11/09/2025
हमारे समाज में पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता की रक्षा करना है। लेकिन जब कोई पुलिस अधिकारी ही पब्लिक प्लेस में अपमानजनक शब्दों या गाली-गलौच का प्रयोग करता है, तो यह न केवल पुलिस की गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि आम जनता के सम्मान पर भी हमला है। कुछ पुलिस अधिकारियों का असंवेदनशील व्यवहार व भाषा, जनता और पुलिस के बीच आपसी सम्मान के रिश्ते पर प्रहार है।
👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को गरिमा और सम्मान से जीने का अधिकार देता है।
👉 भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 166 के अनुसार, यदि कोई लोक सेवक अपने पद का दुरुपयोग कर नागरिकों के अधिकारों का हनन करता है, तो यह अपराध है।
👉 इसके अलावा, पुलिस आचार संहिता (Police Conduct Rules) साफ कहती है कि ड्यूटी पर रहते हुए अधिकारी को सभ्य, संयमित और मर्यादित भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए।
📢 हम सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं पर चुप न रहें और यह मांग करें कि—
✔️ पब्लिक प्लेस में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
✔️ सभी अधिकारियों को नियमित रूप से संवेदनशीलता व व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए।
✔️ पुलिस-जनता के बीच रिश्ता आपसी सम्मान और भरोसे का हो।