार और अपमान के शिकार होते रहते हैं और वे अपना उत्थान नहीं कर पाते। मै इसके लिये संघर्ष करूंगा। यदि सरकार इस कार्य में कोई बाधा उत्पन्न करती है तो मै इन लोगों का नेतृत्व करूंगा और इनकी वैधानिक लड़ाई लडूँगा। लेकिन किसी भी हालात में भूमिहीन लोगों को जमीन दिलवाले का प्रयास करूंगा।

अपने समर्थकों से अपील-

बहुत जल्दी ही मै तथागत बुद्ध के धर्म को अंगीकार कर लूंगा। यह प्रगतिवादी धर्म है। यह समानता, स्वतंत्रता एवं वंधुत्व पर आधारित है। मै इस धर्म को बहुत सालों के प्रयासों के बाद खोज पाया हूँ। अब मै जल्दी ही बुद्धिस्ट बन जाऊंगा। तब एक अछूत के रूप में मै आपके बीच नहीं रह पाऊँगा, लेकिन एक सच्चे बुद्धिस्ट के रूप में तुम लोगों के कल्याण के लिये संघर्ष जारी रखूंगा। मै तुम्हें अपने साथ बुद्धिस्ट बनने के लिये नहीं कहूंगा, क्योंकि मै आपको अंधभक्त नहीं बनाना चाहता परन्तु जिन्हें इस महान धर्म की शरण में आने की तमत्रा है वे बौद्ध धर्म अंगीकार कर सकते है, जिससे वे इस धर्म में दृढ़ विश्वास विशवास के साथ रहें और बौद्धाचरण का अनुसरण करें।

बौद्ध भिक्षुओं से अपील -

बौद्ध धम्म महान धर्म है। इस धर्म के संस्थापक तथागत बुद्ध ने इस धर्म का प्रसार किया और अपनी अच्छाईयों के कारण यह धर्म भारत में दूर-दूर तक गली-कूचों में पहुंच सका। लेकिन महान उत्कर्ष पर पहुंचने के बाद यह धर्म 1213 ई. में भारत से विलुप्त हो गया जिसके कई कारण हो सकते हैं। एक प्रमुख कारण यह भी है की बौद्ध भिक्षु विलासतापूर्ण एवं आरामतलब जिदंगी जीने के आदी हो गय थे। धर्म प्रचार हेतु स्थान-स्थान पर जाने की बजाय उन्होंने विहारों में आराम करना शुरू कर दिया तथा रजबाड़ो की प्रशंसा में पुस्तकें लिखना शुरू कर दिया। अब इस धर्म की पुनरस्थापना हेतु उन्हें कड़ी मेहनत करनी पडेगी। उन्हें दरवाजे-दरवाजे जाना पडेगा। मुझे समाज में एसे बहुत कम भिक्षु दिखाई देते हैं, इसलिये जन साधारण में से अच्छे लोगों को भी इस धर्म प्रसार हेतु आगे आना चाहिये और इनके संस्कारों को ग्रहण करना चाहिये।

शासकीय कर्मचारियों से अपील -

हमारे समाज की शिक्षा में कुछ प्रगति हुई है। शिक्षा प्राप्त करके कुछ लोग उच्च पदों पर पहूँच गये हैं परन्तु इन पढ़े लिखे लोगों ने मुझे धोखा दिया है। मै आशा कर रहा था कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे समाज की सेवा करेंगे, किन्तु मै देख रहा हूँ कि छोटे और बडे क्लर्कों की एक भीड़ एकत्रित हो गई है, जो अपनी तौदें (पेट) भरने में व्यस्त हैं। मेरा आग्रह है कि जो लोग शासकीय सेवाओं में नियोजित हैं, उनका कर्तव्य है कि वे अपने वेतन का 20वां भाग (5%) स्वेच्छा से समाज सेवा के कार्य हेतु दें। तभी समग्र समाज प्रगति कर सकेगा अन्यथा केवल चन्द लोगों का ही सुधार होता रहेगा। कोई बालक जब गांव में शिक्षा प्राप्त करने जाता है तो संपूर्ण समाज की आशायें उस पर टिक जाती हैं। एक शिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता समाज के लिये वरदान साबित हो सकता है।

छात्रों एवं युवाओं से अपील -

मेरी छात्रों से अपील है की शिक्षा प्राप्त करने के बाद किसी प्रकार कि क्लर्की करने के बजाय उसे अपने गांव की अथवा आस-पास के लोगों की सेवा करना चाहिये। जिससे अज्ञानता से उत्पत्र शोषण एवं अन्याय को रोका जा सके। आपका उत्थान समाज के उत्थान में ही निहित है।
"आज मेरी स्थिति एक बड़े खंभे की तरह है, जो विशाल टेंट को संभाल रही है। मै उस समय के लिये चिंतित हूँ कि जब यह खंभा अपनी जगह पर नहीं रहेगा। मेरा स्वास्थ ठीक नहीं रहता है। मै नहीं जानता, कि मै कब आप लोगों के बीच से चला जाऊँ। मै किसी एक ऐसे नवयुवक को नहीं ढूंढ पा रहा हूँ, जो इन करोड़ों असहाय और निराश लोगों के हितों की रक्षा करने की जिम्मेदारी ले सके। यदि कोई नौजवान इस जिम्मेदारी को लेने के लिये आगे आता है, तो मै चैन से मर सकूंगा।"

संदर्भ- सलेक्टेड स्पीच ऑफ डॉ अम्बेडकर - लेखक डी.सी. अहीर पृष्ठ क्रमांक 110 से 11 तक के भाषण का हिन्दी अनुवाद.

बुद्धं शरणं गच्छामि : मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ।धम्मं शरणं गच्छामि : मैं धर्म की शरण लेता हूँ।संघं शरणं गच्छामि : मैं सं...
19/03/2022

बुद्धं शरणं गच्छामि : मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ।
धम्मं शरणं गच्छामि : मैं धर्म की शरण लेता हूँ।
संघं शरणं गच्छामि : मैं संघ की शरण लेता हूँ।

17/03/2022

होली मनाने से पहले होली के बारे मे एक बार जरूर पूरी पोस्ट पढ़े 👇👇👇

होली कोई त्योहार नहीं शाहदत है !
प्रह्लाद के पिता का नाम हिरण्यकश्यप था।
हिरण्यकश्यप हरिद्रोही अर्थात आज का आधुनिक हरिदोई जिला जो उत्तर प्रदेश में है वहाँ का राजा था
( हरि = ईश्वर और द्रोही = द्रोह करने वाला यानि यहाँ के लोग ईश्वर को नहीं मानते थे )
हिरण्यकश्यप की एक बहन थी जिसका नाम होलिका था।
होलिका युवा और बहादुर लड़की थी।
वह आर्यों से युद्ध में हिरण्यकश्यप के समान ही
लड़ती थी।
हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद निकम्मा और अवज्ञाकारी था।
आर्यों ने उसे सुरा (शराब ) पिला- पिलाकर नशेड़ी बना दिया था।
जिससे वह आर्यों का दास (भक्त) बन गया था।
नशेड़ी हो जाने के कारण वह अपने नशेड़ी साथियों के
साथ बस्ती से बाहर ही रहता था।
👉🏻पुत्र मोह के कारण प्रह्लाद की माॅ अपनी ननद होलिका से उसके लिए खाना (भोजन) भेजवा दिया करती थी।
एक दिन होलिका शाम के समय जब उसे भोजन देने गयी तो नशेड़ी आर्यों ने उसके साथ बदसलूकी की और फिर उसे जलाकर मार डाला।
प्रातः तक जब होलिका घर न पहुंची तब राजा को बताया गया।
राजा ने पता लगवाया तो मालूम हुआ कि शाम को
होलिका इधर गयी थी लेकिन
वापस नहीं आई।
तब राजा ने उस क्षेत्र के आर्यों को पकड़वाकर और उनके मुॅह पर कालिख पोतवाकर माथे पर कटार या तलवार से चिन्ह बनवा दिया और घोषित कर दिया कि ये कायर लोग हैं।
👉🏻साहित्य में "वीर" शब्द का अर्थ है --- बहादुर या बलवान।
वीर के आगे 'अ' लगाने पर अवीर हो जाता है।
अवीर का मतलब कायर या बुजदिल
होली के दिन लोग माथे पर जो लाल. हरा. पीला और लाल लगाते हैं उसे अवीरकहते हैं।
यानि कि इस देश के सभी लोग होली के दिन अपनी बहन /बुआ का शहादत दिवस मनाने के बजाय खुशी खुशी स्वयं से "कायर" बनते हैं और खुशियाँ भी मनाते है
अवीर लगाना कायरता की निशानी है
SC. ST. OBC. MINORITY को यह नहीं लगाना चाहिए न ही होली में खुशिया मनानी चाहिए।
बल्कि Sc St Obc Minority को होली को होलिका शहादत- दिवस के रूप में मनाना चाहिए।
जिस समय यह घटना घटी थी उस समय जातियाॅ नहीं थीं जातियां बाद में बनी।
इस कारण होलिका ( DNA रिपोर्ट के अनुसार ) सभी St,Tc Obc,Minority की बहन/बुआ हुई ।
जो अपने को हिन्दू समझते हैं वे आज भी रात्रि में अपना मुर्दा नहीं जलाते हैं
होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में स्वयं नहीं बैठी थी यदि गोद में लेकर बैठी होती तो दोनों जलकर राख हो जाते !
ऐसा असम्भव है कि साथ -साथ बैठे व्यक्ति में से एक न जले।
हमारा समाज कुछ पढ़ना नहीं चाहता जिससे उसे अपने इतिहास की जानकारी नहीं हो पा रही है। जानकारी के अभाव में अपने पूर्वजों के हत्यारों राम ,दुर्गा आदि की जय जयकार करता है।
पाठकों को इस पर चिन्तन करना चाहिए
और हमारे पूर्वजो के कातिलों के जश्न पर प्रतिबन्ध लगानी चाहिए !
धन्यवाद 🙏🙏🙏 Sent by:- Law Professor and Advocate Suresh Bauddh from Rajkot State:- Gujarat= CO1XX

15/03/2022

पहले
"शुद्र द राइजिंग"
फिर
"द कश्मीर फाइल्स"

बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जीकी जयंती पर सत सत नमन
15/03/2022

बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी
की जयंती पर सत सत नमन

भारतीय गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
26/01/2022

भारतीय गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

30/12/2021

" शिक्षा शेरनी का वो दूध हैं,
जो पिएगा वो दहाड़ेगा "

संविधान के शिल्पकार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के 66 वे परिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।।
06/12/2021

संविधान के शिल्पकार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के 66 वे परिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।।

दलित समाज उत्थान के लिए समर्पितमहान समाज सुधारकमहात्मा ज्योतिबा फुले जी के पुण्यतिथि पर शत शत नमन
28/11/2021

दलित समाज उत्थान के लिए समर्पित
महान समाज सुधारक
महात्मा ज्योतिबा फुले जी के
पुण्यतिथि पर शत शत नमन

सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।इस अवसर पर उन सभी विभूतियों को नमन जिनका संविधान निर्माण में अमूल्य...
26/11/2021

सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
इस अवसर पर उन सभी विभूतियों को नमन जिनका संविधान निर्माण में अमूल्य योगदान रहा है।

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